समाचार में क्यों?
Samriddh Gram ने Geneva में World Summit on the Information Society Prize जीता। इस पुरस्कार ने Enabling Environment श्रेणी के तहत इसके ग्रामीण सेवा-वितरण मॉडल को मान्यता दी। यह पहल BharatNet कनेक्टिविटी और सहायता प्राप्त ग्राम केंद्रों का उपयोग करती है। इसका नेतृत्व भारत के दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications) द्वारा किया जाता है।
पृष्ठभूमि
अकेले इंटरनेट कनेक्टिविटी सार्थक डिजिटल पहुंच की गारंटी नहीं देती है, और एक ग्रामीण के पास उपकरण, कौशल या आत्मविश्वास की कमी हो सकती है।
आवश्यक सेवाएं अलग-अलग प्लेटफार्मों का भी उपयोग कर सकती हैं, और फिर लोग बार-बार यात्रा करते हैं या कई स्थानीय बिचौलियों पर निर्भर होते हैं।
भारत ने 2011 में National Optical Fibre Network शुरू किया, और इसका उद्देश्य ग्रामीण स्थानीय निकायों को उच्च गति वाले फाइबर के माध्यम से जोड़ना था।
2015 में इस परियोजना का नाम बदलकर BharatNet कर दिया गया, और इसका व्यापक लक्ष्य पूरे ग्रामीण भारत में वहनीय (affordable) ब्रॉडबैंड है।
July 2026 तक, 2.17 लाख से अधिक ग्राम पंचायतें सेवा-तैयार थीं। अगली चुनौती कनेक्टिविटी को नियमित सार्वजनिक उपयोग में बदलना था।
Samriddh Gram क्या है?
इसका पूरा परियोजना शीर्षक Samriddh Gram: Integrated Phygital Service Delivery Model Enabled by BharatNet है।
दूरसंचार विभाग ने इसे एक ग्रामीण डिजिटल-परिवर्तन पहल के रूप में विकसित किया, और यह कई सेवाओं को एक ग्राम-स्तरीय केंद्र में लाता है।
शब्द phygital डिजिटल वितरण के साथ भौतिक सहायता (physical assistance) को जोड़ता है। एक प्रशिक्षित व्यक्ति निवासियों को ऑनलाइन सिस्टम और जुड़े उपकरणों का उपयोग करने में मदद करता है।
महत्वपूर्ण अंतर: Samriddh Gram एक और ब्रॉडबैंड नेटवर्क नहीं है। यह सहायता प्राप्त स्थानीय केंद्रों के माध्यम से उपयोगी सेवाएं प्रदान करने के लिए BharatNet का उपयोग करता है।
मॉडल कैसे काम करता है?
- BharatNet गांव का मुख्य डिजिटल कनेक्शन प्रदान करता है।
- एक Samriddhi Kendra स्थानीय वन-स्टॉप सेवा बिंदु बन जाता है।
- जुड़े हुए उपकरण स्वास्थ्य, शिक्षा, खेती और शासन का समर्थन करते हैं।
- स्थानीय कर्मचारी उन उपयोगकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हैं जिनमें डिजिटल कौशल की कमी है।
- निवासी दूर के कस्बों की यात्रा किए बिना कई सेवाएं प्राप्त करते हैं।
यह अंतिम-मील की सहायता फाइबर जितनी ही मायने रखती है, और यह बुजुर्गों, गरीबों और पहली बार डिजिटल उपयोगकर्ताओं की मदद करती है।
एक साथ लाई गई सेवाएं
- स्वास्थ्य: टेलीकंसल्टेशन मरीजों को डॉक्टरों से जोड़ता है, और स्वास्थ्य कियोस्क बुनियादी स्क्रीनिंग और माप कर सकते हैं।
- दवाएं: केंद्र निवासियों को Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi आउटलेट्स से जोड़ सकते हैं।
- शिक्षा: स्मार्ट क्लासरूम डिजिटल पाठ प्रदान करते हैं, और संवर्धित वास्तविकता (augmented reality) एक वास्तविक दृश्य में डिजिटल वस्तुओं को जोड़ती है।
- आभासी शिक्षा (Virtual learning): आभासी वास्तविकता (virtual reality) विशेष उपकरणों के माध्यम से एक नकली सीखने का माहौल बनाती है।
- कृषि: जुड़े हुए सेंसर मिट्टी का परीक्षण कर सकते हैं और सिंचाई का मार्गदर्शन कर सकते हैं, और ड्रोन मैपिंग और फसल निगरानी में सहायता कर सकते हैं।
- शासन (Governance): Common Service Centres निवासियों को प्रमाण पत्र, योजनाओं और सरकारी अनुप्रयोगों तक पहुंचने में मदद करते हैं।
- वित्त: बैंकिंग संवाददाता (Banking correspondents) गांव के भीतर बुनियादी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करते हैं।
- बाज़ार: डिजिटल कॉमर्स उत्पादकों और स्वयं सहायता समूहों को व्यापक खरीदारों से जोड़ सकता है।
- कनेक्टिविटी: फाइबर-टू-द-होम ब्रॉडबैंड को मुख्य नेटवर्क से व्यक्तिगत परिसरों तक विस्तारित करता है।
- सार्वजनिक पहुंच: Prime Minister Wi-Fi Access Network Interface (PM-WANI) वहनीय सामुदायिक हॉटस्पॉट का समर्थन करता है।
- डिजिटल बाज़ार: Open Network for Digital Commerce (ONDC) ग्रामीण विक्रेताओं को अधिक खरीदारों तक पहुंचने में मदद कर सकता है।
पुरस्कार क्या है?
