विज्ञान और प्रौद्योगिकी

नैरिट-एआई (NARIT‑AI) - नारकोटिक्स जांच के लिए एआई (AI) टूल (NARIT‑AI – AI Tool for Narcotics Investigations)

नैरिट-एआई (NARIT‑AI) - नारकोटिक्स जांच के लिए एआई (AI) टूल (NARIT‑AI – AI Tool for Narcotics Investigations)

चर्चा में क्यों?

गुजरात पुलिस ने 'नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act - NDPS)' के तहत मजबूत मामले बनाने में जांचकर्ताओं की सहायता के लिए नैरिट-एआई (NARIT‑AI) (नारकोटिक्स एनालिसिस एंड रिट्रीवल ऑगमेंटेड इन्वेस्टिगेशन टूल - Narcotics Analysis & Retrieval Augmented Investigation Tool) पेश किया है। सिस्टम कानूनी दस्तावेजों को खोजने और जांच के चरणों का सुझाव देने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (artificial intelligence) का उपयोग करता है।

पृष्ठभूमि

प्रक्रियागत खामियों (procedural lapses) या अधूरे सबूतों के कारण अक्सर मादक पदार्थों की तस्करी (Drug trafficking) के मामले कमजोर पड़ जाते हैं। नैरिट-एआई की संकल्पना पुलिस अधीक्षक अभय सोनी ने की थी और इसे ग्रेडिएंट क्रिएटिव सर्विसेज (Gradiante Creative Services) के साथ साझेदारी में राज्य के पुलिस साइबर क्राइम डिवीजन द्वारा विकसित किया गया था। विकास कार्य जनवरी 2026 में शुरू हुआ और यह टूल लगभग तीन महीने में तैयार हो गया।

यह कैसे काम करता है

  • रिट्रीवल-ऑगमेंटेड जनरेशन (Retrieval-augmented generation): सिस्टम NDPS अधिनियम से संबंधित वैधानिक प्रावधानों, पुलिस परिपत्रों (circulars) और अदालती फैसलों के बंद डेटाबेस (closed database) में टैप करता है। यह प्रासंगिक परिच्छेदों (passages) को पुनः प्राप्त करता है और जांचकर्ता के लिए उन्हें संक्षेप में प्रस्तुत करने के लिए एक बड़े भाषा मॉडल (large language model) का उपयोग करता है।
  • संरचित अन्वेषण योजनाएँ: अधिकारी किसी मामले के विवरण को इनपुट कर सकते हैं और कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए—जैसे तलाशी वारंट (search warrants), नमूना संग्रह और फोरेंसिक परीक्षण—कदमों की एक चेकलिस्ट प्राप्त कर सकते हैं।
  • प्रारूपण और समीक्षा (Drafting and review): नैरिट-एआई पंचनामों (गवाहों के बयान), पूछताछ के सवालों और चार्जशीट के ड्राफ्ट का प्रस्ताव करता है। यह अभियोजन पक्ष के मामले में संभावित कमजोरियों को उजागर करता है और बचाव रणनीतियों का अनुमान लगाने के लिए प्रति-तर्कों (counter-arguments) का सुझाव देता है।
  • बंद वातावरण (Closed environment): मतिभ्रम (hallucinations) या संवेदनशील डेटा के रिसाव को रोकने के लिए, सिस्टम खुले इंटरनेट का उपयोग नहीं करता है। कानून या अदालती फैसलों में बदलाव होने पर अद्यतन (Updates) केंद्रीय रूप से तैनात किए जाते हैं।

महत्व

  • दोषसिद्धि दर (conviction rates) में सुधार: प्रक्रियाओं का मानकीकरण (standardising) करके और मिसाल पर चित्रण करके, उपकरण जांचकर्ताओं को ऐसे मामले बनाने में मदद करता है जो न्यायिक जांच का सामना करते हैं।
  • क्षमता निर्माण: सीमित कानूनी प्रशिक्षण वाले कनिष्ठ अधिकारियों को जटिल प्रावधानों पर मार्गदर्शन प्राप्त होता है, जिससे वरिष्ठ विशेषज्ञों पर निर्भरता कम होती है।
  • जिम्मेदार एआई उपयोग: बंद डेटाबेस गलत सूचना के जोखिम को कम करता है और अन्य कानून-प्रवर्तन अनुप्रयोगों (law-enforcement applications) के लिए एक मॉडल पेश करते हुए गोपनीयता को कायम रखता है।

स्रोत: The Indian Express

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