चर्चा में क्यों?
संयुक्त राज्य नौसेना (United States Navy) ने घोषणा की है कि 30वां रिम ऑफ द पैसिफिक (RIMPAC) अभ्यास 24 जून से 31 जुलाई 2026 तक हवाई द्वीप समूह में और उसके आसपास होगा। इस द्विवार्षिक अभ्यास में लगभग 31 देश, 40 सतह जहाज, 5 पनडुब्बियां, 140 से अधिक विमान और लगभग 25,000 जवान शामिल होंगे। 2026 के लिए इसका विषय “Partners: Integrated and Prepared” है।
पृष्ठभूमि
RIMPAC दुनिया का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास है। यह 1971 में शुरू हुआ था और हर दो साल में आयोजित किया जाता है। इसकी मेजबानी U.S. Pacific Fleet के कमांडर द्वारा की जाती है और U.S. Third Fleet के कमांडर द्वारा इसका नेतृत्व किया जाता है। इसका उद्देश्य समुद्री साझेदारी को मजबूत करना, अंतर-संचालनीयता में सुधार करना और स्वतंत्र और खुले समुद्रों को बढ़ावा देना है। दशकों से RIMPAC का पैमाना बढ़ा है और अब इसमें इंडो-पैसिफिक और उसके बाहर की नौसेनाएं, तट रक्षक और समुद्री बल शामिल हैं।
RIMPAC 2026 की मुख्य विशेषताएं
- बड़ी भागीदारी: इकतीस देश जहाज, पनडुब्बी, विमान और थल सेना भेजेंगे। अभ्यास में उभयचर लैंडिंग, गनरी अभ्यास, पनडुब्बी रोधी युद्ध, वायु रक्षा और आपदा-राहत अभ्यास शामिल होंगे।
- नेतृत्व की भूमिकाएं: अमेरिकी नौसेना अभ्यास का नेतृत्व करेगी। चिली की नौसेना उप कमांडर के रूप में काम करेगी, जबकि Japan Maritime Self‑Defense Force वाइस कमांडर के रूप में काम करेगी। कोरिया गणराज्य की नौसेना समुद्री घटक की कमान संभालेगी और Royal Canadian Air Force वायु घटक की कमान संभालेगी।
- एकीकृत प्रशिक्षण: बल मानवीय सहायता, समुद्री सुरक्षा, मानवरहित प्रणाली, खदान निकासी और संयुक्त अभियानों जैसे वास्तविक दुनिया के परिदृश्यों में सहयोग का अभ्यास करेंगे। अभ्यास भागीदारों को एक-दूसरे की प्रक्रियाओं को समझने और विश्वास बनाने में मदद करते हैं।
- ऐतिहासिक संदर्भ: RIMPAC केवल कुछ प्रतिभागियों के साथ शुरू हुआ था। 2016 और 2018 में भारत ने नौसैनिक जहाज और विमान भेजे थे। 2026 संस्करण 30वीं पुनरावृत्ति का प्रतीक है, जो इसके स्थायी महत्व को दर्शाता है।
यह क्यों मायने रखता है
विविध सुरक्षा चुनौतियों वाले क्षेत्र में, RIMPAC समुद्री बलों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है। बड़ी और छोटी नौसेनाओं की भागीदारी समावेशिता पर जोर देती है। संयुक्त प्रशिक्षण प्राकृतिक आपदाओं या समुद्री डकैती जैसे संकटों के लिए तत्परता में सुधार करता है। भारत और अन्य एशियाई देशों के लिए यह अभ्यास समुद्री क्षमताओं को बढ़ाने और सहयोगियों और भागीदारों के साथ काम करने का एक स्थान है।
निष्कर्ष
RIMPAC 2026 खुले समुद्र में बहुराष्ट्रीय सहयोग का प्रदर्शन करेगा। व्यापक भागीदारी और विविध अभ्यासों से भागीदार नौसेनाओं के बीच विश्वास और अंतर-संचालनीयता मजबूत होनी चाहिए। एक स्वतंत्र और सुरक्षित इंडो-पैसिफिक के लिए निरंतर सहयोग की आवश्यकता है, और RIMPAC उस प्रयास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
स्रोत: U.S. Pacific Fleet · Seapower Magazine
किसान सारथी – भारत का एकीकृत डिजिटल कृषि-सलाहकार मंच (Kisan Sarathi – India’s integrated digital agro‑advisory platform)
चर्चा में क्यों?
