चर्चा में क्यों?
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (NBCFDC) ने 2025-26 वित्तीय वर्ष के दौरान ₹613 करोड़ से अधिक के रिकॉर्ड संवितरण (disbursement) की सूचना दी है। इस वित्तपोषण ने पिछड़े वर्गों के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के 61,000 से अधिक लाभार्थियों (beneficiaries) का समर्थन किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। यह उपलब्धि अभिनव योजनाओं और राज्य एजेंसियों के साथ साझेदारी के माध्यम से अपनी पहुंच का विस्तार करने के निगम के प्रयासों को दर्शाती है।
पृष्ठभूमि
NBCFDC भारत के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है। 13 जनवरी 1992 को निगमित (Incorporated), इसका मिशन उन सामाजिक रूप से पिछड़े वर्गों के व्यक्तियों के आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है जो गरीबी रेखा से दोगुनी से नीचे रहते हैं। निगम स्वरोजगार, शिक्षा और उद्यमिता (entrepreneurship) का समर्थन करने के लिए राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों (SCAs) और बैंकों के माध्यम से रियायती ऋण (concessional loans) और प्रशिक्षण प्रदान करता है।
प्रमुख योजनाएं और उपलब्धियां
- सामान्य ऋण योजना (General Loan Scheme): छोटी दुकानों, परिवहन सेवाओं, हस्तशिल्प और कृषि जैसी आय-सृजन गतिविधियों के लिए व्यक्तियों और स्वयं सहायता समूहों (self-help groups) को ऋण प्रदान करती है। ऋण को सस्ता बनाने के लिए ब्याज दरें कम (लगभग 6-8 प्रतिशत) रखी गई हैं।
- नई स्वर्णिमा योजना (New Swarnima Scheme): यह योजना पिछड़े वर्गों की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करती है, सूक्ष्म उद्यमों को वित्तपोषित करती है और सिलाई, खाद्य प्रसंस्करण और कंप्यूटर साक्षरता जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्रदान करती है।
- शिक्षा ऋण योजना (Education Loan Scheme): भारत या विदेश में व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम (professional and technical courses) करने वाले पिछड़े वर्गों के छात्रों को आसान ऋण (soft loans) प्रदान करती है। ये ऋण ट्यूशन फीस, किताबें, रहने के खर्च और अन्य शैक्षणिक लागतों को कवर करते हैं।
- विश्वास योजना (VISVAS Scheme): सामाजिक न्याय मंत्रालय के साथ साझेदारी में शुरू की गई, यह ब्याज सहायता योजना (interest subvention programme) लाभार्थियों द्वारा ₹1 लाख तक के ऋण पर दिए गए ब्याज के एक हिस्से की प्रतिपूर्ति (reimburses) करती है, जिससे प्रभावी उधारी लागत (borrowing cost) कम हो जाती है।
- रिकॉर्ड पहुंच (Record outreach): 2025-26 वित्तीय वर्ष में निगम ने ₹613.75 करोड़ का संवितरण किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 16 प्रतिशत अधिक है। ऋण और कौशल-प्रशिक्षण कार्यक्रमों से लगभग 61,621 व्यक्ति लाभान्वित हुए। NBCFDC इस वृद्धि का श्रेय सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं और माइक्रो-फाइनेंस संस्थानों (micro-finance institutions) के साथ सहयोग को देता है।
महत्व
- समावेशी विकास (Inclusive development): किफायती ऋण पिछड़े वर्गों के सदस्यों को छोटे व्यवसाय शुरू करने, शिक्षा प्राप्त करने और व्यावसायिक कौशल (vocational skills) हासिल करने में सक्षम बनाते हैं, जिससे अनौपचारिक उधारदाताओं (informal lenders) पर निर्भरता कम होती है।
- महिला सशक्तिकरण (Women’s empowerment): नई स्वर्णिमा जैसी लक्षित योजनाएं महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करती हैं और उनकी वित्तीय स्वतंत्रता को बढ़ाती हैं।
- गरीबी कम करना: दोहरी गरीबी रेखा (double poverty line) से नीचे के परिवारों पर ध्यान केंद्रित करके, निगम उन समुदायों में आय और आजीविका में सुधार करने में मदद करता है जो अक्सर मुख्यधारा की बैंकिंग में पीछे छूट जाते हैं।
निष्कर्ष
NBCFDC का रिकॉर्ड संवितरण पिछड़े वर्गों के लिए लक्षित ऋण के महत्व को रेखांकित करता है। निरंतर सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए समावेशी वित्तीय उत्पादों और कौशल विकास पर निरंतर जोर देना महत्वपूर्ण होगा।
स्रोत: Devdiscourse; NBCFDC; NBCFDC Objectives