समाचार में क्यों?
इंडोनेशिया के North Maluku प्रांत में Halmahera Island पर एक सक्रिय ज्वालामुखी Mount Dukono, अप्रैल 2026 में फिर से फट गया। अधिकारियों ने बताया कि राख का एक गुबार (column of ash) शिखर से लगभग 1.4 किलोमीटर ऊपर उठ रहा है और एहतियात के तौर पर लोगों को राख गिरने और सांस लेने में कठिनाई से बचने के लिए क्रेटर से कम से कम 4 किलोमीटर दूर रहने की सलाह दी गई है।
पृष्ठभूमि
Dukono इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है। यह Halmahera के उत्तरी सिरे पर स्थित है और इसमें कई अतिव्यापी (overlapping) क्रेटरों के साथ एक व्यापक, निम्न प्रोफ़ाइल है। यह ज्वालामुखी समुद्र तल से लगभग 1,185 मीटर ऊपर उठता है और प्रशांत "रिंग ऑफ फायर" (Ring of Fire) का हिस्सा बनता है। ऐतिहासिक रिकॉर्ड बताते हैं कि पहला प्रलेखित विस्फोट 1550 में हुआ था, जब एक बड़े विस्फोट ने पास के एक जलडमरूमध्य (strait) को लावा और राख से भर दिया था। 1933 से ज्वालामुखी लगभग निरंतर गतिविधि की स्थिति में है, जिससे लगातार राख के गुबार और सल्फर-डाइऑक्साइड (sulphur-dioxide) उत्सर्जन होता है।
मुख्य विशेषताएं
- भूविज्ञान: कई वेंट (vents) और शिखर के लगभग 1 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित Malupang Warirang क्रेटर के साथ एक जटिल ज्वालामुखी। इस क्रेटर में 700 × 570 मीटर का अवसाद (depression) है जिसके अपने वेंट हैं।
- गतिविधि: 1933 के बाद से लगातार विस्फोटक विस्फोट। राख के गुबार अक्सर कई किलोमीटर ऊंचे पहुंचते हैं; छोटे लावा प्रवाह कभी-कभार होते हैं।
- अलर्ट स्तर: इंडोनेशिया की ज्वालामुखी एजेंसी ज्वालामुखी को लेवल II पर रखती है, जो सावधानी का संकेत देता है लेकिन तत्काल खतरे का नहीं। निवासियों को मास्क पहनने और खतरे के क्षेत्र से बचने की सलाह दी जाती है।
- खतरे: राख श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है और जल स्रोतों को दूषित कर सकती है। ज्वालामुखी की सुदूरता (remoteness) बड़ी आबादी के लिए जोखिम को कम करती है, लेकिन इसके विस्फोट कभी-कभी हवाई यात्रा को बाधित करते हैं।
महत्व
इंडोनेशिया एक अभिसारी विवर्तनिक सीमा (convergent tectonic boundary) के साथ स्थित है जहां इंडो-ऑस्ट्रेलियन, पैसिफिक और फिलीपीन सागर प्लेटें यूरेशियन (सुंडा) प्लेट के साथ अभिसरण (converge) करती हैं। Dukono जैसे लगातार विस्फोट अधिकारियों को एक ऐसे क्षेत्र में निरंतर निगरानी, आपातकालीन तैयारियों और जन जागरूकता की आवश्यकता की याद दिलाते हैं जहां लाखों लोग सक्रिय ज्वालामुखियों के पास रहते हैं।