विज्ञान और प्रौद्योगिकी

SMILE Mission: ESA-CAS पृथ्वी चुंबकीय ढाल इमेजिंग

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चर्चा में क्यों?

19 मई 2026 को फ्रेंच गुयाना (French Guiana) में यूरोप के स्पेसपोर्ट से वेगा-सी रॉकेट (Vega‑C rocket) के जरिए सोलर विंड मैग्नेटोस्फीयर आयनोस्फीयर लिंक एक्सप्लोरर (SMILE) अंतरिक्ष यान (spacecraft) लॉन्च किया गया। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और चीनी विज्ञान अकादमी (CAS) का यह संयुक्त मिशन अध्ययन करेगा कि सौर हवा (solar wind) पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर (magnetosphere) के साथ कैसे संपर्क करती है, जिससे हमारे ग्रह के चुंबकीय ढाल (magnetic shield) की पहली वैश्विक छवियां (global images) प्राप्त होंगी।

पृष्ठभूमि

पृथ्वी पर लगातार सौर हवा नामक आवेशित कणों (charged particles) की धारा की बमबारी होती रहती है। हमारे ग्रह का चुंबकीय क्षेत्र (magnetic field) इनमें से अधिकांश कणों को विक्षेपित (deflects) कर देता है, जिससे एक सुरक्षात्मक बुलबुला (protective bubble) बनता है जिसे मैग्नेटोस्फीयर (magnetosphere) कहा जाता है। जब सौर तूफान (solar storms) मैग्नेटोस्फीयर को परेशान करते हैं, तो वे शानदार ऑरोरा (auroras) को ट्रिगर कर सकते हैं और उपग्रहों, पावर ग्रिड (power grids) और संचार प्रणालियों (communication systems) को बाधित कर सकते हैं। पिछले मिशनों ने इन प्रक्रियाओं को स्थानीय स्तर पर देखा है, लेकिन किसी भी मिशन ने यह वैश्विक दृश्य (global view) प्रदान नहीं किया है कि सौर हवा मैग्नेटोस्फीयर से कहाँ और कैसे टकराती है।

मिशन के उद्देश्य और विशेषताएं (Mission Objectives and Features)

  • वैश्विक इमेजिंग (Global imaging): SMILE सॉफ्ट एक्स-रे लाइट (soft X‑ray light) में मैग्नेटोस्फीयर का निरीक्षण करने वाला पहला मिशन होगा। यह “सौर पवन आवेश विनिमय” (solar wind charge exchange) नामक घटना का उपयोग करता है जिसमें सौर हवा से आवेशित कण पृथ्वी के एक्सोस्फीयर (exosphere) में तटस्थ परमाणुओं (neutral atoms) के साथ बातचीत करते हैं, जिससे एक्स-रे (X‑rays) उत्सर्जित होते हैं। इन उत्सर्जन को कैप्चर करके, अंतरिक्ष यान मैग्नेटोपॉज (magnetopause) और ध्रुवीय क्यूप्स (polar cusps) के आकार और गतिशीलता को मैप करेगा।
  • ऑरोरल मॉनिटरिंग (Auroral monitoring): एक पराबैंगनी इमेजर (ultraviolet imager - UVI) एक समय में 45 घंटे तक उत्तरी और दक्षिणी रोशनी (northern and southern lights) का लगातार निरीक्षण करेगा, ऑरोरल पैटर्न को सौर-पवन गतिविधि (solar‑wind activity) से जोड़ेगा। ये अवलोकन वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करेंगे कि सौर हवा से ऊर्जा ऊपरी वायुमंडल (upper atmosphere) में कैसे जमा होती है।
  • इन सीटू माप (In situ measurements): एक लाइट आयन एनालाइज़र (light ion analyser - LIA) और एक मैग्नेटोमीटर (magnetometer - MAG) अंतरिक्ष यान के चारों ओर आवेशित कणों और चुंबकीय क्षेत्र के गुणों को मापेंगे। रिमोट सेंसिंग और इन सीटू डेटा के संयोजन से शोधकर्ताओं को तीन प्रमुख सवालों के जवाब देने में मदद मिलेगी: सौर हवा मैग्नेटोस्फीयर से कहां मिलती है? पृथ्वी के रात वाले हिस्से (night side) पर चुंबकीय पुनर्संयोजन (magnetic reconnection) का क्या कारण है? हम खतरनाक चुंबकीय तूफानों (magnetic storms) की भविष्यवाणी पहले कैसे कर सकते हैं?
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग (International collaboration): SMILE पहला अंतरिक्ष मिशन है जिसे ESA और चीन द्वारा संयुक्त रूप से डिज़ाइन, निर्मित और संचालित किया गया है। ESA पेलोड मॉड्यूल (payload module), एक वैज्ञानिक उपकरण और लॉन्च वाहन (launch vehicle) प्रदान करता है, जबकि CAS प्लेटफ़ॉर्म, तीन उपकरण और मिशन संचालन (mission operations) की आपूर्ति करता है। अत्यधिक अण्डाकार कक्षा (highly elliptical orbit) में एक महीने के पारगमन (transit) के बाद, सितंबर 2026 में वैज्ञानिक संचालन शुरू होगा। नाममात्र मिशन अवधि (nominal mission duration) तीन वर्ष है।

महत्व

अंतरिक्ष का मौसम (Space weather) उपग्रह संचालन से लेकर विमानन (aviation) और पावर ग्रिड तक हर चीज को प्रभावित करता है। पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर की पहली वैश्विक छवियों को कैप्चर करके और उन्हें ऑरोरल और कण डेटा के साथ जोड़कर, SMILE सौर तूफानों का पूर्वानुमान (forecast) लगाने और प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष यात्रियों (astronauts) की रक्षा करने की हमारी क्षमता में सुधार करेगा। यह मिशन अंतरिक्ष विज्ञान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के लाभों को भी प्रदर्शित करता है।

निष्कर्ष

SMILE मिशन सूर्य-पृथ्वी कनेक्शन (Sun–Earth connection) का अध्ययन करने में एक नए युग का प्रतीक है। इसकी नवीन एक्स-रे इमेजिंग तकनीक पिछले मिशनों के विस्तृत मापों के पूरक के रूप में, मैग्नेटोस्फीयर की एक “बड़ी तस्वीर” (big picture) प्रदान करेगी। जैसे-जैसे जलवायु और प्रौद्योगिकी हमारे समाजों को अंतरिक्ष-आधारित प्रणालियों (space‑based systems) पर अधिक निर्भर बनाते हैं, अंतरिक्ष के मौसम को समझना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।

स्रोत

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