इतिहास

Pompeii AD 79: माउंट वेसुवियस विस्फोट और AI खोज

Pompeii AD 79: माउंट वेसुवियस विस्फोट और AI खोज

समाचार में क्यों?

पॉम्पेई आर्कियोलॉजिकल पार्क (Pompeii Archaeological Park) में पुरातत्वविदों ने 79 ईस्वी (AD 79) में माउंट वेसुवियस (Mount Vesuvius) के विस्फोट के दौरान मरने वाले एक व्यक्ति के चेहरे और अंतिम क्षणों के पुनर्निर्माण के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग किया है। कंकाल के अवशेषों और कलाकृतियों से बनाया गया डिजिटल चित्र उसे आगे की ओर झुका हुआ और गिरते मलबे से बचने के लिए ढाल के रूप में एक टेराकोटा मोर्टार (terracotta mortar) का उपयोग करते हुए दिखाता है।

पॉम्पेई पर पृष्ठभूमि

पॉम्पेई आधुनिक नेपल्स, इटली के पास एक प्राचीन रोमन शहर था। इसकी स्थापना छठी शताब्दी ईसा पूर्व के आसपास Samnites द्वारा की गई थी और बाद में 80 ईसा पूर्व में इसे रोमन गणराज्य (Roman Republic) में मिला लिया गया था। सर्नो नदी (Sarno River) के मुहाने के पास और माउंट वेसुवियस के आधार पर स्थित, पॉम्पेई लगभग 10-12 हजार लोगों के एक समृद्ध शहर में विकसित हुआ।

शहर में पक्की सड़कें, नगरपालिका जल प्रणाली, एक एम्फीथिएटर और एक व्यायामशाला (gymnasium) थी। इसकी अर्थव्यवस्था व्यापार और कृषि पर पनपी। हालाँकि, 24 अगस्त 79 ईस्वी को, वेसुवियस हिंसक रूप से फट गया, जिसने पॉम्पेई को राख और प्यूमिस के मीटरों के नीचे दफन कर दिया। अचानक दफन होने से इमारतों, मोज़ेक और यहां तक कि भोजन को भी उल्लेखनीय विस्तार से संरक्षित किया गया। 18वीं शताब्दी में खुदाई शुरू हुई, जिससे पॉम्पेई दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों और यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) में से एक बन गया।

AI पुनर्निर्माण

  • निष्कर्ष: पुरातत्वविदों को पॉम्पेई के दक्षिणी द्वार के पास, पोर्टा स्टेबिया क्षेत्र और पास के नेक्रोपोलिस के करीब एक वयस्क पुरुष के अवशेष मिले। कंकाल के पास एक टेराकोटा मोर्टार, एक तेल का दीपक, एक छोटी लोहे की अंगूठी और दस कांस्य के सिक्के थे - रोज़मर्रा की वस्तुएं जिन्हें उसने स्पष्ट रूप से भागते समय पकड़ लिया था।
  • AI प्रक्रिया: यूनिवर्सिटी ऑफ पडुआ (University of Padua) के शोधकर्ताओं ने कंप्यूटर मॉडल के साथ उत्खनन डेटा, कंकाल माप और मिली वस्तुओं को संयोजित किया। AI ने एक सजीव छवि उत्पन्न की जिसमें व्यक्ति को मोर्टार के साथ अपने सिर के ऊपर उठाया हुआ दिखाया गया है क्योंकि ज्वालामुखी का मलबा बारिश की तरह गिर रहा था।
  • व्याख्या: छवि कोई तस्वीर नहीं है बल्कि एक वैज्ञानिक रूप से आधारित पुनर्निर्माण है। यह इस बात की अंतर्दृष्टि प्रदान करता है कि कैसे निवासियों ने विस्फोट से बचने की कोशिश की, जो पॉम्पेई की त्रासदी को वैयक्तिकृत करता है।
  • विद्वानों के विचार: पार्क के निदेशक गैब्रियल ज़ुचट्रीगेल (Gabriel Zuchtriegel) ने कहा कि AI भारी मात्रा में डेटा को प्रोसेस करके पारंपरिक पुरातत्व का पूरक है। इसका उपयोग मानव विशेषज्ञता को बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए, न कि उसे बदलने के लिए।

निष्कर्ष

AI-संचालित यह चित्र हमें उन लोगों के करीब लाता है जो कभी पॉम्पेई में रहते थे। पुरातात्विक साक्ष्यों के साथ आधुनिक तकनीक का सम्मिश्रण करके, शोधकर्ता खंडहरों से अधिक मानवीय कहानियां बता सकते हैं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में व्यापक जनहित को आकर्षित कर सकते हैं।

स्रोत: India Today

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