चर्चा में क्यों?
17 जून 2026 को कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Appointments Committee of the Cabinet) ने राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (National Statistical Commission - NSC) में नई नियुक्तियों को मंजूरी दी। सरकार ने डॉ. सैबल चट्टोपाध्याय (Dr Saibal Chattopadhyay) को अध्यक्ष के रूप में चुना, और प्रो. शुभब्रत दास (Prof Shubhabrata Das), श्री सत्येन्द्र बहादुर सिंह (Shri Satyendra Bahadur Singh) तथा डॉ. माधवन मुकुंद (Dr Madhavan Mukund) को सदस्य बनाया। इन नियुक्तियों ने NSC की भूमिका और जनादेश में सार्वजनिक हित को फिर से जगा दिया है。
पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग भारत में आधिकारिक सांख्यिकी के लिए एक नोडल निकाय है। इसे रंगराजन आयोग (Rangarajan Commission) की सिफारिशों के बाद जून 2005 में बनाया गया था, जिसने सांख्यिकीय प्रणाली की समीक्षा की और एक स्वतंत्र निरीक्षण निकाय का सुझाव दिया। NSC का गठन एक सरकारी संकल्प के माध्यम से किया गया था और यह जुलाई 2006 में चालू हुआ। इसमें एक अंशकालिक (part-time) अध्यक्ष और आर्थिक, सामाजिक तथा पर्यावरण सांख्यिकी में विशेषज्ञता रखने वाले चार अंशकालिक सदस्य होते हैं। नीति आयोग (NITI Aayog) के सीईओ एक पदेन (ex-officio) सदस्य के रूप में कार्य करते हैं और सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (Ministry of Statistics and Programme Implementation) के सचिव आयोग के सचिव के रूप में कार्य करते हैं。
नए नियुक्त सदस्य
- डॉ. सैबल चट्टोपाध्याय: एक सांख्यिकीविद् और भारतीय प्रबंध संस्थान, कोलकाता (Indian Institute of Management, Kolkata) के पूर्व निदेशक। उनके पास कनेक्टिकट विश्वविद्यालय (University of Connecticut) और कलकत्ता विश्वविद्यालय (Calcutta University) से सांख्यिकी में उच्च डिग्री हैं। उनके शोध क्षेत्रों में अनुक्रमिक विधियाँ (sequential methods), सर्वेक्षण नमूनाकरण (survey sampling) और मात्रात्मक विपणन (quantitative marketing) शामिल हैं।
- प्रो. शुभब्रत दास: भारतीय प्रबंध संस्थान, बैंगलोर में प्रोफेसर, जिन्हें सांख्यिकी, परिचालन अनुसंधान (operational research) और बीमांकिक गणित (actuarial mathematics) में विशेषज्ञता हासिल है। उन्होंने चैपल हिल में उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय से सांख्यिकी में अपनी पीएचडी और एमएस प्राप्त की।
- श्री सत्येन्द्र बहादुर सिंह: एक सेवानिवृत्त भारतीय सांख्यिकी सेवा (Indian Statistical Service) अधिकारी, जिनके पास आर्थिक और श्रम सांख्यिकी, नीति समर्थन और प्रशासन में तीन दशकों से अधिक का अनुभव है।
- डॉ. माधवन मुकुंद: चेन्नई गणितीय संस्थान (Chennai Mathematical Institute) के निदेशक। उन्होंने आरहूस विश्वविद्यालय, डेनमार्क (Aarhus University, Denmark) से कंप्यूटर विज्ञान में पीएचडी और आईआईटी बॉम्बे से बी.टेक किया है। उन्हें सैद्धांतिक कंप्यूटर विज्ञान (theoretical computer science) और शिक्षा में काम के लिए जाना जाता है।
कार्य और जनादेश
- नीति मार्गदर्शन: NSC राष्ट्रीय विकास के लिए आवश्यक मुख्य सांख्यिकी की पहचान करता है और सांख्यिकीय प्रणाली के लिए नीतियां और प्राथमिकताएं विकसित करता है।
- मानक: यह मानक परिभाषाएँ, वर्गीकरण और कार्यप्रणाली (methodologies) विकसित करता है और आधिकारिक सांख्यिकी के लिए गुणवत्ता मानक निर्धारित करता है।
- समन्वय: आयोग केंद्रीय मंत्रालयों और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय को बढ़ावा देता है और सटीकता तथा अखंडता सुनिश्चित करने के लिए सांख्यिकीय ऑडिट (statistical audits) करता है।
- सार्वजनिक विश्वास: यह पारदर्शिता और समय पर प्रसार के उपायों की सिफारिश करके आधिकारिक डेटा में जनता का विश्वास बढ़ाने का काम करता है।
निष्कर्ष
नई नियुक्तियाँ NSC में विविध शैक्षणिक और प्रशासनिक विशेषज्ञता लाती हैं। आयोग को मजबूत करने से आधिकारिक सांख्यिकी की गुणवत्ता में सुधार हो सकता है और नीति निर्माताओं को साक्ष्य-आधारित निर्णय (evidence-based decisions) लेने में मदद मिल सकती है। जैसे-जैसे भारत अपने डेटा पारिस्थितिकी तंत्र (data ecosystem) का विस्तार कर रहा है, विश्वसनीय और समयबद्ध सांख्यिकी के लिए एक मजबूत NSC महत्वपूर्ण है。