चर्चा में क्यों?
महाराष्ट्र में नवेगांव-नागजीरा टाइगर रिजर्व (Navegaon‑Nagzira Tiger Reserve - NNTR) 1 अप्रैल 2026 से 652.2 वर्ग किलोमीटर बफर ज़ोन का प्रबंधन ग्रहण करेगा। राज्य सरकार के संकल्प के माध्यम से घोषित यह हस्तांतरण, रिजर्व के क्षेत्र को लगभग 1,305 वर्ग किलोमीटर तक दोगुना कर देगा और इससे संरक्षण, पर्यटन और प्रबंधन में सुधार होने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि (Background)
मध्य भारतीय टाइगर लैंडस्केप के केंद्र में स्थित, NNTR को 2013 में टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया गया था, जो महाराष्ट्र का पांचवां टाइगर रिजर्व बन गया। इसमें नवेगांव राष्ट्रीय उद्यान (Navegaon National Park) और कई वन्यजीव अभयारण्य—नवेगांव, नागजीरा, न्यू नागजीरा और कोका (Koka)—शामिल हैं और यह कान्हा (Kanha), पेंच (Pench) और ताडोबा (Tadoba) जैसे बाघ अभयारण्यों से जुड़ता है। यह इलाका लहरदार है, जो समुद्र तल से लगभग 702 मीटर ऊपर ज़ेंदा पहाड़ (Zenda Pahad) तक उठता है। वन दक्षिणी उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती (Southern Tropical Dry Deciduous) प्रकार के हैं और समृद्ध जैव विविधता का समर्थन करते हैं। जीवों में बाघ, पैंथर, सिवेट (civets), भेड़िये, जंगली कुत्ते, स्लोथ भालू, गौर, सांभर, चीतल और चौसिंगा (four‑horned antelopes) शामिल हैं।
बफर ट्रांसफर के निहितार्थ (Implications of buffer transfer)
- एकीकृत प्रबंधन (Unified management): बफर को रिजर्व नियंत्रण में लाने से योजना बनाना आसान हो जाता है और कोर और बफर ज़ोन में लगातार सुरक्षा रणनीतियों की अनुमति मिलती है।
- बढ़ा हुआ पर्यटन (Enhanced tourism): अधिकारी नए सफारी गेट, होमस्टे और एडवेंचर स्पोर्ट्स सुविधाएं खोलने की योजना बना रहे हैं। मानसून के दौरान जब कोर क्षेत्र बंद रहता है तो बफर में सफारी पर्यटन जारी रह सकता है।
- घर्षण में कमी (Reduced conflict): बफर के प्रबंधन से सीमांत क्षेत्रों में गतिविधियों की निगरानी और विनियमन (regulating) में सुधार करके मानव-वन्यजीव संघर्ष (human–wildlife conflict) को दूर करने में मदद मिलेगी।
- बेहतर वित्त पोषण और योजना (Better funding and planning): एकीकृत नियंत्रण माइक्रो-प्लानिंग और धन की त्वरित रिलीज (quicker release of funds) की सुविधा प्रदान करता है, जिससे विकास परियोजनाओं और अवैध शिकार विरोधी अभियानों को सक्षम किया जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
बफर जोन पर प्रबंधन का विस्तार करने से NNTR में संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। क्षेत्र में आजीविका के साथ पारिस्थितिक संरक्षण को संतुलित करने के लिए प्रभावी योजना और सामुदायिक जुड़ाव (community engagement) आवश्यक होगा।