पर्यावरण

Sakurajima Volcano: जापान स्ट्रैटोवोलकैनो, क्यूशू द्वीप और ज्वालामुखी राख

Sakurajima Volcano: जापान स्ट्रैटोवोलकैनो, क्यूशू द्वीप और ज्वालामुखी राख

चर्चा में क्यों?

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (Japan Meteorological Agency) ने अप्रैल 2026 में साकुराजीमा ज्वालामुखी से विस्फोटों (eruptions) की एक श्रृंखला की सूचना दी। राख के गुबार क्रेटर से 3.4 किमी ऊपर उठे और आस-पास के शहरों में फैल गए। अधिकारियों ने अलर्ट स्तर 3 (alert level 3) बनाए रखा, जो क्रेटर के 2 किमी के भीतर प्रवेश को रोकता है।

पृष्ठभूमि

साकुराजीमा जापान के क्युशू (Kyushu) के दक्षिणी द्वीप पर एक स्ट्रैटोवोल्केनो (stratovolcano) है, जो कागोशिमा खाड़ी (Kagoshima Bay) में ऐरा काल्डेरा (Aira caldera) के भीतर स्थित है। इसका निर्माण लगभग 13,000 साल पहले शुरू हुआ था। 1914 में एक बड़े विस्फोट से पहले यह एक द्वीप था; उस विस्फोट से लावा प्रवाह ने इसे मुख्य भूमि से जोड़ दिया। ज्वालामुखी की तीन चोटियाँ हैं - किता-दाके (उत्तर), नाका-दाके (मध्य) और मिनामी-दाके (दक्षिण) - मिनामी-दाके और आसन्न शोवा क्रेटर सबसे अधिक सक्रिय हैं। स्ट्रैटोवोल्केनो लावा, राख और ज्वालामुखीय मलबे की बारी-बारी से परतों (alternating layers) से निर्मित लंबे, खड़ी शंकु (steep cones) होते हैं। उनका मैग्मा (magma) चिपचिपा (viscous) और गैस-समृद्ध है, जिससे विस्फोटक विस्फोट होते हैं। साकुराजीमा दुनिया के सबसे सक्रिय में से एक है, जो लगातार राख उत्सर्जन और कभी-कभी लावा प्रवाह (lava flows) पैदा करता है। कागोशिमा शहर से इसकी निकटता निगरानी और खतरे को कम करने को आवश्यक बनाती है।

हाल की गतिविधि और विशेषताएं

  • चल रहे विस्फोट: स्मिथसोनियन (Smithsonian) के ग्लोबल ज्वालामुखी कार्यक्रम से साप्ताहिक रिपोर्टों ने अप्रैल 2026 में 1.5-3.4 किमी ऊपर उठते हुए राख के गुबार दर्ज किए, जिसमें रात में तापदीप्त इजेक्टा (incandescent ejecta) दिखाई दे रहा था।
  • अलर्ट स्तर: जापान मौसम विज्ञान एजेंसी पांच-स्तरीय चेतावनी प्रणाली बनाए रखती है। स्तर 3 निवासियों को ज्वालामुखी के पास न जाने की चेतावनी देता है; उच्च स्तर निकासी (evacuations) को ट्रिगर करते हैं।
  • खतरे (Hazards): राख गिरने से फसलों को नुकसान हो सकता है, परिवहन बाधित हो सकता है और श्वसन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। विस्फोट कभी-कभी पाइरोक्लास्टिक प्रवाह (pyroclastic flows) और ज्वालामुखीय बिजली उत्पन्न करते हैं।
  • स्ट्रैटोवोल्केनो संरचना: साकुराजीमा क्लासिक स्ट्रैटोवोल्केनो का उदाहरण है, जिसमें खड़ी ढलान और राख के साथ कठोर लावा की परतें होती हैं। ऐसे ज्वालामुखी मुख्य रूप से अभिसारी प्लेट सीमाओं (convergent plate boundaries) पर बनते हैं जहाँ उप-महासागरीय प्लेटें (subducting oceanic plates) पिघलती हैं और मैग्मा का निर्माण करती हैं।

निष्कर्ष

साकुराजीमा की लगातार गतिविधि निवासियों और वैज्ञानिकों को समान रूप से याद दिलाती है कि एक सक्रिय स्ट्रैटोवोल्केनो के पास रहने के लिए निरंतर सतर्कता (constant vigilance) की आवश्यकता होती है। पहाड़ के फटने के बावजूद प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और खतरे की शिक्षा जोखिम को कम करने में मदद करती है।

स्रोत: NASA Earth Observatory · Smithsonian Global Volcanism Program

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