सामाजिक

RSETI Scheme: ग्रामीण युवा कौशल, स्व-रोजगार और ऋण लिंकेज

RSETI Scheme: ग्रामीण युवा कौशल, स्व-रोजगार और ऋण लिंकेज

समाचार में क्यों?

हाल ही में राज्यसभा को दिए एक जवाब में, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री ने Rural Self Employment Training Institutes (RSETIs) की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। 2009 में अपनी स्थापना के बाद से, इन संस्थानों ने 60 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित किया है, जिनमें से 43 लाख से अधिक प्रतिभागियों ने प्रायोजक (sponsoring) बैंकों द्वारा सुगम बनाए गए क्रेडिट का उपयोग करके व्यवसाय स्थापित किए हैं या उनका विस्तार किया है।

पृष्ठभूमि

RSETIs बैंकों और राज्य सरकारों के बीच संस्थागत साझेदारियां हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में 18-50 वर्ष के बेरोजगार युवाओं को निःशुल्क, अल्पकालिक, आवासीय प्रशिक्षण प्रदान करती हैं। वे सिंडिकेट बैंक और श्री धर्मस्थल मंजूनाथेश्वर एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा 1980 के दशक में शुरू किए गए Rural Development & Self Employment Training Institute (RUDSETI) मॉडल से प्रेरणा लेते हैं। RSETI कार्यक्रम को औपचारिक रूप से 2009 में राष्ट्रीय स्तर पर शुरू किया गया था।

मुख्य विशेषताओं में शामिल हैं:

  • व्यापक नेटवर्क: February 2026 तक 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 619 जिलों में 632 RSETIs काम कर रहे हैं, जो 25 बैंकों द्वारा प्रायोजित हैं।
  • विविध पाठ्यक्रम: संस्थान National Skills Qualification Framework (NSQF) के अनुरूप 73 पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं। पाठ्यक्रमों में कृषि (मधुमक्खी पालन, डेयरी फार्मिंग, मशरूम की खेती), विनिर्माण (सिलाई, बढ़ईगीरी, बिजली की मरम्मत), सेवाएं (आतिथ्य, सौंदर्य देखभाल, ड्राइविंग) और उद्यमिता (entrepreneurship) विकास शामिल हैं।
  • क्रेडिट लिंकेज: प्रशिक्षण के बाद, प्रतिभागियों को व्यवसाय योजना तैयार करने और बैंक ऋण तक पहुंचने के लिए हैंड-होल्डिंग समर्थन प्राप्त होता है। जिला स्तरीय RSETI सलाहकार समितियां और बैंकिंग मंच क्रेडिट स्वीकृति की निगरानी करते हैं और अनुवर्ती (follow-up) कार्रवाई सुनिश्चित करते हैं।
  • अनुकूलनशीलता (Adaptability): उभरते ग्रामीण बाजारों से मेल खाने के लिए डिजिटल सेवाओं, मोबाइल रिपेयरिंग और कंप्यूटर अनुप्रयोगों (applications) जैसे नए युग के मॉड्यूल पेश किए गए हैं।

उपलब्धियां

  • प्रशिक्षण संख्या: 2009 और February 2026 के बीच, RSETIs ने 60.81 लाख के लक्ष्य के मुकाबले 60.63 लाख उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया।
  • निपटान दर (Settlement rate): लगभग 43.89 लाख प्रशिक्षु स्वरोजगार (self-employed) या वेतन भोगी बन गए हैं। सूक्ष्म उद्यम (micro-enterprises) शुरू करने के लिए लगभग 22.52 लाख लाभार्थियों ने बैंक ऋण प्राप्त किया।
  • रिकॉर्ड प्रदर्शन: वित्तीय वर्ष 2024-25 में सबसे अधिक प्रशिक्षण उपलब्धि देखी गई जिसमें 6.21 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया।
  • निगरानी और समर्थन: RSETIs एक समर्पित Management Information System (MIS) का उपयोग करते हैं और पूर्व प्रशिक्षुओं की प्रगति को ट्रैक करने तथा आवश्यकता पड़ने पर हस्तक्षेप करने के लिए नियमित क्षेत्र भ्रमण करते हैं।

महत्व

  • ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाना: व्यावहारिक कौशल प्रदान करके और प्रशिक्षुओं को ऋण (credit) से जोड़कर, RSETIs मौसमी कृषि कार्यों पर निर्भरता को कम करते हुए स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देते हैं।
  • समावेशी विकास (Inclusive development): मुफ्त आवासीय मॉडल महिलाओं और हाशिए के समूहों की भागीदारी सुनिश्चित करता है जिनकी शायद औपचारिक प्रशिक्षण सुविधाओं तक पहुंच न हो।
  • आर्थिक प्रभाव: RSETI के स्नातकों (graduates) द्वारा शुरू किए गए छोटे व्यवसाय स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं में योगदान करते हैं, रोजगार पैदा करते हैं और ग्रामीण-शहरी पलायन (migration) को धीमा करते हैं।

निष्कर्ष

RSETIs यह प्रदर्शित करते हैं कि क्रेडिट लिंकेज के साथ कौशल प्रशिक्षण ग्रामीण आजीविका को कैसे बदल सकता है। निरंतर निवेश, अद्यतन पाठ्यक्रम और मजबूत फॉलो-अप उनकी सफलता को बनाए रखने की कुंजी होगी।

स्रोत: Press Information Bureau

Sign in Today’s news
Current affairs Daily news Daily quiz News Blitz Shorts Economic Survey 2025-26 Subjects
Polity Economy Geography Environment History Science & Tech Intl. Relations Internal Security Art & Culture Social Issues
All subjects Exam info UPSC Syllabus Prelims syllabus Mains syllabus Exam pattern Eligibility & attempts OBC & EWS checker Resources Free downloads Booklist 2026 Previous year papers Video notes YouTube channel