ख़बरों में क्यों है?
राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम (National Scheduled Tribes Finance and Development Corporation - NSTFDC) ने 10 अप्रैल 2026 को अपना 25वां स्थापना दिवस मनाया। नई दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में सफल अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों (Scheduled Tribe entrepreneurs) को सम्मानित किया गया और पारंपरिक जनजातीय प्रस्तुतियां (traditional tribal performances) पेश की गईं। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम (Jual Oram) और राज्य मंत्री दुर्गा दास उइके (Durga Das Uikey) इस समारोह में शामिल हुए, जिसने जनजातीय समुदायों के लिए आर्थिक अवसर (economic opportunities) बेहतर बनाने में निगम की भूमिका पर प्रकाश डाला।
पृष्ठभूमि (Background)
NSTFDC एक सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम (public sector undertaking) है जिसे 2001 में जनजातीय मामलों के मंत्रालय (Ministry of Tribal Affairs) के तहत बनाया गया था। यह भारत की अनुसूचित जनजातियों के आर्थिक विकास के लिए शीर्ष संगठन (apex organisation) के रूप में कार्य करता है। निगम का मिशन जनजातीय आबादी के लिए व्यवहार्य आर्थिक गतिविधियों (viable economic activities) की पहचान करना, राज्य चैनलाइजिंग एजेंसियों (state channelising agencies) के माध्यम से रियायती वित्तपोषण (concessional financing) प्रदान करना और कौशल विकास को बढ़ावा देना है। वहनीय ऋण (affordable loans), विपणन सहायता (marketing support) और क्षमता निर्माण (capacity building) की सुविधा प्रदान करके, NSTFDC का उद्देश्य जनजातीय लोगों को छोटे व्यवसाय शुरू करने, कृषि, कुटीर उद्योगों (cottage industries) या सेवाओं में शामिल होने और इस प्रकार उनकी आजीविका में सुधार करने में मदद करना है।
उद्देश्य और कार्य (Objectives and functions)
- रियायती वित्त (Concessional finance): कृषि, पशुपालन, हस्तशिल्प (handicrafts), व्यापार, सेवाओं और सूक्ष्म उद्यम (micro‑enterprise) में आय-उत्पादक (income‑generating) परियोजनाओं के लिए कम ब्याज वाले ऋण प्रदान करना।
- कौशल उन्नयन (Skill up‑gradation): पारंपरिक कौशल को बढ़ाने और नए व्यावसायिक कौशल (vocational skills) सिखाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम पेश करना ताकि जनजातीय युवा आधुनिक आर्थिक गतिविधियों में भाग ले सकें।
- बाजार संपर्क (Market linkage): मेलों, प्रदर्शनियों और सहकारी समितियों (cooperatives) के साथ गठजोड़ का आयोजन करके जनजातीय उत्पादकों को बाजारों से जुड़ने में मदद करना, जिससे उनके उत्पादों पर बेहतर रिटर्न (better returns) सुनिश्चित हो सके।
- संस्थागत सहायता (Institutional support): जनजातीय समुदायों के लाभ के लिए योजनाओं की योजना बनाने और निगरानी करने में राज्य-स्तरीय अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगमों की सहायता करना।
महत्व (Significance)
- जनजातीय समुदायों का सशक्तिकरण: वहनीय ऋण और प्रशिक्षण प्रदान करके, NSTFDC जनजातीय उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने, आय उत्पन्न करने और मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था (mainstream economy) में भाग लेने में सक्षम बनाता है।
- सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण: पारंपरिक शिल्प (traditional crafts) और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए समर्थन स्वदेशी कला रूपों (indigenous art forms) को संरक्षित करने में मदद करता है और उन्हें व्यापक दर्शकों के सामने प्रदर्शित करता है।
- समावेशी विकास (Inclusive development): हाशिए पर रहने वाले समूहों (marginalised groups) पर निगम का ध्यान अनुसूचित जनजातियों द्वारा सामना किए जाने वाले ऐतिहासिक नुकसान (historical disadvantages) को संबोधित करके समावेशी विकास के भारत के व्यापक लक्ष्य के साथ संरेखित है।
स्रोत (Sources)
स्रोत: न्यूज ऑन एआईआर (News On AIR)