अर्थव्यवस्था

Lower Arun Hydropower Project: नेपाल स्वच्छ ऊर्जा और भारत-नेपाल संबंध

Lower Arun Hydropower Project: नेपाल स्वच्छ ऊर्जा और भारत-नेपाल संबंध

चर्चा में क्यों?

पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड (Patel Engineering Ltd.) ने हाल ही में पूर्वी नेपाल में 679-मेगावाट (megawatt) लोअर अरुण जलविद्युत परियोजना (Lower Arun Hydropower Project) के निर्माण के लिए एक बड़ा अनुबंध हासिल किया है। यह परियोजना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बड़े भंडारण बांध (storage dam) का निर्माण किए बिना अरुण नदी (Arun River) की शक्ति का उपयोग करती है, और यह पड़ोसी देशों में नेपाल के स्वच्छ-ऊर्जा (clean-energy) निर्यात का विस्तार करेगी।

पृष्ठभूमि

लोअर अरुण परियोजना संखुवासभा (Sankhuwasabha) और भोजपुर (Bhojpur) जिलों में अरुण-3 जलविद्युत संयंत्र के नीचे (downstream) स्थित है। एक जलाशय (reservoir) बनाने के बजाय, यह टेलरेस विकास (tailrace development) के रूप में कार्य करेगा: अपस्ट्रीम अरुण-3 बिजली स्टेशन से निकलने वाला पानी नदी में लौटने से पहले लोअर अरुण टर्बाइनों के माध्यम से और नीचे गिर जाएगा। इस परियोजना में चार फ्रांसिस-प्रकार (Francis-type) के टर्बाइनों का उपयोग किया जाएगा और सालाना लगभग 2.97 बिलियन यूनिट बिजली पैदा होने की उम्मीद है। यह 25 वर्षों के लिए बिल्ड-ओन-ऑपरेट-ट्रांसफर (build–own–operate–transfer - BOOT) मॉडल के तहत काम करेगा, जिसके बाद इसे नेपाल सरकार को सौंप दिया जाएगा।

परियोजना क्यों मायने रखती है

  • पानी का कुशल उपयोग (Efficient use of water): अपस्ट्रीम अरुण-3 परियोजना के टेलरेस पानी (tailrace water) का उपयोग करके, लोअर अरुण संयंत्र बड़े बांध के निर्माण (constructing a large dam) या समुदायों को विस्थापित (displacing communities) किए बिना अतिरिक्त बिजली पैदा करता है।
  • नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार (Renewable energy expansion): नेपाल में जलविद्युत (hydropower) की अपार क्षमता है, और लोअर अरुण परियोजना क्षेत्रीय ऊर्जा केंद्र (regional energy hub) बनने के देश के प्रयासों को जोड़ती है। उत्पन्न बिजली नेपाल की घरेलू आपूर्ति (domestic supply) में योगदान देगी और इसे भारत तथा बांग्लादेश (Bangladesh) को निर्यात किया जा सकता है।
  • आर्थिक सहयोग (Economic cooperation): एक भारतीय कंपनी द्वारा जीता गया अनुबंध भारत और नेपाल के बीच बढ़ते ऊर्जा सहयोग (energy collaboration) को रेखांकित करता है। इस तरह की साझेदारी क्षेत्रीय संबंधों को मजबूत करती है और टिकाऊ बुनियादी ढांचे (sustainable infrastructure) में निवेश को बढ़ावा देती है।

स्रोत: Devdiscourse

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