रक्षा

Kheybar Shekan Missile: ईरान बैलिस्टिक मिसाइल और IRGC

Kheybar Shekan Missile: ईरान बैलिस्टिक मिसाइल और IRGC

चर्चा में क्यों?

मध्य पूर्व (Middle East) में हालिया तनाव के दौरान, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (Islamic Revolutionary Guard Corps - IRGC) ने इजरायल (Israel) से जुड़े ठिकानों (targets) पर हमलों में अपनी खेबर शेकन (Kheybar Shekan) मिसाइल का उपयोग करने का दावा किया है। इस घोषणा ने इस नई मिसाइल प्रणाली की क्षमताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया।

पृष्ठभूमि

ईरान ने 2022 में तीसरी पीढ़ी की ठोस-ईंधन (solid-fuel) बैलिस्टिक मिसाइल के रूप में खेबर शेकन (शाब्दिक रूप से "खेबर को तोड़ने वाला - Breaker of Khaybar") का अनावरण किया। यह ईरान के खोर्रमशहर (Khorramshahr) मिसाइल परिवार का हिस्सा है, जो 2017 से कई पुनरावृत्तियों (iterations) में विकसित हुआ है। यह नाम 628 ईस्वी में लड़ी गई खैबर की ऐतिहासिक लड़ाई (Battle of Khaybar) को संदर्भित करता है, जो ईरान के मिसाइल कार्यक्रम के वैचारिक उपक्रमों (ideological undertones) को उजागर करता है।

प्रमुख विशेषताएं

  • रेंज और आकार: मिसाइल लगभग 11.4 मीटर लंबी है और लगभग 1,450 किलोमीटर दूर तक लक्ष्य पर प्रहार कर सकती है। यह रेंज पश्चिम एशिया के अधिकांश हिस्सों को कवर करती है।
  • ठोस-ईंधन प्रणोदन (Solid-fuel propulsion): पहले की ईरानी मिसाइलों के विपरीत, जिनमें तरल ईंधन (liquid fuel) का उपयोग किया जाता था, खेबर शेकन ठोस प्रणोदक (solid propellant) का उपयोग करता है। ठोस ईंधन प्रक्षेपण (launch) की तैयारी के समय को कम करता है, सीलबंद कनस्तरों (sealed canisters) में भंडारण (storage) की अनुमति देता है और मिसाइल को परिवहन (transport) के लिए आसान बनाता है।
  • पैंतरेबाज़ी करने वाला वारहेड (Manoeuvrable warhead): रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मिसाइल में लगभग 550 किलोग्राम वजनी एक उच्च-विस्फोटक वारहेड (high-explosive warhead) होता है। सैटेलाइट-एडेड गाइडेंस (Satellite-aided guidance) और पैंतरेबाज़ी री-एंट्री वाहन (re-entry vehicles) इसकी सटीकता (accuracy) में सुधार करते हैं और अवरोधन (interception) को और अधिक कठिन बना देते हैं।
  • गतिशीलता (Mobility): अपेक्षाकृत कॉम्पैक्ट डिजाइन का मतलब है कि मिसाइल को मोबाइल लांचर और यहां तक कि संशोधित वाणिज्यिक वाहनों (commercial vehicles) सहित विभिन्न प्लेटफार्मों (platforms) से लॉन्च किया जा सकता है। इस तरह की गतिशीलता विरोधियों द्वारा पता लगाने (detection) को जटिल बनाती है।
  • सांस्कृतिक प्रतीकवाद (Cultural symbolism): "खेबर शेकन" नाम ईरान के समकालीन सैन्य कार्यों (contemporary military actions) को प्रारंभिक इस्लामी इतिहास (early Islamic history) से जोड़ता है, जो इजरायल (Israel) के साथ टकराव में सरकार के वैचारिक आख्यान (ideological narrative) को मजबूत करता है।

निहितार्थ (Implications)

खेबर शेकन की तैनाती (deployment) स्वदेशी मिसाइल तकनीक में ईरान की प्रगति को रेखांकित करती है। इसका ठोस-ईंधन प्रणोदन और सटीक मार्गदर्शन पुरानी तरल-ईंधन प्रणालियों पर निर्भरता (reliance) को कम करता है, जो अधिक चुस्त और जीवित मिसाइलों (agile and survivable missiles) की ओर बदलाव का संकेत देता है। हालांकि, संघर्ष में इसका उपयोग क्षेत्रीय स्थिरता (regional stability) और वृद्धि की संभावना के बारे में चिंता पैदा करता है।

स्रोत: Euronews

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