भूगोल

Mansar Lake: जम्मू और कश्मीर, रामसर स्थल और आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी

Mansar Lake: जम्मू और कश्मीर, रामसर स्थल और आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी

चर्चा में क्यों?

खुफिया एजेंसियों (intelligence agencies) द्वारा पर्यटन सुविधाओं (tourist facilities) के लिए संभावित खतरों को झंडी दिखाने के बाद, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने हाल ही में जम्मू और कश्मीर की मानसर झील (Mansar Lake) में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। हालांकि सुरक्षा समीक्षा नियमित (routine) थी, लेकिन इसने जनता को इस अनूठी झील के पारिस्थितिक (ecological) और सांस्कृतिक महत्व की याद दिला दी।

पृष्ठभूमि

मानसर झील सांबा जिले (Samba district) की शिवालिक पहाड़ियों (Shivalik hills) में स्थित एक मीठे पानी की झील (freshwater lake) है, जो जम्मू शहर से लगभग 60 किमी दूर है। अंडाकार आकार की यह झील लगभग एक किलोमीटर लंबी और आधा किलोमीटर चौड़ी है, जिसकी गहराई लगभग 38 मीटर है। यह बारिश के पानी और भूमिगत झरनों (underground springs) से पोषित होती है और सुरिंसर-मानसर झीलों के रामसर स्थल (Surinsar-Mansar Lakes Ramsar site) का हिस्सा है, जिसे इसके पारिस्थितिक महत्व के लिए 2005 में नामित किया गया था।

प्रमुख विशेषताएं

  • पारिस्थितिक समृद्धि: शैवाल (algae) की 200 से अधिक प्रजातियां और कई मछलियां झील में निवास करती हैं, जो जलपक्षी (waterfowl) और प्रवासी पक्षियों (migratory birds) के लिए भोजन प्रदान करती हैं। आसपास की आर्द्रभूमियां (wetlands) उभयचरों (amphibians) और सरीसृपों (reptiles) का समर्थन करती हैं।
  • हाइड्रोलॉजिकल लिंक (Hydrological link): मानसर झील लगभग 20 किमी दूर सुरिंसर झील (Surinsar Lake) से हाइड्रोलॉजिकल रूप से जुड़ी हुई है। साथ मिलकर ये झीलें स्थानीय सूक्ष्म-जलवायु (micro-climates) को नियंत्रित करती हैं और भूजल (groundwater) को रिचार्ज करती हैं।
  • सांस्कृतिक महत्व: स्थानीय किंवदंती के अनुसार, यह झील सर्प देवता शेषनाग (serpent god Sheshnag) से जुड़ी है, और इसके तट पर शेषनाग, दुर्गा और उमापति महादेव को समर्पित मंदिर हैं। नवविवाहित जोड़े (Newly-weds) अक्सर अपने वैवाहिक जीवन के लिए आशीर्वाद लेने के लिए यहां अनुष्ठान (rituals) करते हैं।
  • पर्यटन और मनोरंजन: झील की प्राकृतिक सुंदरता, नौका विहार (boating) सुविधाएं और वनाच्छादित परिवेश इसे एक लोकप्रिय पिकनिक स्थल बनाते हैं। झील के चारों ओर एक नेचर ट्रेल (nature trail) आगंतुकों को पक्षियों और बंदरों को देखने की अनुमति देता है।

संरक्षण की चुनौतियां

  • प्रदूषण: पर्यटकों की बढ़ती संख्या और अनुपचारित सीवेज (untreated sewage) पानी की गुणवत्ता के लिए खतरा पैदा करते हैं। किनारे के साथ प्लास्टिक कचरे का संचय जलीय जीवन (aquatic life) को नुकसान पहुंचाता है।
  • कटाव और गाद (Erosion and siltation): जलग्रहण क्षेत्र (catchment) में वनों की कटाई से मिट्टी का क्षरण होता है, जिससे झील की गहराई कम हो जाती है और इसकी पारिस्थितिकी बदल जाती है।
  • अतिक्रमण (Encroachment): बुनियादी ढांचे और पर्यटन सुविधाओं के विस्तार से आर्द्रभूमि क्षेत्रों (wetland areas) पर अतिक्रमण होने का खतरा है। झील के रामसर मूल्यों (Ramsar values) को संरक्षित करने के लिए संतुलित विकास की आवश्यकता है।

निष्कर्ष

मानसर झील न केवल एक शांत पलायन स्थल (tranquil getaway) है, बल्कि एक पवित्र स्थल और जम्मू-कश्मीर के लिए एक पारिस्थितिक संपत्ति भी है। निरंतर संरक्षण प्रयास, विनियमित पर्यटन (regulated tourism) और जागरूकता अभियान यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि यह झील आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और आध्यात्मिक रूप से जीवंत बनी रहे।

स्रोत: द प्रिंट

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