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Nd-Fe-B Magnet Pilot Plant: ARCI हैदराबाद, दुर्लभ-पृथ्वी तत्व और स्थायी चुंबक

Nd-Fe-B Magnet Pilot Plant: ARCI हैदराबाद, दुर्लभ-पृथ्वी तत्व और स्थायी चुंबक

चर्चा में क्यों?

हैदराबाद में इंटरनेशनल एडवांस रिसर्च सेंटर फॉर पाउडर मेटलर्जी एंड न्यू मटेरियल्स (ARCI) में नियोडिमियम-आयरन-बोरॉन (Nd-Fe-B) चुंबक बनाने के लिए एक पायलट सुविधा का उद्घाटन किया गया। यह इलेक्ट्रिक वाहनों (electric vehicles), पवन टर्बाइन (wind turbines) और इलेक्ट्रॉनिक्स में उपयोग किए जाने वाले शक्तिशाली स्थायी चुंबक (permanent magnets) के घरेलू निर्माण की दिशा में भारत का पहला कदम है।

पृष्ठभूमि

Nd-Fe-B चुंबक 1984 में जनरल मोटर्स और जापान के सुमितोमो स्पेशल मेटल्स के शोधकर्ताओं द्वारा स्वतंत्र रूप से विकसित किए गए थे। वे वर्तमान में सबसे मजबूत व्यावसायिक रूप से उपलब्ध स्थायी चुंबक हैं। इन चुंबकों की ताकत यौगिक Nd2Fe14B की क्रिस्टलीय संरचना (crystalline structure) के कारण होती है, जो उच्च चुंबकीय ऊर्जा (high magnetic energy) पैदा करती है। एक विशिष्ट संरचना में लगभग एक-तिहाई नियोडिमियम, दो-तिहाई लोहा और थोड़ी मात्रा में बोरॉन होता है, जिसमें प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए एल्यूमीनियम या डिस्प्रोसियम (dysprosium) जैसे सूक्ष्म तत्व (trace elements) मिलाए जाते हैं।

मुख्य बिंदु

  • उच्च प्रदर्शन: Nd-Fe-B चुंबक बहुत उच्च अवशिष्ट चुंबकत्व (remanence) और निग्राहिता (coercivity) प्रदान करते हैं, जिससे कॉम्पैक्ट और ऊर्जा-कुशल (energy-efficient) मोटर बनाना संभव होता है। उनका ऊर्जा उत्पाद (26-52 MGOe) अधिकांश अन्य स्थायी चुंबकों से अधिक है।
  • निर्माण चुनौतियां: इन चुंबकों के उत्पादन के लिए दुर्लभ-पृथ्वी धातुओं (rare-earth metals) को मिलाने, पाउडर धातु विज्ञान (powder metallurgy) और कणों को संरेखित करने के लिए एक मजबूत चुंबकीय क्षेत्र में सिंटरिंग (sintering) की आवश्यकता होती है। वे आसानी से संक्षारित (corrode) हो जाते हैं और उच्च तापमान पर चुंबकत्व खो देते हैं, इसलिए सुरक्षात्मक कोटिंग (protective coatings) और गर्मी प्रतिरोधी मिश्र धातु (heat-resistant alloys) आवश्यक हैं।
  • रणनीतिक महत्व: नियोडिमियम एक दुर्लभ-पृथ्वी तत्व है जिसकी आपूर्ति मुख्य रूप से चीन द्वारा की जाती है। घरेलू क्षमता स्थापित करने से आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलती है, भारत के इलेक्ट्रिक वाहन लक्ष्यों का समर्थन होता है और आत्मनिर्भर भारत (Atmanirbhar Bharat) के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
  • अनुसंधान से उद्योग तक: ARCI पायलट प्लांट प्रयोगशाला अनुसंधान (laboratory research) और वाणिज्यिक निर्माण (commercial manufacturing) के बीच की खाई को पाटेगा। इसका उद्देश्य स्वदेशी तकनीक विकसित करना, कर्मियों को प्रशिक्षित करना और मोटर, सेंसर और रक्षा अनुप्रयोगों (defence applications) के लिए चुंबक की आपूर्ति करना है।

निष्कर्ष

देश में Nd-Fe-B चुंबक विकसित करना इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और नवीकरणीय ऊर्जा में एक पूरी मूल्य श्रृंखला (value chain) की नींव रखता है। सफलता दुर्लभ-पृथ्वी आपूर्ति (rare-earth supply) हासिल करने, उत्पादन बढ़ाने और खनन तथा धातु विज्ञान के पर्यावरणीय प्रभावों के प्रबंधन पर निर्भर करेगी।

स्रोत: PIB

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