समाचार में क्यों?
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने हाल ही में आजीविका और उद्यम के लिए हाशिए पर रहने वाले व्यक्तियों के लिए समर्थन (Support for Marginalised Individuals for Livelihood and Enterprise - SMILE) योजना के तहत प्रगति पर प्रकाश डाला। 12 फरवरी 2022 को लॉन्च की गई, SMILE ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (transgender persons) और भीख मांगने में लगे व्यक्तियों की जरूरतों को पूरा करती है। मार्च 2026 तक, सरकार ने 31,000 से अधिक लाभार्थियों की पहचान की थी और भीख मांगने वाले लगभग 10,000 लोगों का पुनर्वास किया था।
पृष्ठभूमि
हाशिए पर रहने वाले समुदायों में अक्सर शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आवास और नौकरियों तक पहुंच का अभाव होता है। ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम 2019 ने ट्रांसजेंडर लोगों के अधिकारों को मान्यता दी लेकिन कार्यान्वयन धीमा रहा। इस बीच, भीख मांगना अत्यधिक गरीबी का एक लक्षण और कारण दोनों है। SMILE विभिन्न कल्याणकारी उपायों को दो उप-योजनाओं में समेकित करता है: एक ट्रांसजेंडर व्यक्तियों (transgender persons) के लिए और दूसरी भीख मांगने में लगे लोगों के लिए।
मुख्य विशेषताएं
- व्यापक देखभाल: यह योजना आयुष्मान भारत टीजी प्लस (Ayushman Bharat TG Plus) के माध्यम से स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है, जो प्रति व्यक्ति प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की पेशकश करती है और इसमें लिंग-पुष्टि सर्जरी (gender-affirming surgeries) और हार्मोन थेरेपी (hormone therapies) शामिल हैं। 17 राज्यों में गरिमा गृह (Garima Greh) आश्रय गृह सुरक्षित आवास, परामर्श और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करते हैं।
- शिक्षा और कौशल: छात्रवृत्ति कक्षा नौवीं से स्नातकोत्तर स्तर तक ट्रांसजेंडर छात्रों का समर्थन करती है। PM-DAKSH जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से कौशल विकास की पेशकश की जाती है, और माइक्रो-क्रेडिट के माध्यम से स्वरोजगार को प्रोत्साहित किया जाता है।
- भीख मांगने वालों का पुनर्वास: आउटरीच टीमें भीख मांगने में लगे लोगों की पहचान करती हैं, उन्हें कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ती हैं और उनके पुनर्वास की सुविधा प्रदान करती हैं। 2026 की शुरुआत तक, 9,935 व्यक्तियों को सम्मानजनक आजीविका की ओर ले जाया गया था।
- कानूनी संरक्षण: यह योजना शिकायतों को दूर करने और संवेदनशील पुलिसिंग सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक राज्य में ट्रांसजेंडर सुरक्षा सेल (Transgender Protection Cells) स्थापित करके ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम को लागू करती है।
- फंडिंग: सरकार ने 2021 से 2026 तक SMILE के लिए 390 करोड़ रुपये आवंटित किए। बजट समर्थन स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम, आश्रय रखरखाव और जागरूकता अभियानों को कवर करता है।
प्रभाव और महत्व
- सामाजिक समावेशन: आश्रय, स्वास्थ्य सेवा और प्रशिक्षण प्रदान करके, SMILE ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और भीख मांगने वाले लोगों को सम्मान वापस पाने और मुख्यधारा के समाज में भाग लेने में मदद करता है।
- अधिकारों के साथ संरेखण: यह योजना संवैधानिक और वैधानिक गारंटी को संचालित करती है, यह सुनिश्चित करती है कि हाशिए पर रहने वाले नागरिक शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका जैसे मौलिक अधिकारों तक पहुंच सकें।
- भविष्य के कार्यक्रमों के लिए मॉडल: SMILE प्रदर्शित करता है कि एकीकृत कल्याणकारी योजनाएं कमजोर समूहों की सेवा कैसे कर सकती हैं। इसकी सफलताएं अन्य हाशिए के समुदायों के लिए नीतियों को सूचित कर सकती हैं।
स्रोत: Press Information Bureau