Environment

Pobitora Wildlife Sanctuary: भारतीय एक सींग वाला गैंडा, असम और ब्रह्मपुत्र

Pobitora Wildlife Sanctuary: भारतीय एक सींग वाला गैंडा, असम और ब्रह्मपुत्र

चर्चा में क्यों?

असम में पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य (Pobitora Wildlife Sanctuary) 2025-26 सीज़न के लिए पर्यटकों के लिए फिर से खुल गया है, जो भारतीय एक सींग वाले गैंडों (Indian one-horned rhinoceroses) की उल्लेखनीय आबादी (remarkable population) की ओर ध्यान आकर्षित कर रहा है। यह अभयारण्य, हालांकि छोटा है, इन लुप्तप्राय (endangered) जानवरों के उच्चतम घनत्व (highest density) का समर्थन करता है।

पृष्ठभूमि

पोबितोरा गुवाहाटी से लगभग 50 किमी पूर्व में मोरीगांव जिले (Morigaon district) में ब्रह्मपुत्र नदी के बाढ़ के मैदानों (floodplains) में स्थित है। 1987 में इसे वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था, यह केवल 38.8 वर्ग किलोमीटर को कवर करता है, जिसमें से लगभग 16 वर्ग किलोमीटर घास का मैदान (grassland) गैंडों के लिए उपयुक्त है। मौसमी बाढ़, पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी और लंबी घास आदर्श आवास (habitat) बनाते हैं।

प्रमुख विशेषताएं

  • गैंडों का गढ़ (Rhino stronghold): अपने छोटे आकार के बावजूद, पोबितोरा में 100 से अधिक भारतीय एक सींग वाले गैंडे हैं, जिससे यह दुनिया में इस प्रजाति का उच्चतम घनत्व (highest density) वाला क्षेत्र बन गया है। पोबितोरा से नियमित स्थानांतरण (translocations) अन्य अभयारण्यों में आबादी बढ़ाने में मदद करता है।
  • जैव विविधता (Biodiversity): यह अभयारण्य जंगली जल भैंस (wild water buffalo), बार्किंग हिरण (barking deer), तेंदुए (leopards), फिशिंग कैट (fishing cats) और पक्षियों की 200 से अधिक प्रजातियों का भी घर है। सर्दियों के दौरान यह प्रवासी बत्तखों (migratory ducks), सारस (storks) और वेडर (waders) के लिए आश्रय बन जाता है।
  • सामुदायिक भागीदारी: स्थानीय ग्रामीण अभयारण्य की सुरक्षा में भाग लेते हैं और ईको-पर्यटन (eco-tourism) से लाभान्वित होते हैं। संरक्षण परियोजनाओं (Conservation projects) का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना, गैंडों के आवास का विस्तार करना और आजीविका में सुधार करना है।
  • चुनौतियां: ब्रह्मपुत्र की वार्षिक बाढ़ आवास को नष्ट कर देती है और जानवरों को ऊंचे स्थानों पर जाने के लिए मजबूर करती है जहां उनका सामना लोगों से होता है। अतिक्रमण (Encroachment), अवैध शिकार (poaching) और आक्रामक खरपतवार (invasive weeds) भी अभयारण्य के नाजुक संतुलन के लिए खतरा हैं।

संभावना

पोबितोरा इस बात का उदाहरण है कि स्थानीय समुदायों द्वारा समर्थित होने पर छोटे संरक्षित क्षेत्र (protected areas) प्रमुख प्रजातियों (flagship species) के संरक्षण में कितनी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। आवास की बहाली, अवैध शिकार विरोधी उपायों और टिकाऊ पर्यटन (sustainable tourism) में निरंतर निवेश यह सुनिश्चित करेगा कि गैंडे और ग्रामीण दोनों फलें-फूलें।

स्रोत: NIE

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