समाचार में क्यों?
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की एक विशेषज्ञ समिति ने प्रस्तावित Sharavathi pumped-storage परियोजना का विरोध किया। इसने पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील Western Ghats परिदृश्य के अंदर आवास विखंडन (habitat fragmentation) के बारे में चेतावनी दी। 2,000-मेगावाट की यह परियोजना दो मौजूदा जलाशयों का उपयोग करेगी। इसकी रिपोर्ट कर्नाटक उच्च न्यायालय (Karnataka High Court) तक पहुंची।
पृष्ठभूमि
Sharavathi नदी कर्नाटक के Western Ghats से निकलती है और पश्चिम की ओर बहती है। यह अरब सागर (Arabian Sea) में पहुंचने से पहले जोग फॉल्स (Jog Falls) बनाती है।
बड़े जलविद्युत कार्यों ने बाद में इस नदी घाटी के कुछ हिस्सों को बदल दिया, और Linganamakki बांध 1960 के दशक के दौरान पूरा हुआ था।
जलाशय ने जंगल को जलमग्न कर दिया और बचे हुए वन्यजीव आवास को विभाजित कर दिया, और अन्य बांधों और सड़कों ने वन ब्लॉकों के बीच और अधिक अलगाव पैदा कर दिया।
राज्य ने 1970 के दशक में मूल Sharavathi Valley वन्यजीव क्षेत्र को संरक्षित किया। इसने बाद में उस क्षेत्र को महत्वपूर्ण पड़ोसी जंगलों के साथ जोड़ दिया।
2019 में, कर्नाटक ने संरक्षित क्षेत्र का विस्तार किया और उसका नाम बदल दिया, और यह Sharavathi Lion-Tailed Macaque Wildlife Sanctuary बन गया।
स्थान और विस्तार
- अभयारण्य लगभग 930.16 वर्ग किलोमीटर को कवर करता है।
- यह शिवमोगा (Shivamogga) और उत्तर कन्नड़ (Uttara Kannada) जिलों में फैला हुआ है।
- परिदृश्य जैव विविधता से भरपूर Western Ghats के भीतर स्थित है।
- इसमें Sharavathi और Aghanashini जलग्रहण क्षेत्रों के आसपास के जंगल शामिल हैं।
- इसके आवासों में सदाबहार जंगल, नम जंगल और मीठे पानी के दलदल शामिल हैं।
2019 के विस्तार ने Aghanashini संरक्षण रिजर्व और आसपास के जंगलों को जोड़ा, और इससे एक बड़ा जुड़ा हुआ संरक्षण परिदृश्य तैयार हुआ।
Lion-tailed macaque महत्वपूर्ण क्यों है?
Lion-tailed macaque का वैज्ञानिक नाम Macaca silenus है, और यह स्वाभाविक रूप से केवल भारत के Western Ghats में पाया जाता है।
इसका काला शरीर, चांदी-भूरे रंग का अयाल (mane) और गुच्छेदार पूंछ विशिष्ट हैं, और पूंछ का गुच्छा शेर की पूंछ जैसा दिखता है।
जानवर अपना अधिकांश समय ऊपरी वन छतरी (forest canopy) में बिताता है। फल इसके आहार का एक बड़ा हिस्सा बनते हैं।
यह शायद ही कभी स्वेच्छा से खुले मैदान को पार करता है, और एक सड़क या साफ़ किया गया गलियारा (corridor) इसलिए पड़ोसी समूहों को विभाजित कर सकता है।
International Union for Conservation of Nature प्रजातियों को Endangered के रूप में वर्गीकृत करता है। आवास का नुकसान और विखंडन इसके मुख्य खतरे बने हुए हैं।
Sharavathi प्रजातियों की सबसे उत्तरी व्यवहार्य (viable) आबादी का समर्थन करता है, और यह परिदृश्य को विशेष संरक्षण मूल्य देता है।
Pumped-storage परियोजना क्या है?
