समाचार में क्यों?
हाल ही में उन रिपोर्टों के बाद Qom चर्चा में था जिनमें भारतीय Shiʿa मदरसा छात्रों की गतिविधियों पर प्रकाश डाला गया था, जिन्होंने बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच स्थानीय निवासियों का समर्थन करने के लिए सहायता केंद्र (aid stations) स्थापित किए थे। इस घटना ने Qom के महत्वपूर्ण भारतीय समुदाय और तीर्थयात्रा तथा शिक्षा के केंद्र के रूप में शहर के महत्व की ओर ध्यान आकर्षित किया।
पृष्ठभूमि
Qom, तेहरान से लगभग 140 किलोमीटर दक्षिण में Qom River के तट पर स्थित है। यह Shia Islam के सबसे पवित्र शहरों में से एक है क्योंकि यहाँ इमाम रज़ा की बहन फातिमा बिन्त मूसा (Fatimah bint Musa) की मज़ार है। 9वीं शताब्दी की शुरुआत में बनी यह मज़ार हर साल लाखों तीर्थयात्रियों को आकर्षित करती है। शहर का इतिहास प्राचीन काल तक फैला हुआ है: अरब सेनाओं ने 644 CE में इस पर कब्ज़ा कर लिया था, और 8वीं शताब्दी तक अशारी अरब परिवार यहाँ बस गए थे। 816 CE में फातिमा की मृत्यु के बाद उनकी मज़ार स्थापित की गई, और 9वीं शताब्दी तक Qom, शिया विद्वता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया था।
मुख्य आकर्षण
- धार्मिक केंद्र: Qom दुनिया के सबसे बड़े शिया मदरसों में से एक की मेज़बानी करता है और इसे मशहद (Mashhad) के बाद ईरान का दूसरा सबसे पवित्र शहर माना जाता है। फातिमा बिन्त मूसा की मज़ार तीर्थयात्रा का केंद्र बिंदु है, जहाँ हर साल लगभग 20 मिलियन (2 करोड़) आगंतुक आते हैं।
- भारतीय समुदाय: धार्मिक अध्ययन करने के लिए हज़ारों भारतीय छात्र और विद्वान Qom में रहते हैं। May 2026 में उन्होंने “Moukebs” (सहायता केंद्र) आयोजित किए, जिन्होंने स्थानीय आबादी को पानी और भोजन प्रदान किया, और तनाव के समय में एकजुटता का प्रदर्शन किया।
- सांस्कृतिक विरासत: Qom सोहन (sohan) नामक केसर के स्वाद वाली एक टॉफी (brittle toffee) के उत्पादन के लिए, और अपने हस्तशिल्प तथा धार्मिक प्रकाशनों के लिए जाना जाता है। शहर का धर्मशास्त्रीय शिक्षा और तीर्थयात्रा पर्यटन के केंद्र के रूप में विस्तार जारी है।