सरकार ने स्मार्ट कृषि के लिए अपने प्रयासों के तहत भारत के सबसे बड़े डिजिटल कृषि-सलाहकार मंच किसान सारथी की सफलता पर प्रकाश डाला है। यह मंच वास्तविक समय में किसानों को वैज्ञानिकों से जोड़ता है। हाल के अपडेट ने मोबाइल ऐप और विलेज कियोस्क के माध्यम से पहुंच का विस्तार किया है। यह पहल किसानों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और कई रिपोर्टों में इसकी प्रशंसा की गई है।
पृष्ठभूमि
किसान सारथी को 16 जुलाई 2021 को कृषि और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालयों द्वारा लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य सीधे किसानों को समय पर, स्थानीय भाषा में सलाह देना था। किसानों के पास अक्सर कृषि संबंधी जानकारी और सरकारी योजनाओं तक पहुंच का अभाव था। यह मंच इस अंतर को पाटने के लिए इंटरैक्टिव इंफॉर्मेशन डिसमिनेशन सिस्टम (IIDS) का उपयोग करता है। इसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), कृषि सांख्यिकी और सूचना विज्ञान संस्थान (IASRI), डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया गया है।
किसान सारथी कैसे काम करता है
- बड़ा नेटवर्क: यह प्लेटफॉर्म 730 से अधिक कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK), 100 से अधिक ICAR संस्थानों और लगभग 65 कृषि विश्वविद्यालयों को जोड़ता है। किसान अपने खेतों के पास विशेषज्ञों से जुड़ सकते हैं।
- एकाधिक पहुंच बिंदु: किसान कॉल सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर, एक वेब पोर्टल, मोबाइल ऐप, वीडियो परामर्श और व्हाट्सएप के माध्यम से सलाह ले सकते हैं। यह दूरदराज के इलाकों में भी पहुंच सुनिश्चित करता है।
- वैयक्तिकृत सलाह: विस्तार कार्यकर्ता और वैज्ञानिक फसल-विशिष्ट सिफारिशें, कीट चेतावनी, मौसम पूर्वानुमान और योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। क्षेत्रीय भाषाओं में संदेश दिए जाते हैं।
- लाभ: किसानों को समय पर जानकारी मिलती है, जिससे बेहतर पैदावार और संसाधन उपयोग होता है। KVK और ICAR संस्थानों को अनुसंधान में सुधार के लिए क्षेत्र से प्रतिक्रिया मिलती है। नीति निर्माता कमियों की पहचान करने और योजनाएं बनाने के लिए एकत्रित डेटा का विश्लेषण कर सकते हैं।
महत्व
डिजिटल विस्तार प्लेटफॉर्म भारतीय कृषि को बदल सकते हैं। किसान सारथी छोटे किसानों को फसल के नुकसान को कम करने, उत्पादकता में सुधार करने और बाजार के अवसरों को समझने में मदद करता है। वैज्ञानिक सलाह के साथ सरकारी योजनाओं को एकीकृत करके, यह मंच किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य का समर्थन करता है। यह सेवाओं के वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ावा देता है।
निष्कर्ष
किसान सारथी दिखाता है कि कैसे तकनीक और स्थानीय ज्ञान एक साथ काम कर सकते हैं। कई माध्यमों से किसानों को विशेषज्ञों से जोड़कर, यह मंच ग्रामीण समुदायों को सूचित निर्णय लेने के लिए सशक्त बनाता है। निरंतर अपग्रेड और सामुदायिक भागीदारी यह सुनिश्चित करेगी कि इस डिजिटल क्रांति से अधिक किसानों को लाभ मिले।
स्रोत: MI