विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

Monsoon Forecasting: IMD, ब्लॉक-स्तरीय एआई मॉडल और वर्षा

Monsoon Forecasting: IMD, ब्लॉक-स्तरीय एआई मॉडल और वर्षा

चर्चा में क्यों?

12 मई 2026 को भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दो कृत्रिम-बुद्धिमत्ता (AI) सक्षम मौसम मॉडल (weather models) का अनावरण किया: एक ब्लॉक-स्तरीय मानसून की शुरुआत का पूर्वानुमान (block-level monsoon onset forecast) और एक उच्च-रिज़ॉल्यूशन वर्षा पूर्वानुमान पायलट (high-resolution rainfall forecast pilot)। नई प्रणाली चार दिनों के त्रुटि मार्जिन (error margin) के साथ विशिष्ट ब्लॉकों के लिए चार सप्ताह पहले तक मानसून की शुरुआत की भविष्यवाणी कर सकती है। यह वर्तमान में 15 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के 3,196 ब्लॉकों को कवर करता है।

पृष्ठभूमि

भारत की कृषि दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय और वितरण पर बहुत अधिक निर्भर करती है, जो वार्षिक वर्षा का लगभग 70 प्रतिशत आपूर्ति करता है। किसान परंपरागत रूप से जिला-स्तरीय पूर्वानुमानों पर भरोसा करते हैं, जो बुवाई (sowing) के सटीक निर्णयों के लिए अक्सर बहुत व्यापक होते हैं। मशीन लर्निंग में प्रगति अब मौसम एजेंसियों को छोटे क्षेत्रों में व्यापक वायुमंडलीय मॉडल को डाउनस्केल (downscale) करने की अनुमति देती है।

IMD ने भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) और राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (NCMRWF) के सहयोग से ब्लॉक-स्तरीय मॉडल विकसित किया है। मॉडल स्वचालित रेन गेज (automatic rain gauges), मौसम स्टेशनों, डॉपलर रडार और उपग्रहों (satellites) के डेटा को संश्लेषित (synthesises) करता है। यह बहु-दशकीय मानसून पैटर्न (multi-decadal monsoon patterns) का विश्लेषण करने और प्रत्येक ब्लॉक के लिए मानसून की शुरुआत की भविष्यवाणी करने के लिए AI एल्गोरिदम का उपयोग करता है।

मुख्य विशेषताएं

  • प्रत्येक ब्लॉक के लिए चार सप्ताह पहले तक मानसून की बारिश के अपेक्षित आगमन पर साप्ताहिक अपडेट प्रदान करता है। शुरुआत (Onset) को अगले 30 दिनों में लंबे शुष्क अवधि के बिना लगातार पांच दिन की बारिश के रूप में परिभाषित किया गया है।
  • 15 राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 3,196 ब्लॉकों को कवर करता है, जिनमें से अधिकांश वर्षा आधारित क्षेत्रों (rain-fed regions) में हैं, जहां बुवाई के लिए समय पर बारिश महत्वपूर्ण है।
  • उत्तर प्रदेश में उच्च-रिज़ॉल्यूशन वर्षा पायलट AI डाउनस्केलिंग का उपयोग करके 10 दिन पहले तक 1-किमी ग्रिड पर पूर्वानुमान तैयार करता है।
  • पूर्वानुमानों को एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (APIs), एग्री स्टैक (Agri Stack) डिजिटल प्लेटफॉर्म और राज्य कृषि विभागों के माध्यम से प्रसारित किया जाएगा, जिससे किसान स्थानीय अलर्ट प्राप्त कर सकेंगे।

लाभ

नई प्रणाली किसानों को यह तय करने में मदद कर सकती है कि फसल कब बोनी है, उर्वरक कब डालना है या खेतों को भारी बारिश से कब बचाना है। यह आपदा प्रबंधन और जल-संसाधन योजना (water‑resource planning) का भी समर्थन करता है। जैसे-जैसे कवरेज का विस्तार होता है, हाइपर-लोकल (hyper-local) पूर्वानुमान कृषि जोखिम को कम करेंगे और पैदावार (yields) में सुधार करेंगे।

स्रोत: Business Standard

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