समाचार में क्यों?
पंचायती राज मंत्रालय ने 9 मई 2026 को National Panchayat Awards 2025 के विजेताओं की घोषणा की। भारत भर की 42 पंचायतों को 3 जून 2026 को निर्धारित एक समारोह में पुरस्कार मिलेंगे। इस मान्यता का उद्देश्य स्थानीय सरकारों को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
पृष्ठभूमि
2011 से National Panchayat Awards ग्राम पंचायतों, ब्लॉक पंचायतों और ज़िला पंचायतों द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन का सम्मान करते आ रहे हैं। ये पुरस्कार उन पहलों पर प्रकाश डालते हैं जो जीवन स्तर में सुधार करते हैं और स्थानीय शासन को Sustainable Development Goals (SDGs) के साथ संरेखित करते हैं। यह योजना नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं की प्रतिकृति को बढ़ावा देने के लिए मान्यता और वित्तीय प्रोत्साहन दोनों प्रदान करती है।
पुरस्कार श्रेणियां
- दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सतत विकास पुरस्कार (DDUPSVP): यह श्रेणी नौ विषयों पर पंचायतों का आकलन करती है: गरीबी में कमी और समावेशी विकास; शिक्षा और स्वास्थ्य; बाल सुलभता; जल पर्याप्तता; स्वच्छ और हरा-भरा गांव; बुनियादी ढांचा; सामाजिक न्याय और कल्याण; सुशासन; और महिला-अनुकूल पहल। विजेताओं को उनके प्रदर्शन के आधार पर ₹50 लाख से ₹3 करोड़ तक के वित्तीय पुरस्कार मिलते हैं।
- नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार (NDSPSVP): यह शीर्ष सम्मान ज़िला, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर सर्वश्रेष्ठ समग्र प्रदर्शन करने वालों को जाता है। इस श्रेणी के पुरस्कारों में ₹5 करोड़ तक के नकद पुरस्कार शामिल हैं और इसका उद्देश्य अनुकरणीय शासन मॉडल प्रदर्शित करना है।
महत्व
Localisation of SDGs ढांचे के विरुद्ध प्रगति को मापकर, पुरस्कार एक "Panchayat Development Index" प्रदान करते हैं जो राज्यों को ज़मीनी स्तर के शासन में सुधार करने में मार्गदर्शन करता है। यह घोषणा सभी क्षेत्रों में संतुलित भागीदारी पर भी ज़ोर देती है और पंचायतों को डिजिटल तकनीकों, पारदर्शिता उपायों और समुदाय-संचालित योजना को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती है।