Why in news?
- केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 6 July 2026 को National Highways Logistics Management Limited (NHLML) के अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
- बैठक में Multi‑Modal Logistics Parks, रोपवे, इंटर‑मोडल स्टेशनों और सड़क के किनारे की सुविधाओं जैसी परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया।
- मंत्री ने सभी हितधारकों से लंबित मुद्दों को हल करने और लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार के लिए परियोजना निष्पादन में तेजी लाने का आग्रह किया।
Background
NHLML, National Highways Authority of India (NHAI) का एक विशेष‑उद्देश्य वाहन है। इसे देश भर में Multi‑Modal Logistics Parks (MMLPs) विकसित करने के लिए बनाया गया था। ये पार्क माल की आवाजाही को बेहतर बनाने के लिए सड़क, रेल, हवाई और जल परिवहन को एकीकृत करते हैं। NHLML, Parvatmala पहल के तहत रोपवे के विकास, विभिन्न परिवहन साधनों को जोड़ने वाले इंटर‑मोडल स्टेशनों और यात्रियों के लिए सड़क के किनारे आधुनिक सुविधाओं की भी देखरेख करता है। इसका उद्देश्य लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना, आर्थिक विकास का समर्थन करना और भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना है।
Key points from the review
- Emphasis on integration: MMLPs से राजमार्गों, बंदरगाहों और रेल लाइनों के बीच निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करने की उम्मीद है। एकीकृत लॉजिस्टिक्स हब यात्रा के समय और परिवहन लागत को कम कर सकते हैं।
- Economic opportunities: रोपवे परियोजनाएं और इंटर‑मोडल स्टेशन पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं, पहाड़ी क्षेत्रों में अंतिम मील कनेक्टिविटी प्रदान कर सकते हैं और रोजगार पैदा कर सकते हैं।
- Quality of services: राष्ट्रीय राजमार्गों पर आराम करने के क्षेत्र, ईंधन स्टेशन और चार्जिंग पॉइंट जैसी सड़क के किनारे की सुविधाएं यात्रियों के लिए सुरक्षा और आराम को बढ़ाती हैं।
- Call for faster implementation: मंत्री ने भूमि अधिग्रहण, पर्यावरण मंजूरी और एजेंसियों के बीच समन्वय के कारण होने वाली देरी पर प्रकाश डाला। उन्होंने अधिकारियों को बाधाओं की पहचान करने और समय पर पूरा होना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
Conclusion
समीक्षा बैठक से पता चलता है कि सरकार लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इन परियोजनाओं के सफल कार्यान्वयन से आपूर्ति‑श्रृंखला की लागत कम होगी, कनेक्टिविटी में सुधार होगा और भारत के वैश्विक विनिर्माण हब बनने के उद्देश्य का समर्थन होगा。
Source: DD News