चर्चा में क्यों?
Nature Medicine में प्रकाशित एक बहु-देशीय अध्ययन (multi-country study) ने 267 लोगों के 500 से अधिक ब्रेन स्कैन का विश्लेषण किया और पाया कि LSD, psilocybin, DMT, mescaline और ayahuasca जैसे psychedelic पदार्थ अस्थायी रूप से मस्तिष्क नेटवर्क को बाधित करते हैं जो हमारे स्वयं की भावना (sense of self) को रेखांकित करते हैं। निष्कर्षों से पता चलता है कि नियंत्रित परिस्थितियों में ये पदार्थ शोधकर्ताओं को चेतना (consciousness) को समझने और मानसिक स्वास्थ्य विकारों (mental health disorders) के लिए उपचार विकसित करने में मदद कर सकते हैं।
पृष्ठभूमि
Psychedelics मनो-सक्रिय पदार्थ (psychoactive substances) हैं जो धारणा, मनोदशा (mood) और अनुभूति में गहन परिवर्तन का कारण बनते हैं। मनुष्यों ने सहस्राब्दियों (millennia) से आध्यात्मिक और चिकित्सीय उद्देश्यों के लिए उनका उपयोग किया है। आधुनिक विज्ञान क्लासिक psychedelics—जैसे LSD (lysergic acid diethylamide), psilocybin (मैजिक मशरूम में पाया जाता है), DMT (dimethyltryptamine) और mescaline—और केटामाइन (ketamine) और MDMA जैसे नॉन-क्लासिक psychedelic-जैसे पदार्थों के बीच अंतर करता है। ये यौगिक मुख्य रूप से मस्तिष्क में सेरोटोनिन या ग्लूटामेट रिसेप्टर्स पर कार्य करते हैं, जिससे मतिभ्रम (hallucinations), उत्साह और विचार पैटर्न में बदलाव होता है। वे शारीरिक रूप से नशे की लत (physically addictive) नहीं हैं लेकिन सहनशीलता को प्रेरित कर सकते हैं और अनियंत्रित सेटिंग्स में प्रतिकूल मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रियाओं (adverse psychological reactions) का कारण बन सकते हैं।
नए अध्ययन ने क्या पाया
- बढ़ी हुई कनेक्टिविटी: मस्तिष्क इमेजिंग से पता चला है कि psychedelics ने मस्तिष्क के उन क्षेत्रों के बीच संचार बढ़ा दिया है जो सामान्य रूप से अलग होते हैं। यह अधिक कनेक्टिविटी संवेदी इनपुट (sensory input) और आंतरिक विचारों के बीच की सीमाओं को धुंधला कर देती है, जो उपयोगकर्ताओं द्वारा रिपोर्ट की गई ज्वलंत कल्पना (vivid imagery) और एकता की भावना (sense of oneness) को स्पष्ट कर सकती है।
- स्व-संदर्भित नेटवर्क (self-referential networks) में व्यवधान: अध्ययन ने नोट किया कि डिफ़ॉल्ट मोड नेटवर्क-जो अक्सर आत्म-प्रतिबिंब (self-reflection) और आत्मकथात्मक स्मृति (autobiographical memory) से जुड़ा होता है-अस्थायी रूप से गतिविधि में कम हो गया था। यह कमी अहंकार के विघटन (ego dissolution) या "स्वयं को खोने" की भावना को रेखांकित कर सकती है।
- चिकित्सीय क्षमता (Therapeutic potential): प्रारंभिक नैदानिक परीक्षणों (clinical trials) से पता चलता है कि चिकित्सा पर्यवेक्षण (medical supervision) के तहत उपयोग किए जाने पर psychedelics, रोगियों को कठोर विचार पैटर्न को तोड़ने में सक्षम बनाकर अवसाद (depression), चिंता और post-traumatic stress disorder को कम कर सकते हैं। हालांकि, इष्टतम खुराक और दीर्घकालिक सुरक्षा निर्धारित करने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है।
भारत में विनियमन (Regulation in India)
भारत में, LSD और psilocybin जैसे psychedelics को Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act 1985 के तहत साइकोट्रोपिक पदार्थों के रूप में वर्गीकृत किया गया है। वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए दिए गए विशेष लाइसेंस के बिना उनका निर्माण, बिक्री और कब्ज़ा अवैध है। वकील सावधानीपूर्वक सुधारों का आग्रह करते हैं जो दुरुपयोग को रोकते हुए चिकित्सा अध्ययन की अनुमति देते हैं।
जोखिमों को समझना
Psychedelics शक्तिशाली होते हैं और यदि बिना मार्गदर्शन के लिए जाते हैं तो भ्रम, चिंता और अप्रत्याशित व्यवहार (unpredictable behaviour) का कारण बन सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि किसी भी चिकित्सीय उपयोग को नियंत्रित वातावरण में प्रशिक्षित पेशेवरों द्वारा आयोजित किया जाना चाहिए। ऐसी दवाओं को शराब या अन्य पदार्थों के साथ मिलाने से नुकसान का खतरा बढ़ जाता है।
स्रोत: HealthDay, Cleveland Clinic, NDPS Act