रक्षा

Shangri-La Dialogue: भारत की रक्षा भागीदारी और समुद्री सुरक्षा

Shangri-La Dialogue: भारत की रक्षा भागीदारी और समुद्री सुरक्षा

ख़बरों में क्यों?

भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर में 2026 Shangri‑La Dialogue में भाग लिया। सम्मेलन के दौरान उन्होंने रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा (maritime security) को मजबूत करने के लिए कनाडा, सेशेल्स, NATO, संयुक्त राज्य अमेरिका और सिंगापुर के अधिकारियों के साथ द्विपक्षीय बैठकों (bilateral meetings) की एक शृंखला आयोजित की। ये बैठकें क्षेत्र के सुरक्षा विमर्श (security discourse) में भारत की सक्रिय भूमिका को रेखांकित करती हैं।

पृष्ठभूमि

Shangri‑La Dialogue 2002 से सिंगापुर में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) द्वारा आयोजित एक वार्षिक अंतर-सरकारी सुरक्षा सम्मेलन (inter‑governmental security conference) है। एक तथाकथित "ट्रैक-वन (track‑one)" मंच के रूप में यह रणनीतिक चुनौतियों (strategic challenges) पर चर्चा करने के लिए इंडो-पैसिफिक और उससे आगे के रक्षा मंत्रियों, चीफ्स ऑफ स्टाफ (chiefs of staff) और वरिष्ठ अधिकारियों को एक साथ लाता है। यह कार्यक्रम पूर्ण बहसों (plenary debates) के साथ-साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों के अवसर प्रदान करता है। इन वर्षों में यह एशिया-प्रशांत सुरक्षा वार्ता और विश्वास-निर्माण (confidence‑building) का प्रमुख मंच बन गया है।

2026 में प्रमुख भारतीय भागीदारी

  • द्विपक्षीय संबंधों को गहरा करना (Deepening bilateral ties): श्री सिंह ने रक्षा सहयोग के विस्तार के तरीके तलाशने के लिए कनाडा के वरिष्ठ अधिकारी केल्विन ब्रूसो (Kelvin Brosseau) से मुलाकात की। चर्चाओं में समुद्री सुरक्षा, प्रशिक्षण आदान-प्रदान और रक्षा उद्योग के अवसर शामिल थे।
  • समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना: सेशेल्स के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज मेजर जनरल माइकल रोसेट (Micheal Rosette) के साथ एक बैठक में उन्होंने पश्चिमी हिंद महासागर को सुरक्षित करने के लिए तटीय निगरानी (coastal surveillance), हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण (hydrographic surveys) और क्षमता निर्माण में सेशेल्स का समर्थन करने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
  • बहुपक्षीय साझेदारों को शामिल करना (Engaging multilateral partners): नाटो सैन्य समिति (NATO Military Committee) के अध्यक्ष एडमिरल ज्यूसेप कावो ड्रैगन (Giuseppe Cavo Dragone) के साथ चर्चा रणनीतिक संवाद बढ़ाने और समुद्री क्षेत्र जागरूकता (maritime domain awareness) में सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान पर केंद्रित थी। यूएस इंडो-पैसिफिक कमांड (US Indo‑Pacific Command) के कमांडर एडमिरल सैमुअल जे पपारो (Samuel J. Paparo) के साथ एक बैठक में संयुक्त अभ्यास में सहयोग और साइबर एवं अंतरिक्ष खतरों (cyber and space threats) जैसी उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की गई।
  • सिंगापुर के साथ नीतिगत वार्ता (Policy dialogue with Singapore): श्री सिंह ने सिंगापुर के स्थायी सचिव जोसेफ लिओंग (Joseph Leong) के साथ 16वीं रक्षा नीति वार्ता की सह-अध्यक्षता की। दोनों पक्षों ने संयुक्त प्रशिक्षण और औद्योगिक सहयोग सहित चल रही पहलों की समीक्षा की, और डिजिटल रक्षा (digital defence) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (artificial intelligence) जैसे नए डोमेन में सहयोग का विस्तार करने पर सहमति व्यक्त की।
  • प्रौद्योगिकी और थिंक-टैंक आउटरीच: उन्होंने क्षेत्रीय थिंक टैंक (think tanks) के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और डिजिटल सहयोग के रास्ते तलाशने के लिए सिंगापुर के डिजिटल और इंटेलिजेंस सर्विस (Digital and Intelligence Service) प्रौद्योगिकी केंद्र का दौरा किया।

निष्कर्ष

Shangri‑La Dialogue में भारत का व्यस्त कार्यक्रम इंडो-पैसिफिक भर में भागीदारों के साथ उसके बढ़ते जुड़ाव को दर्शाता है। द्विपक्षीय बैठकों को व्यापक सुरक्षा चर्चाओं में भागीदारी के साथ जोड़कर, नई दिल्ली रक्षा संबंधों को मजबूत करने, समुद्री सुरक्षा (maritime safety) को बढ़ावा देने और एक नियम-आधारित क्षेत्रीय व्यवस्था (rules‑based regional order) में योगदान करने का प्रयास करती है।

स्रोत

The Hindu

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