Environment

National Productivity Council: पर्यावरण ऑडिट नामित एजेंसी और MoEFCC

National Productivity Council: पर्यावरण ऑडिट नामित एजेंसी और MoEFCC

चर्चा में क्यों?

20 मार्च 2026 को राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (National Productivity Council - NPC) ने पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ पर्यावरण ऑडिट नामित एजेंसी (Environment Audit Designated Agency) के रूप में कार्य करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। NPC अब पूरे भारत में उद्योगों के लिए तृतीय-पक्ष पर्यावरण लेखा परीक्षकों (third-party environmental auditors) को विनियमित (regulate) और प्रमाणित (certify) करेगा।

पृष्ठभूमि

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के तहत 1958 में स्थापित, NPC कृषि, उद्योग और सेवाओं में उत्पादकता में सुधार के लिए परामर्श (consultancy) और प्रशिक्षण (training) सेवाएं प्रदान करता है। भारत टोक्यो स्थित एशियाई उत्पादकता संगठन (Asian Productivity Organisation) का संस्थापक सदस्य है, और NPC इसके भारतीय घटक के रूप में कार्य करता है। एक शासी परिषद (governing council) जिसमें सरकार, व्यापार और श्रम (labour) के प्रतिनिधि शामिल हैं, के साथ NPC का मिशन नवाचार-आधारित उत्पादकता (innovation-led productivity) और सतत विकास (sustainable growth) को बढ़ावा देना है।

नया जनादेश और जिम्मेदारियां

  • ऑडिटर्स का प्रमाणन (Certification): NPC पात्रता मानदंड (eligibility criteria) विकसित करेगा, परीक्षाएं आयोजित करेगा और पर्यावरण ऑडिट (environmental audits) करने के लिए अधिकृत (authorised) पेशेवरों को पंजीकृत (register) करेगा।
  • निगरानी और प्रवर्तन (Enforcement): एजेंसी लेखा परीक्षकों (auditors) का एक डिजिटल डेटाबेस बनाए रखेगी, उनके प्रदर्शन की निगरानी करेगी, और यदि मानकों का उल्लंघन किया जाता है तो अनुशासनात्मक कार्रवाई (disciplinary actions) करेगी।
  • क्षमता निर्माण (Capacity building): NPC लेखा परीक्षकों और उद्योगों को पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986, जल अधिनियम 1974 और वायु अधिनियम 1981 जैसे पर्यावरण कानूनों से परिचित कराने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम (training programmes) आयोजित करेगा।
  • नीतिगत समर्थन (Policy support): ऑडिट से मिली जानकारी नीति निर्माताओं (policymakers) को अनुपालन (compliance) में सुधार करने, अनुमोदन (approvals) को सुव्यवस्थित करने और विनिर्माण (manufacturing) तथा खनन में टिकाऊ प्रथाओं (sustainable practices) को प्रोत्साहित करने में मदद करेगी।

महत्व

एक विश्वसनीय पर्यावरण ऑडिट ढांचा भारत के विनियामक शासन (regulatory regime) को मजबूत करता है जबकि उद्योगों को जिम्मेदारी से बढ़ने की अनुमति देता है। NPC को यह भूमिका सौंपकर, सरकार का उद्देश्य योग्य लेखा परीक्षकों (qualified auditors) का एक पूल बनाना, पर्यावरण उल्लंघनों को कम करना और औद्योगिक परियोजनाओं (industrial projects) में जनता का विश्वास (public confidence) बढ़ाना है।

स्रोत: PIB

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