पर्यावरण Biodiversity

Olive Ridley Turtles: Sri Lanka Dome की ओर प्रवास और संरक्षण

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समाचार में क्यों?

वन्यजीव अधिकारियों ने रिपोर्ट दी है कि तमिलनाडु से टैग किए गए Olive Ridley turtles (कछुए) ने Sri Lanka Dome की ओर पलायन करना शुरू कर दिया है, जो हिंद महासागर में एक अपवेलिंग (upwelling) क्षेत्र है। यह अवलोकन कछुओं के विशाल प्रवासी मार्गों और सीमा पार समुद्री संरक्षण की आवश्यकता को प्रकट करता है।

पृष्ठभूमि

Olive Ridley समुद्री कछुओं की सबसे छोटी और सबसे प्रचुर प्रजाति है। इसके जैतून के रंग (olive-coloured) के आवरण (carapace) से प्रजाति को इसका नाम मिला है। ये कछुए Arribada (अर्रिबाडा) के लिए प्रसिद्ध हैं — जो एक सामूहिक घोंसले का शिकार करने वाली घटना है जहाँ हज़ारों मादाएँ एक साथ अंडे देने के लिए किनारे आती हैं। वे प्रशांत, अटलांटिक और हिंद महासागर के गर्म पानी में पाए जाते हैं; ओडिशा में गहिरमाथा (Gahirmatha) अभयारण्य दुनिया की सबसे बड़ी रूकरी (प्रजनन स्थल) की मेजबानी करता है। भारत में, इस प्रजाति को Wildlife Protection Act की अनुसूची I के तहत सूचीबद्ध किया गया है और IUCN Red List में 'Vulnerable' (सुभेद्य) के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

Sri Lanka Dome और प्रवास

  • Sri Lanka Dome क्या है? यह श्रीलंका के दक्षिण-पूर्व में एक अपतटीय क्षेत्र है जो मौसमी अपवेलिंग (upwelling) द्वारा निर्मित होता है। ठंडा, पोषक तत्वों से भरपूर पानी सतह पर आता है, जो प्लवक (plankton) के खिलने को ट्रिगर करता है जो मछलियों, व्हेल, समुद्री पक्षियों और कछुओं को आकर्षित करता है। अपवेलिंग मई में शुरू होती है, जुलाई में अपने चरम पर पहुँचती है और सितंबर तक कम हो जाती है।
  • नए निष्कर्ष: तमिलनाडु के प्रजनन स्थलों से छोड़े गए सैटेलाइट-टैग किए गए कछुओं ने Sri Lanka Dome तक पहुँचने के लिए सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा की है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि ओडिशा में घोंसला बनाने वाले Olive Ridley कछुए भी वहाँ एकत्र होंगे।
  • संरक्षण का महत्व: यह खोज दर्शाती है कि भोजन के मैदान, प्रवासन गलियारे और घोंसले के समुद्र तट सीमाओं के पार आपस में जुड़े हुए हैं। समुद्री प्रजातियों की रक्षा के लिए भारत और श्रीलंका के बीच सहयोग और मछली पकड़ने व शिपिंग लेन के सावधानीपूर्वक प्रबंधन की आवश्यकता है।

Olive Ridley की विशेषताएँ

  • आहार और व्यवहार: यह प्रजाति सर्वाहारी है, जो जेलीफ़िश, क्रस्टेशियन, शैवाल और छोटी मछलियों को खाती है। वयस्क अपने जीवन का अधिकांश हिस्सा खुले समुद्र में बिताते हैं, जो भोजन और प्रजनन के मैदानों के बीच लंबी दूरी तय करते हैं।
  • प्रजनन: मादाएँ लगभग 10-15 वर्षों में परिपक्वता तक पहुँचती हैं और लगभग 100 अंडों का एक क्लच (समूह) देती हैं। केवल एक छोटा सा अंश वयस्कता तक जीवित रह पाता है।

निष्कर्ष

Olive Ridley कछुओं का Sri Lanka Dome की ओर बढ़ना हिंद महासागर पारिस्थितिकी तंत्र की परस्पर जुड़ी प्रकृति को रेखांकित करता है। इस सुभेद्य प्रजाति को फलने-फूलने के लिए सीमा पार संरक्षण, बाय-कैच (अवांछित शिकार) को कम करना और घोंसले के समुद्र तटों की सुरक्षा आवश्यक है।

स्रोत: The Hindu

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