World Summit on the Information Society (WSIS) 2003 और 2005 में United Nations के नेतृत्व वाले शिखर सम्मेलनों के माध्यम से शुरू हुआ।
यह सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विकास को बढ़ावा देता है, और International Telecommunication Union (ITU) निरंतर प्रक्रिया का समन्वय करता है।
वार्षिक पुरस्कार शिखर सम्मेलन की कार्रवाई लाइनों (action lines) का समर्थन करने वाली परियोजनाओं को मान्यता देते हैं, और अठारह श्रेणियां बुनियादी ढांचे, ज्ञान, विश्वास और डिजिटल अनुप्रयोगों को कवर करती हैं।
Samriddh Gram ने Action Line C6: Enabling Environment के तहत जीत हासिल की। यह श्रेणी समावेशी डिजिटल विकास का समर्थन करने वाली नीतियों और स्थितियों से संबंधित है।
परियोजनाओं का चयन कैसे किया गया?
- संगठनों ने पहले विचार के लिए पात्र परियोजनाएं प्रस्तुत कीं।
- एक स्क्रीनिंग प्रक्रिया ने प्रत्येक कार्रवाई लाइन के तहत प्रविष्टियों को शॉर्टलिस्ट किया।
- वैश्विक मतदान ने प्रत्येक श्रेणी में पांच Champion परियोजनाओं की पहचान की।
- विशेषज्ञ मूल्यांकन ने फिर प्रति श्रेणी एक विजेता परियोजना का चयन किया।
- 2026 की प्रक्रिया में 2.2 मिलियन से अधिक वोट मिले।
उस वर्ष केवल दो भारतीय प्रविष्टियाँ Champion परियोजनाएं बनीं, और Samriddh Gram ने फिर श्रेणी का अंतिम वैश्विक पुरस्कार हासिल किया।
मॉडल क्यों महत्वपूर्ण है?
- यह डिजिटल बहिष्करण को कनेक्टिविटी समस्या से अधिक मानता है।
- यह बुनियादी ढांचे, उपकरणों, स्थानीय कर्मचारियों और सार्वजनिक सेवाओं को जोड़ता है।
- यह ग्रामीणों के लिए यात्रा लागत और प्रतीक्षा समय को कम कर सकता है।
- यह ऑपरेटरों और सेवा सुविधाकर्ताओं के लिए स्थानीय रोजगार पैदा करता है।
- इसके साझा उपकरण उन लोगों की सेवा कर सकते हैं जो व्यक्तिगत उपकरण खरीदने में असमर्थ हैं।
व्यापक विस्तार से पहले चुनौतियां
केंद्रों को विश्वसनीय बिजली, प्रशिक्षित कर्मचारियों और नियमित उपकरण रखरखाव की आवश्यकता होती है। सेवाओं को स्थानीय भाषाओं और विकलांग व्यक्तियों का भी समर्थन करना चाहिए।
स्वास्थ्य और वित्तीय डेटा को मजबूत गोपनीयता सुरक्षा की आवश्यकता होती है, और अधिकारियों को केवल जुड़े हुए स्थानों को नहीं, बल्कि वास्तविक उपयोग को मापना चाहिए।
निष्कर्ष
Samriddh Gram ग्रामीण ब्रॉडबैंड को सहायता प्राप्त, रोजमर्रा की सेवाओं में परिवर्तित करता है, और इसका अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार उस व्यावहारिक अंतिम-मील दृष्टिकोण को मान्यता देता है। स्थायी सफलता विश्वसनीयता, समावेश और मापने योग्य ग्राम परिणामों पर निर्भर करेगी।