चर्चा में क्यों?
1 फरवरी 2026 को अपने केंद्रीय बजट भाषण में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने SHE-Marts के निर्माण की घोषणा की - जो महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (self-help groups) द्वारा संचालित समुदाय के स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट (community-owned retail outlets) हैं। यह योजना, व्यापक लखपति दीदी कार्यक्रम (Lakhpati Didi programme) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को ऋण-जुड़े आजीविका गतिविधियों (credit-linked livelihood activities) से छोटे उद्यमों (small enterprises) के स्वामित्व में ले जाना है।
पृष्ठभूमि
स्वयं सहायता समूहों (SHGs) ने लंबे समय से ग्रामीण भारत में महिलाओं को सूक्ष्म ऋण (micro-credit) और आय के अवसर प्रदान किए हैं। सामूहिक बचत और ऋण के माध्यम से, SHG सदस्य हस्तशिल्प (handicrafts), खाद्य पदार्थ और अन्य सामान का उत्पादन करते हैं। हालांकि, सीमित बाजार पहुंच (market access) और बिचौलियों (intermediaries) पर निर्भरता अक्सर कमाई को सीमित करती है। SHE-MART पहल क्लस्टर-स्तरीय संघों (cluster-level federations) में समुदाय-स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट बनाकर इस अंतर को दूर करने का प्रयास करती है।
SHE-Marts की मुख्य विशेषताएं
- सामुदायिक स्वामित्व (Community ownership): आउटलेट्स का स्वामित्व और प्रबंधन SHG सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से किया जाएगा। मुनाफा महिलाओं के बीच साझा किया जाएगा, जिससे वे संपत्ति का निर्माण कर सकेंगी और अपने व्यवसायों में फिर से निवेश कर सकेंगी।
- खुदरा केंद्र (Retail hubs): प्रत्येक SHE-Mart वस्त्र (textiles), प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ (processed foods), हस्तशिल्प और कृषि वस्तुओं सहित कई गांवों के उत्पादों का स्टॉक करेगा। यह बिचौलियों पर निर्भरता को कम करता है और ग्राहकों तक सीधी पहुंच की अनुमति देता है।
- डिजिटल नेटवर्क के साथ एकीकरण: सरकार SHE-Marts को ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) से जोड़ने की योजना बना रही है, जिससे ऑनलाइन बिक्री और पूर्ति (fulfilment) सक्षम हो सके। आउटलेट ई-कॉमर्स ऑर्डर के लिए वितरण केंद्र (distribution centres) के रूप में भी काम कर सकते हैं।
- अभिनव वित्तपोषण (Innovative financing): दुकानें स्थापित करने के लिए पूंजी सरकारी अनुदान, कम ब्याज वाले ऋण और SHG संघों से योगदान के मिश्रण से आएगी। इन्वेंट्री प्रबंधन (inventory management), विपणन (marketing) और डिजिटल भुगतान में प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
- लखपति दीदी से लिंक: यह पहल लखपति दीदी योजना पर आधारित है, जो उद्यम (enterprise) के माध्यम से कम से कम दो करोड़ ग्रामीण महिलाओं को प्रति वर्ष एक लाख रुपये कमाने में मदद करना चाहती है। SHE-Marts ऋण-आधारित गतिविधियों से स्थायी उद्यमिता (sustainable entrepreneurship) तक एक मार्ग प्रदान करते हैं।
संभावित प्रभाव (Potential impact)
- बिचौलियों को हटाकर और बाजार तक पहुंच प्रदान करके, SHE-Marts हजारों महिलाओं के लिए आय बढ़ा सकते हैं और स्थानीय स्तर पर मूल्यवर्धन (value addition) को प्रोत्साहित कर सकते हैं।
- समुदाय के स्वामित्व वाला खुदरा व्यापार (retail) सामाजिक पूंजी (social capital) बनाता है और अपने परिवारों और समुदायों के भीतर महिलाओं के लिए निर्णय लेने की शक्ति को बढ़ाता है।
- डिजिटल प्लेटफार्मों के साथ एकीकरण स्थानीय बाजारों से परे ग्राहक आधार का विस्तार कर सकता है और ग्रामीण उत्पादकों को राष्ट्रव्यापी आपूर्ति श्रृंखलाओं (nationwide supply chains) से जोड़ सकता है।
- योजना की सफलता संघों में पर्याप्त प्रशिक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण (quality control) और समन्वय (coordination) पर निर्भर करेगी।
निष्कर्ष
SHE-MART पहल ग्रामीण महिलाओं को सूक्ष्म-ऋण के मात्र लाभार्थियों (beneficiaries) के बजाय उद्यमियों के रूप में सशक्त बनाने की दिशा में एक साहसिक कदम है। आधुनिक खुदरा (modern retail) और डिजिटल नेटवर्क के साथ सामुदायिक स्वामित्व को जोड़कर, इस योजना में स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं को बदलने और समावेशी विकास (inclusive growth) के लिए भारत की आकांक्षाओं का समर्थन करने की क्षमता है।