एक pumped-storage परियोजना में अलग-अलग ऊंचाइयों पर दो जल जलाशय होते हैं, और यह एक बहुत बड़ी रिचार्जेबल बैटरी की तरह काम करता है।
- अतिरिक्त बिजली कम मांग की अवधि के दौरान पंप चलाती है।
- पंप निचले जलाशय से पानी को ऊपर की ओर ले जाते हैं।
- उच्च बिजली की मांग के दौरान संग्रहीत पानी छोड़ा जाता है।
- बहता पानी टर्बाइनों को घुमाता है और बिजली पैदा करता है।
- वही पानी फिर इस परिचालन चक्र को दोहरा सकता है।
महत्वपूर्ण ऊर्जा बिंदु: Pumped storage शुद्ध ऊर्जा का निर्माण नहीं करता है। यह समय भर बिजली को स्थानांतरित करता है, और प्रत्येक चक्र के दौरान कुछ ऊर्जा खो जाती है।
प्रस्तावित Sharavathi परियोजना के बारे में
Karnataka Power Corporation Limited ने 2,000-मेगावाट की योजना का प्रस्ताव रखा, और यह मौजूदा Talakalale और Gerusoppa जलाशयों का उपयोग करेगी।
प्रस्ताव को एक नए बांध की आवश्यकता नहीं है, लेकिन भूमिगत कार्यों, सड़कों और ट्रांसमिशन लाइनों के निर्माण की अभी भी आवश्यकता है।
National Board for Wildlife ने July 2025 में सैद्धांतिक (in-principle) मंज़ूरी दी, और उस मंज़ूरी में अट्ठाईस पर्यावरणीय शर्तें शामिल थीं।
विशेषज्ञ समिति ने आपत्ति क्यों की?
- निर्माण कार्य लगभग पांच वर्षों तक वन्यजीवों को लगातार परेशान कर सकता है।
- नई कटाई पहले से ही खंडित परिदृश्य को और विभाजित कर सकती है।
- ट्रांसमिशन लाइनों के लिए अतिरिक्त पेड़ हटाने की आवश्यकता हो सकती है।
- कैनोपी ब्रेक (Canopy breaks) lion-tailed macaque के आवागमन में बाधा डालेंगे।
- यह क्षेत्र बाघों, तेंदुओं, गौर और कई हिरण प्रजातियों का भी समर्थन करता है।
- यह Western Ghats के भीतर एक व्यापक वन्यजीव गलियारे के रूप में कार्य करता है।
- समिति ने इन जोखिमों के लिए पर्यावरणीय मूल्यांकन को अपर्याप्त पाया।
समिति ने घाटी के संचयी (cumulative) नुकसान पर ज़ोर दिया, और इसने प्रस्तावित परियोजना के अतिरिक्त प्रभाव के साथ-साथ मौजूदा बांधों पर विचार किया।
अदालत कैसे शामिल हुई?
नागरिकों ने Karnataka High Court में जनहित मामले के माध्यम से परियोजना को चुनौती दी। अदालत ने जांच की कि क्या अनुमोदन प्रक्रिया ने पारिस्थितिक चिंताओं को दूर किया।
विशेषज्ञ रिपोर्ट को एक खंडपीठ (division bench) के समक्ष रखा गया था, और इसने परियोजना के लिए वन्यजीव अनुमोदन के खिलाफ दृढ़ता से सिफारिश की।
वर्तमान स्थिति: समिति की रिपोर्ट एक सिफारिश है, कोई स्वचालित अंतिम रद्दीकरण नहीं। अदालत और सक्षम अधिकारियों को अपनी कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से इस पर विचार करना चाहिए।
विकास और संरक्षण के प्रश्न
Pumped storage सौर और पवन ऊर्जा को संतुलित करने में मदद कर सकता है, और वे स्रोत धूप और मौसम के साथ बदलते हैं।
फिर भी एक कम-कार्बन परियोजना स्थानीय पारिस्थितिक नुकसान का कारण बन सकती है। जलवायु लाभ साइट-विशिष्ट मूल्यांकन की आवश्यकता को दूर नहीं करता है।
अधिकारियों को वैकल्पिक स्थलों, डिजाइनों और भंडारण प्रौद्योगिकियों की तुलना करनी चाहिए, और उन्हें पुरानी परियोजनाओं से संचयी प्रभावों को भी गिनना चाहिए।
निष्कर्ष
Sharavathi में एक महत्वपूर्ण, पहले से ही खंडित Western Ghats पारिस्थितिकी तंत्र शामिल है, और pumped storage नवीकरणीय बिजली का समर्थन कर सकता है, लेकिन स्थान बहुत मायने रखता है। एक वैध निर्णय के लिए विकल्पों और संचयी नुकसान के विश्वसनीय मूल्यांकन की आवश्यकता होती है।