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RoDTEP Scheme: निर्यात रिफंड, मर्चेंडाइज निर्यात और WTO अनुपालन

RoDTEP Scheme: निर्यात रिफंड, मर्चेंडाइज निर्यात और WTO अनुपालन

ख़बरों में क्यों?

पश्चिम एशियाई समुद्री व्यापार में व्यवधानों के जवाब में, सरकार ने निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (Remission of Duties and Taxes on Exported Products - RoDTEP) योजना के तहत पहले से कम की गई दरों और मूल्य कैप (value caps) को बहाल कर दिया है। यह बहाली फरवरी 2026 में पेश की गई अस्थायी 50 प्रतिशत कैप को उलट देती है और यह सुनिश्चित करती है कि निर्यातकों को उनके उत्पादों पर लगे करों और शुल्कों (embedded taxes and duties) की पूरी प्रतिपूर्ति (reimbursement) मिले। इस उपाय का उद्देश्य अशांत वैश्विक बाजार में भारतीय वस्तुओं की प्रतिस्पर्धात्मकता (competitiveness) को बनाए रखना है।

पृष्ठभूमि

RoDTEP 1 जनवरी 2021 को पिछली मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स फ्रॉम इंडिया स्कीम (MEIS) को बदलने के लिए लागू हुआ, जिसे विश्व व्यापार संगठन (WTO) में चुनौती दी गई थी। नई योजना WTO मानदंडों के अनुरूप है और विभिन्न केंद्रीय और राज्य लेवी (levies), जैसे कि ईंधन और बिजली पर मूल्यवर्धित कर (VAT) की प्रतिपूर्ति करती है, जिसका निर्यातक कहीं और दावा नहीं कर सकते। इसे एक डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से लागू किया जाता है, जिसमें हस्तांतरणीय इलेक्ट्रॉनिक स्क्रिप (transferable electronic scrips) के रूप में लाभ जमा किए जाते हैं।

मुख्य विशेषताएं

  • कवरेज: यह योजना सभी क्षेत्रों को कवर करती है लेकिन कपड़ा, चमड़ा, कृषि, रत्न और आभूषण जैसे श्रम-गहन (labour-intensive) उद्योगों को प्राथमिकता देती है। निर्माता (manufacturer) और व्यापारी (merchant) निर्यातक दोनों, साथ ही विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZs) और निर्यातोन्मुखी इकाइयों (Export Oriented Units - EOUs) की इकाइयां पात्र हैं।
  • रिफंड तंत्र (Refund mechanism): पात्र निर्यातकों को उन शुल्कों और करों पर छूट मिलती है जो अन्यथा वापस नहीं किए जाते हैं। क्रेडिट (Credits) इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किए जाते हैं और भविष्य के आयात पर सीमा शुल्क का भुगतान करने के लिए उपयोग किए जा सकते हैं।
  • बहिष्करण (Exclusions): पुन: आयात के लिए निर्यात किए गए उत्पाद, विशेष आर्थिक परियोजनाओं के लिए आपूर्ति और ऐसे निर्यात जहां अन्य ड्रॉबैक योजनाएं (drawback schemes) लागू होती हैं, RoDTEP लाभों के लिए पात्र नहीं हैं।
  • डिजिटल प्रशासन: यह योजना एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से संचालित होती है जहां निर्यातक शिपिंग बिल जमा करते हैं और क्रेडिट प्राप्त करते हैं। यह पेपरलेस प्रणाली प्रसंस्करण समय (processing time) को कम करती है और पारदर्शिता बढ़ाती है।

महत्व

  • प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा देना: उन करों को वापस करके जो अन्यथा माल की कीमत में शामिल होंगे, RoDTEP भारतीय उत्पादों को विदेशी बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने में मदद करता है, खासकर ऐसे समय में जब माल ढुलाई लागत (freight costs) और आपूर्ति श्रृंखलाएं अस्थिर हैं।
  • MSMEs का समर्थन: छोटे और मध्यम उद्यम (SMEs) योजना से सबसे अधिक लाभान्वित होते हैं क्योंकि उनके पास छिपी हुई लागतों को अवशोषित करने के लिए संसाधनों की कमी होती है।
  • नीतिगत स्थिरता: पूर्ण दरों की बहाली निर्यातकों के बीच विश्वास को मजबूत करती है कि वैश्विक व्यवधानों के दौरान सरकारी नीतियां सहायक बनी रहती हैं।

स्रोत: PIB

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