खबरों में क्यों?
दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications - DoT) ने प्रधानमंत्री वाई-फाई एक्सेस नेटवर्क इंटरफेस (Prime Minister Wi-Fi Access Network Interface - PM-WANI) योजना के तहत उपयोगकर्ता के अनुकूल सुधारों (user-friendly reforms) का एक सेट पेश किया है। बदलावों में क्यूआर-आधारित प्रमाणीकरण (QR-based authentication), छोटी अवधि के वाई-फाई प्लान और हॉटस्पॉट के लिए मानकीकृत नामकरण परंपराएं (standardised naming conventions) शामिल हैं, और सार्वजनिक वाई-फाई को अधिक सुलभ बनाने के लिए जुलाई 2026 तक लागू होने की उम्मीद है।
पृष्ठभूमि
सार्वजनिक वाई-फाई (Wi-Fi) हॉटस्पॉट (hotspots) के नेटवर्क के माध्यम से ब्रॉडबैंड (broadband) प्रसार में तेजी लाने के लिए दिसंबर 2020 में PM-WANI को मंजूरी दी गई थी। इस ढांचे के तहत, कोई भी दुकानदार या उद्यमी पब्लिक डेटा ऑफिस (Public Data Office - PDO) के रूप में पंजीकरण कर सकता है और बिना लाइसेंस के वाई-फाई सेवाएं दे सकता है, जबकि बड़ी संस्थाएं बैकहॉल कनेक्टिविटी (backhaul connectivity) प्रदान करने के लिए पब्लिक डेटा ऑफिस एग्रीगेटर्स (Public Data Office Aggregators - PDOAs) के रूप में कार्य करती हैं। नवंबर 2025 तक भारत में 3.9 लाख से अधिक PM-WANI हॉटस्पॉट थे।
नए सुधार क्या हैं?
- QR-आधारित लॉगिन (QR-based login): उपयोगकर्ता हॉटस्पॉट पर प्रदर्शित क्यूआर कोड (QR code) को स्कैन करके लैपटॉप (laptops) और द्वितीयक उपकरणों (secondary devices) को प्रमाणित कर सकेंगे, जिससे बार-बार मोबाइल नंबर और वन-टाइम पासवर्ड (one-time passwords) दर्ज करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
- लचीली योजनाएँ (Flexible plans): PDO लंबी अवधि के पैकेज के साथ-साथ छोटी अवधि की योजनाएं (उदाहरण के लिए 30-मिनट के पैक) भी पेश कर सकते हैं। इससे उन यात्रियों और आकस्मिक उपयोगकर्ताओं (casual users) को लाभ होगा जिन्हें थोड़े समय के लिए कनेक्टिविटी (connectivity) की आवश्यकता होती है।
- मानक नामकरण (Standard naming): सभी हॉटस्पॉट (hotspots) आसानी से पहचाने जाने योग्य बनाने और भ्रम कम करने के लिए एक सामान्य नामकरण प्रारूप (common naming format) का पालन करेंगे। DoT ने नामकरण (nomenclature) के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- उन्नत नेटवर्क प्रबंधन (Enhanced network management): पहले के सुधारों ने PDO को नियमित फाइबर कनेक्शन (regular fibre connections) का उपयोग करने, कई एक्सेस पॉइंट को एक बैकहॉल लिंक (backhaul link) में संयोजित करने, घर या व्यापार वाई-फाई को सार्वजनिक हॉटस्पॉट में बदलने, PDOA के बीच रोमिंग (roaming) सक्षम करने और मोबाइल डेटा को ऑफलोड करने (offload) की अनुमति दी थी। नवीनतम परिवर्तन उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए इन नवाचारों पर आधारित हैं।
PM-WANI का महत्व
- डिजिटल डिवाइड को पाटना (Bridging the digital divide): सार्वजनिक वाई-फाई (Wi-Fi) हॉटस्पॉट (hotspots) उन ग्रामीण और अर्ध-शहरी (semi-urban) क्षेत्रों में किफायती इंटरनेट (internet) सुविधा प्रदान करते हैं जहां फाइबर या मोबाइल ब्रॉडबैंड दुर्लभ हो सकता है।
- छोटे व्यवसायों को सहयोग (Supporting small businesses): PDO वाई-फाई सेवाएं देकर राजस्व अर्जित कर सकते हैं, जिससे समुदाय-स्तरीय दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र (community-level telecom ecosystem) का निर्माण होता है।
- मोबाइल डेटा लागत कम करना: सेलुलर नेटवर्क (cellular networks) से डेटा को वाई-फाई पर ऑफलोड करने से नेटवर्क की भीड़भाड़ (network congestion) कम हो सकती है और उपभोक्ताओं के लिए लागत कम हो सकती है।
निष्कर्ष
नवीनतम सुधार सार्वजनिक वाई-फाई को सरल और अधिक उपयोगकर्ता-केंद्रित (user-centric) बनाने की सरकार की प्रतिबद्धता का संकेत देते हैं। प्रमाणीकरण (authentication) को आसान बनाकर और लचीली योजनाओं (flexible plans) की पेशकश करके, PM-WANI विशेष रूप से छात्रों, यात्रियों और छोटे उद्यमों के लिए इंटरनेट पहुंच का नाटकीय रूप से विस्तार कर सकता है।