समाचार में क्यों?
Defence Research and Development Organisation (DRDO) ने Pinaka Long Range Guided Rocket का परीक्षण किया। 8 जुलाई का परीक्षण चांदीपुर के Integrated Test Range में हुआ। रॉकेट ने 60 किलोमीटर की उपयोगकर्ता-निर्धारित न्यूनतम सीमा पर एक लक्ष्य को भेदा।
पृष्ठभूमि
आर्टिलरी गन (Artillery guns) बैरल के माध्यम से अलग-अलग गोले दागती हैं, और एक मल्टीपल-लॉन्च रॉकेट सिस्टम (multiple-launch rocket system) तेजी से एक के बाद एक कई रॉकेट दागता है।
ऐसा साल्वो एक व्यापक लक्ष्य क्षेत्र को कवर कर सकता है। गाइडेड रॉकेट (Guided rockets) सटीकता जोड़ते हैं और एक लक्ष्य के लिए आवश्यक संख्या को कम करते हैं।
भारत ने 1980 के दशक के दौरान Pinaka का विकास शुरू किया, और इस प्रणाली का उद्देश्य आयातित रॉकेट आर्टिलरी पर निर्भरता कम करना था।
Pinaka नाम भगवान शिव से जुड़े धनुष से आया है। प्रारंभिक Pinaka इकाइयों ने 1999 के करगिल संघर्ष के दौरान अभियानों का समर्थन किया।
Pinaka सिस्टम क्या है?
Pinaka भारतीय सेना के लिए एक स्वदेशी Multiple Launch Rocket System है। DRDO ने सार्वजनिक और निजी उद्योग के साथ मिलकर इस प्रणाली को डिजाइन किया।
एक पूरी इकाई में रॉकेट से कहीं अधिक शामिल होता है, और इसमें लॉन्चर, कमांड वाहन, लोडर और पुनःपूर्ति वाहन शामिल होते हैं।
- लॉन्चर सीलबंद रॉकेट पॉड (rocket pods) ले जाता है, और कमांड पोस्ट फायरिंग डेटा की गणना और प्रसारण करता है।
- लोडर नए रॉकेट पॉड को लॉन्चर पर ले जाता है, और सहायक वाहन संचार, रखरखाव और सर्वेक्षण सहायता प्रदान करते हैं।
Pinaka का विकास कैसे हुआ?
- प्रारंभिक Pinaka रॉकेटों ने कम दूरी पर एरिया फायर प्रदान किया, और उन्नत संस्करणों ने सीमा बढ़ाई और प्रणोदक (propellants) में सुधार किया।
- गाइडेड पिनाका (Guided Pinaka) ने सटीक हमलों के लिए नेविगेशन और नियंत्रण जोड़ा, और नया LRGR सटीक जुड़ाव को 120 किलोमीटर तक बढ़ाता है।
LRGR का अर्थ Long Range Guided Rocket है, और यह एक रॉकेट-आर्टिलरी हथियार बना हुआ है, हालांकि यह मार्गदर्शन प्रणाली (guidance system) का उपयोग करता है।
2025 के दौरान एक पहले परीक्षण ने पूर्ण 120-किलोमीटर की सीमा का प्रदर्शन किया। जुलाई 2026 के परीक्षण ने उपयोगकर्ता-निर्धारित न्यूनतम सीमा की जांच की।
जुलाई 2026 उड़ान परीक्षण
- यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर में Integrated Test Range में हुआ।
- रॉकेट ने उड़ान के दौरान नियोजित युद्धाभ्यास पूरा किया, और रेंज उपकरणों ने इसकी पूरी उड़ान को ट्रैक किया।
- रॉकेट ने अनुमानित मार्ग का अनुसरण किया और सटीक रूप से प्रहार किया, और मौजूदा Pinaka लॉन्चर ने लंबी दूरी के रॉकेट को दागा।
सटीकता पर महत्वपूर्ण बिंदु: जुलाई का परीक्षण 60 किलोमीटर पर हुआ। वह चुनी गई न्यूनतम परीक्षण सीमा थी, न कि रॉकेट की घोषित अधिकतम डिजाइन सीमा।
किन प्रयोगशालाओं ने इसे विकसित किया?
Armament Research and Development Establishment ने डिजाइन का नेतृत्व किया, और High Energy Materials Research Laboratory ने ऊर्जावान सामग्री (energetic materials) पर काम किया।
Defence Research and Development Laboratory ने परियोजना का समर्थन किया, और Research Centre Imarat ने मार्गदर्शन और नियंत्रण विशेषज्ञता का योगदान दिया।
Integrated Test Range ने उड़ान परीक्षण का समन्वय किया, और Proof and Experimental Establishment ने भी परीक्षण का समर्थन किया।
बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी (backward compatibility) का क्या अर्थ है?
नया रॉकेट सेवारत (in-service) Pinaka लॉन्चर का उपयोग कर सकता है। लंबी दूरी के गोला-बारूद के लिए सेना को हर लॉन्चर को बदलने की आवश्यकता नहीं है।
यह सुविधा संक्रमण लागत (transition costs) को कम करती है और प्रशिक्षण को सरल बनाती है, और एक लॉन्चर परिवार विभिन्न सीमाओं के लिए अभिप्रेत रॉकेटों का समर्थन कर सकता है।
मार्गदर्शन (guidance) क्यों महत्वपूर्ण है?
एक अनगाइडेड रॉकेट (unguided rocket) मुख्य रूप से लॉन्च के समय निर्धारित पथ का अनुसरण करता है, और हवा तथा छोटी त्रुटियां इसके प्रभाव बिंदु को स्थानांतरित कर सकती हैं।
एक गाइडेड रॉकेट (guided rocket) उड़ान के दौरान अपने पथ को सही कर सकता है। यह आर्टिलरी स्थितियों, कमांड सेंटरों और लॉजिस्टिक्स साइटों को अधिक सटीकता से लक्षित कर सकता है।
पहाड़ों में और नागरिक क्षेत्रों के पास सटीकता मूल्यवान है, और यह सटीक लक्ष्य जानकारी की आवश्यकता को दूर नहीं करता है।
रॉकेट, मिसाइल और लॉन्चर
रॉकेट: प्रक्षेप्य (projectile) अपना प्रणोदक स्वयं ले जाता है; गाइडेड रॉकेट: यह अपना पथ भी सही करता है। लॉन्चर: वाहन या उपकरण रॉकेट को दागता है, और ये विनिमेय शब्द नहीं हैं।
निष्कर्ष
LRGR Pinaka को एरिया फायर से लंबी दूरी के सटीक हमले की ओर विस्तारित करता है, और लॉन्चर कम्पैटिबिलिटी एक प्रमुख परिचालन लाभ है। आगे के परीक्षण और प्रेरण निर्णय (induction decisions) इसकी अंतिम सेवा भूमिका निर्धारित करेंगे।