चर्चा में क्यों?
असम का मानस नेशनल पार्क एक सींग वाले गैंडे (greater one-horned rhinoceros) और पिग्मी हॉग (pygmy hog) जैसी लुप्तप्राय प्रजातियों (endangered species) के संरक्षण में अपनी सफलता के लिए ध्यान आकर्षित कर रहा है। हाल के सर्वेक्षणों से इन जानवरों की स्थिर या बढ़ती आबादी की रिपोर्ट मिली है, जो दशकों की अशांति के बाद प्रभावी प्रबंधन को दर्शाता है। एक बाघ अभयारण्य (tiger reserve), बायोस्फीयर रिजर्व (biosphere reserve) और हाथी अभयारण्य के रूप में पार्क की विश्व धरोहर स्थिति (World Heritage status) और बहु-पदनाम इसे एक महत्वपूर्ण संरक्षण क्षेत्र बनाता है।
पृष्ठभूमि
भूटान सीमा (Bhutan border) के पास पूर्वी हिमालय (eastern Himalayas) की तलहटी में स्थित, मानस वन्यजीव अभयारण्य (Manas Wildlife Sanctuary) मानस टाइगर रिजर्व (Manas Tiger Reserve) का मुख्य भाग बनाता है। संरक्षित क्षेत्र लगभग 39,100 हेक्टेयर को कवर करता है और यह 283,700-हेक्टेयर के एक बड़े रिजर्व का हिस्सा है। 1928 में एक अभयारण्य के रूप में स्थापित, इसे 1990 में एक राष्ट्रीय उद्यान (national park) घोषित किया गया और जल्द ही यूनेस्को की विश्व विरासत सूची (UNESCO World Heritage list) में शामिल हो गया। इसका भूभाग भाभर सवाना (bhabar savannah) और तराई घास के मैदानों (terai grasslands) से लेकर मानस नदी के किनारे नदी के जंगलों और दलदलों (marshes) तक फैला हुआ है। ये विविध आवास वनस्पतियों और जीवों की एक विस्तृत विविधता का समर्थन करते हैं।
पारिस्थितिक महत्व (Ecological significance)
- प्रजातियों की विविधता: मानस में लगभग 60 स्तनपायी प्रजातियाँ (mammal species), 42 सरीसृप (reptiles), सात उभयचर (amphibians) और पक्षियों की लगभग 500 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह भारत के 22 सबसे अधिक संकटग्रस्त स्तनधारियों का घर है, जिनमें बाघ, एशियाई हाथी, एक सींग वाले गैंडे, जंगली जल भैंस (wild water buffalo), पिग्मी हॉग और हिस्पिड हेयर (hispid hare) शामिल हैं।
- सीमा पार पार्क (Transboundary park): यह रिज़र्व भूटान में रॉयल मानस नेशनल पार्क (Royal Manas National Park) के साथ एक सीमा साझा करता है, जो प्रवासी वन्यजीवों के लिए एक महत्वपूर्ण परिदृश्य बनाता है।
- बहु पदनाम (Multiple designations): मानस एक ही समय में एक विश्व धरोहर स्थल, राष्ट्रीय उद्यान, बाघ अभयारण्य, बायोस्फीयर रिजर्व, हाथी अभयारण्य और महत्वपूर्ण पक्षी क्षेत्र (Important Bird Area) है।
- संरक्षण के प्रयास: 1990 और 2000 के दशक की शुरुआत में भारी अवैध शिकार (poaching) के बाद सामुदायिक भागीदारी, अवैध शिकार विरोधी गश्त और प्रजातियों के पुनर्वास कार्यक्रमों ने वन्यजीव आबादी को बहाल करने में मदद की है।
- पर्यटन (Tourism): मानस में इको-टूरिज्म स्थानीय लोगों को आजीविका और संरक्षण के लिए धन प्रदान करता है। आगंतुक जीप और हाथी सफारी ले सकते हैं और राफ्ट (raft) द्वारा नदी का पता लगा सकते हैं।
निष्कर्ष
मानस नेशनल पार्क इस बात का उदाहरण है कि कैसे ठोस संरक्षण प्रयास पारिस्थितिक तंत्र (ecosystems) को पुनर्जीवित कर सकते हैं। लुप्तप्राय प्रजातियों और स्थानीय समुदायों की आजीविका के लिए घास के मैदानों, जंगलों और आर्द्रभूमियों (wetlands) के इसके मोज़ेक (mosaic) की रक्षा करना आवश्यक है। यूनेस्को के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्रतिष्ठा तो जोड़ती है लेकिन यह जिम्मेदारी भी लाती है कि विकास का दबाव इसकी पारिस्थितिक अखंडता (ecological integrity) को नष्ट न करे।