समाचार में क्यों?
मध्य प्रदेश के धार जिले के ऐतिहासिक शहर मांडू में उगने वाले Baobab पेड़ के फल, जिसे स्थानीय रूप से Khurasani Imli या Mandav Imli के रूप में जाना जाता है, को June 2026 में Geographical Indication (GI) टैग मिला। उम्मीद है कि इस प्रमाणीकरण से इस खट्टे फल और इससे बने उत्पादों की ब्रांडिंग को बढ़ावा मिलेगा और कानूनी सुरक्षा मिलेगी।
पृष्ठभूमि
Baobab पेड़ (Adansonia digitata) मूल रूप से अफ्रीका और अरब क्षेत्रों में पाया जाता है। इतिहासकारों का मानना है कि अफगान और अरब व्यापारियों ने लगभग छह सौ साल पहले सल्तनत काल के दौरान इसे मांडू में पेश किया था। समय के साथ स्थानीय लोगों ने इस फल को "Khurasani Imli" कहना शुरू कर दिया और इसका उपयोग खट्टे एजेंट और टॉनिक के रूप में किया। Geographical Indications of Goods (Registration and Protection) Act, 1999 अद्वितीय क्षेत्रीय गुणों वाले उत्पादों को पंजीकृत करने की अनुमति देता है और अधिकृत उपयोगकर्ताओं को विशेष अधिकार प्रदान करता है। GI टैग 10 वर्षों के लिए वैध होते हैं और इन्हें अनिश्चित काल तक नवीनीकृत किया जा सकता है।
महत्वपूर्ण बिंदु
- अद्वितीय विशेषताएं: इस फल का बाहरी हिस्सा हल्का-हरा होता है और इसमें मीठा-खट्टा गूदा होता है जो विटामिन सी, एंटीऑक्सिडेंट और आवश्यक खनिजों से भरपूर होता है। आदिवासी समुदाय पाचन विकारों, बुखार और थकान के इलाज के लिए इसके गूदे, रस और छाल का उपयोग करते हैं।
- आर्थिक क्षमता: मान्यता मिलने से जैम और पेय पदार्थों जैसे मूल्य वर्धित उत्पादों (value-added products) को प्रोत्साहित करने, स्थानीय आजीविका के अवसर पैदा करने और मांडू के 1 000 से अधिक Baobab पेड़ों के संरक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- विरासत का पौधा: Baobab का फूला हुआ तना पानी जमा करता है, जिससे इसे सूखे से बचने में मदद मिलती है। अफ्रीका में इस पेड़ का सांस्कृतिक महत्व है और यह सबसे पुरानी जीवित वृक्ष प्रजातियों में से एक है। मांडू में इसका प्रवेश भारत, अरब और अफ्रीका के बीच सदियों के व्यापार को दर्शाता है।
निष्कर्ष
Khurasani Imli को GI टैग देना मांडू के Baobab उपवनों की अनूठी विरासत को मान्यता देता है और किसानों तथा कारीगरों के लिए नए आर्थिक अवसर खोलता है। फल को इसके उद्गम स्थान से जोड़कर, प्रमाणन स्थानीय ज्ञान की रक्षा कर सकता है और यह सुनिश्चित कर सकता है कि व्यावसायीकरण का लाभ समुदाय तक पहुंचे।