रक्षा

Precision Strike Missile: अमेरिकी सेना, HIMARS और PrSM

Precision Strike Missile: अमेरिकी सेना, HIMARS और PrSM

चर्चा में क्यों?

कथित तौर पर संयुक्त राज्य अमेरिका की सेना ने मार्च 2026 की शुरुआत में ईरान के साथ संघर्ष में एक नया हथियार, प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल (Precision Strike Missile - PrSM) इस्तेमाल किया। विश्लेषकों ने कहा कि यह मिसाइल की पहली लड़ाकू तैनाती (combat deployment) थी, जिसे अमेरिकी सेना के लिए लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) द्वारा विकसित किया जा रहा है। इस घटना ने लंबी दूरी के तोपखाने (long-range artillery) की नई पीढ़ी की ओर ध्यान आकर्षित किया।

पृष्ठभूमि

2019 में इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज ट्रीटी (Intermediate-Range Nuclear Forces Treaty) से संयुक्त राज्य अमेरिका के हटने के बाद, इसने पहले प्रतिबंधित सीमाओं के साथ जमीन से प्रक्षेपित मिसाइलों (ground-launched missiles) का विकास शुरू किया। प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल का उद्देश्य पुरानी आर्मी सामरिक मिसाइल प्रणाली (Army Tactical Missile System - ATACMS) को बदलना और अधिक रेंज और सटीकता (accuracy) प्रदान करना है। 2024 में मिसाइल को अपनी क्षमता का प्रदर्शन करते हुए कई परीक्षण उड़ानों (test flights) से गुजरना पड़ा।

PrSM की विशेषताएं

  • रेंज और पेलोड: 60 किमी से लगभग 500 किमी दूर लक्ष्यों (targets) पर प्रहार करने के लिए डिज़ाइन किया गया, मिसाइल ATACMS की तुलना में छोटे शरीर में एक उच्च-विस्फोटक वारहेड (high-explosive warhead) ले जाती है।
  • ओपन-आर्किटेक्चर डिज़ाइन: इसके इलेक्ट्रॉनिक्स और सॉफ्टवेयर खुले मानकों (open standards) का उपयोग करते हैं, जिससे नए सेंसर, साधक (seekers) या संचार प्रणाली के साथ अपग्रेड की अनुमति मिलती है।
  • अनुकूलता (Compatibility): मिसाइल सेना के मौजूदा हाई-मोबिलिटी आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम (High-Mobility Artillery Rocket System - HIMARS) और मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (Multiple Launch Rocket System - MLRS) लॉन्चर्स से लॉन्च की जाती है। प्रत्येक लॉन्चर दो PrSM राउंड ले जा सकता है।
  • मार्गदर्शन (Guidance): PrSM एक सटीक प्रक्षेपवक्र (trajectory) उड़ान भरने के लिए GPS और जड़त्वीय नेविगेशन (inertial navigation) का उपयोग करता है, जिससे यह न्यूनतम संपार्श्विक क्षति (collateral damage) के साथ निश्चित लक्ष्यों (fixed targets) को हिट करने में सक्षम बनाता है।

निहितार्थ

PrSM की तैनाती युद्ध के मैदान में लंबी दूरी की, सटीक-निर्देशित आग (precision-guided fires) की ओर अमेरिकी सेना के बदलाव का संकेत देती है। यह अन्य देशों द्वारा इसी तरह के विकास को प्रेरित कर सकता है और भविष्य के हथियारों के नियंत्रण पर चर्चा (arms-control discussions) को प्रभावित कर सकता है। भारत और उसके पड़ोसियों के लिए, क्षेत्रीय सुरक्षा के व्यापक संदर्भ में ऐसी प्रणालियों को समझना महत्वपूर्ण है।

स्रोत: Al Jazeera

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