Economy (अर्थव्यवस्था)

Purchasing Managers' Index: S&P ग्लोबल, विनिर्माण विस्तार और PMI

Purchasing Managers' Index: S&P ग्लोबल, विनिर्माण विस्तार और PMI

समाचारों में क्यों?

S&P ग्लोबल द्वारा संकलित भारत का मौसमी रूप से समायोजित (seasonally adjusted) विनिर्माण क्रय प्रबंधक सूचकांक (Purchasing Managers’ Index - PMI), मार्च 2026 में फिसलकर 53.9 पर आ गया, जो फरवरी में 55.6 था。 यद्यपि यह अभी भी 50-अंक के स्तर से ऊपर है जो विस्तार (expansion) को संकुचन (contraction) से अलग करता है, यह रीडिंग जून 2022 के बाद सबसे कम थी और बढ़ती इनपुट लागत (input costs) के बीच धीमी वृद्धि (slower growth) का संकेत देती है।

पृष्ठभूमि

PMI क्रय प्रबंधकों (purchasing managers) के मासिक सर्वेक्षणों (monthly surveys) पर आधारित एक प्रसार सूचकांक (diffusion index) है。 विनिर्माण (manufacturing) के लिए, यह नए ऑर्डर, आउटपुट, रोजगार, आपूर्तिकर्ता वितरण समय (supplier delivery times) और इन्वेंट्री (inventories) पर प्रतिक्रियाओं को एकत्रित करता है。 इन घटकों को निम्नानुसार महत्व (weighted) दिया जाता है: नए ऑर्डर (30 प्रतिशत), आउटपुट (25 प्रतिशत), रोजगार (20 प्रतिशत), आपूर्तिकर्ता वितरण समय (15 प्रतिशत) और खरीद का स्टॉक (10 प्रतिशत)। 50 से ऊपर की रीडिंग विस्तार को दर्शाती है, जबकि 50 से नीचे की रीडिंग संकुचन को दर्शाती है。 चूंकि सर्वेक्षण की प्रतिक्रियाएं महीने की शुरुआत में एकत्र की जाती हैं, इसलिए PMI आर्थिक प्रवृत्तियों (economic trends) के एक प्रमुख संकेतक (leading indicator) के रूप में कार्य करता है।

मार्च 2026 रीडिंग और व्याख्या (March 2026 reading and interpretation)

  • एल्युमिनियम, रसायन, ऊर्जा और माल ढुलाई (freight) के लिए उच्च कीमतों का हवाला देते हुए निर्माताओं के साथ इनपुट लागत तेजी से बढ़ी。 कई फर्मों ने इन लागतों को ग्राहकों (customers) पर डाल दिया, जिससे नए ऑर्डर में धीमी वृद्धि हुई।
  • रोजगार सृजन (job creation) की दर मध्यम थी लेकिन सकारात्मक रही, जो यह सुझाव देती है कि फर्में अभी भी भविष्य की मांग के बारे में आशावादी (optimistic) थीं।
  • 53.9 पर, PMI अभी भी विस्तार का तात्पर्य रखता है, हालांकि धीमी गति नीति निर्माताओं (policymakers) को सावधानी बरतने के लिए प्रेरित कर सकती है।

महत्व

  • PMI विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों (services sectors) के स्वास्थ्य के बारे में समय पर जानकारी प्रदान करता है, आधिकारिक आंकड़ों का पूरक (complementing) है जो बाद में जारी किए जाते हैं।
  • 50 से ऊपर की निरंतर रीडिंग वैश्विक अनिश्चितताओं (global uncertainties) के बावजूद औद्योगिक क्षेत्र (industrial sector) में लचीलेपन (resilience) का संकेत देती है, जबकि लगातार गिरावट नीतिगत समायोजन (policy adjustments) को बढ़ावा दे सकती है।

स्रोत: IG मार्केट्स (IG Markets) · इकोनॉमिक टाइम्स (Economic Times)

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