रक्षा

प्रोजेक्ट दीपक: सीमा सड़क संगठन (BRO)

प्रोजेक्ट दीपक: सीमा सड़क संगठन (BRO)

समाचार में क्यों?

सीमा सड़क संगठन (Border Roads Organisation - BRO) के प्रोजेक्ट दीपक (Project Deepak) ने 4 मई 2026 को शिमला (Shimla) में अपना 66वां स्थापना दिवस (Raising Day) मनाया। यह परियोजना पश्चिमी हिमालय (Western Himalayas) में रणनीतिक सड़क नेटवर्क (strategic road networks) के निर्माण और रखरखाव के छह दशकों से अधिक समय को चिह्नित करती है। यह उच्च-ऊंचाई (high-altitude) वाली सीमा सड़कों को खुला रखने और रक्षा और नागरिक दोनों समुदायों का समर्थन करने में सहायक रहा है।

पृष्ठभूमि

सीमा सड़क संगठन (BRO) की स्थापना 1960 में भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे (infrastructure) को विकसित करने के लिए की गई थी। 1961 में खड़ा किया गया और शिमला में मुख्यालय (headquartered) वाला प्रोजेक्ट दीपक, इसकी सबसे पुरानी परियोजनाओं में से एक है। यह हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) और उत्तराखंड (Uttarakhand) के कुछ हिस्सों में 1,100 किमी से अधिक सड़कों के लिए जिम्मेदार है, जिसमें हिंदुस्तान-तिब्बत रोड (Hindustan-Tibet Road) और मनाली-लेह (Manali-Leh) धुरी के हिस्से शामिल हैं। यह परियोजना चार पवित्र मंदिरों (shrines), जिन्हें सामूहिक रूप से चार धाम (Char Dhams) के रूप में जाना जाता है, और दूरस्थ गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब (Gurudwara Hemkund Sahib) तक जाने वाली सड़कों को खुला रखती है।

मुख्य बिंदु

  • रणनीतिक कनेक्टिविटी (Strategic connectivity): प्रोजेक्ट दीपक सीमा चौकियों (border posts) और दूरदराज के गांवों को जोड़ने वाली उच्च ऊंचाई वाली सड़कों (high-altitude roads) का निर्माण, उन्नयन (upgrades) और रखरखाव करता है। ये सड़कें सैनिकों की आवाजाही (troop movement), रसद (logistics) और पर्यटन (tourism) के लिए महत्वपूर्ण हैं।
  • आपदा प्रतिक्रिया (Disaster response): प्रोजेक्ट दीपक के तहत टीमों ने बार-बार बर्फीले तूफान (snowstorms) और भूस्खलन (landslides) के दौरान फंसे मोटर चालकों को बचाया है। मई 2023 में उन्होंने बारालाचा दर्रे (Baralachala Pass) पर लगभग 300 मोटर चालकों को निकाला, और जुलाई 2023 में उन्होंने उच्च ऊंचाई वाले चंद्रताल (Chandrataal) क्षेत्र से 250 से अधिक नागरिकों को निकाला।
  • ऐतिहासिक उपलब्धियां (Historical achievements): परियोजना ने हिंदुस्तान-तिब्बत रोड और मनाली-लेह मार्ग (Manali-Leh route) के प्रमुख खंडों का निर्माण किया — दोनों इंजीनियरिंग कारनामे (engineering feats) जो दुनिया के कुछ सबसे कठिन इलाकों (toughest terrain) को पार करते हैं। यह साल भर कनेक्टिविटी (year-round connectivity) सुनिश्चित करने के लिए सड़क की सतहों (road surfaces) और पुलों (bridges) में सुधार करना जारी रखे हुए है।

महत्व

सीमावर्ती क्षेत्रों (border areas) में सभी मौसमों (all-weather) में पहुंच को सक्षम करके, प्रोजेक्ट दीपक राष्ट्रीय सुरक्षा (national security) को मजबूत करता है और सामाजिक-आर्थिक विकास (socio-economic development) को बढ़ावा देता है। इसके बचाव मिशन (rescue missions) उच्च जोखिम वाले वातावरण (high-risk environments) में कुशल सड़क इंजीनियरिंग इकाइयों (skilled road engineering units) को बनाए रखने के महत्व को रेखांकित करते हैं। स्थापना दिवस (raising day) चरम स्थितियों (extreme conditions) में सेवारत बीआरओ कर्मियों (BRO personnel) के समर्पण (dedication) की याद दिलाता है।

स्रोत: PIB

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