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Lokayan 26: INS Sudarshini यात्रा, अटलांटिक क्रॉसिंग और कूटनीति

Lokayan 26: INS Sudarshini यात्रा, अटलांटिक क्रॉसिंग और कूटनीति

समाचार में क्यों?

27 May 2026 को भारतीय नौसेना का सेल ट्रेनिंग शिप (sail training ship) INS Sudarshini केप वर्डे (Cape Verde) से अपनी ट्रांस-अटलांटिक यात्रा (trans‑Atlantic voyage) का सबसे लंबा चरण पूरा करने के बाद कैरेबियन (Caribbean) में एंटीगुआ (Antigua) पहुंचा। यह ठहराव Lokayan 26 में एक मील का पत्थर साबित हुआ, जो दस महीने का अभियान (expedition) है, जो 22,000 समुद्री मील (nautical miles) को कवर करता है और 13 देशों में 18 बंदरगाहों का दौरा करता है。

पृष्ठभूमि

भारतीय नौसेना (Indian Navy) सीमैनशिप (seamanship) में कैडेटों को प्रशिक्षित करने और भारत की समुद्री विरासत (maritime heritage) को प्रदर्शित करने के लिए लंबे जहाज़ों (tall ships) का उपयोग करती है। INS Sudarshini, जिसे 2012 में कमीशन किया गया था, एक तीन मस्तूल वाला बार्क (three-masted barque) और नौसेना का दूसरा सेल ट्रेनिंग शिप है। यह पहले ही 1.40 lakh समुद्री मील (nautical miles) से अधिक की यात्रा कर चुका है। 20 January 2026 को कोच्चि (Kochi) से शुरू हुई Lokayan 26 यात्रा, वसुधैव कुटुम्बकम (Vasudhaiva Kutumbakam) ("दुनिया एक परिवार है") के दृष्टिकोण (vision) का सम्मान करती है और इसका उद्देश्य बंदरगाह यात्राओं (port visits) के माध्यम से सद्भावना और मित्रता (goodwill and friendship) को बढ़ावा देना है。

उद्देश्य और गतिविधियां (Purpose and activities)

  • सेल ट्रेनिंग (Sail training): भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल (Coast Guard) के 200 से अधिक प्रशिक्षु (trainees) लंबी दूरी के नेविगेशन (long‑range navigation), पारंपरिक सीमैनशिप और टीमवर्क (teamwork) में व्यावहारिक प्रशिक्षण (hands‑on training) से गुज़रेंगे। लंबे जहाज़ों पर प्राप्त अनुभव कैडेटों के बीच नेतृत्व और लचीलापन (resilience) विकसित करने में मदद करता है।
  • कूटनीति और आउटरीच (Diplomacy and outreach): यह जहाज़ अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका में 18 विदेशी बंदरगाहों का दौरा कर रहा है। यह अंतरराष्ट्रीय टॉल-शिप फेस्टिवल (international tall‑ship festivals) जैसे फ्रांस में एस्केल ए सेते (Escale à Sète) और न्यूयॉर्क में SAIL 250 में भाग लेगा, जो भारत की समुद्री परंपराओं (seafaring traditions) को प्रदर्शित करेगा और समुद्री साझेदारी (maritime partnerships) का निर्माण करेगा।
  • सांस्कृतिक आदान-प्रदान (Cultural exchange): प्रत्येक बंदरगाह पर चालक दल (crew) खुले जहाज़ों (open ships), सांस्कृतिक प्रदर्शन (cultural performances) और संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय समुदायों के साथ जुड़ता है, संबंधों को मज़बूत करता है और आपसी समझ को बढ़ावा देता है।
  • ऐतिहासिक पार (Historical crossing): केप वर्डे (Cape Verde) से एंटीगुआ (Antigua) तक का चरण एक भारतीय नौसेना के लंबे जहाज़ द्वारा किया गया अब तक का सबसे लंबा अटलांटिक पार (Atlantic crossing) था। कोच्चि से प्रस्थान करने के बाद से यह जहाज़ 10,000 समुद्री मील (nautical miles) से अधिक की यात्रा कर चुका है और कैरेबियन में पुनःपूर्ति (replenishment) के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका की ओर बढ़ता रहेगा।

निष्कर्ष

Lokayan 26 प्रशिक्षण, कूटनीति और सांस्कृतिक आउटरीच (cultural outreach) के प्रति भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। पाल के नीचे महासागरों को पार करके, INS Sudarshini भारत की समुद्री विरासत (maritime heritage) का प्रतीक है और महाद्वीपों (continents) में मित्रता के पुल (bridges of friendship) बनाता है。

स्रोत

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