चर्चा में क्यों?
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा जल जीवन मिशन 2.0 (Jal Jeevan Mission 2.0) की मंजूरी ने ग्रामीण पेयजल प्रणालियों की निगरानी के लिए सुजलाम भारत (Sujalam Bharat) नामक एक व्यापक डिजिटल ढांचा पेश किया। इस ढांचे के तहत हर गांव को एक अद्वितीय सुजल गांव आईडी (या सेवा क्षेत्र आईडी) प्राप्त होती है जो स्रोत से नल तक सभी जल आपूर्ति संपत्तियों (water supply assets) को डिजिटल रूप से मैप करती है। मार्च 2026 के मध्य तक 1.77 लाख से अधिक सुजल गाँव आईडी उत्पन्न (generated) हो चुकी थीं।
पृष्ठभूमि
2019 में शुरू किए गए जल जीवन मिशन (JJM) का उद्देश्य भारत में सभी ग्रामीण घरों में कार्यात्मक (functional) घरेलू नल कनेक्शन (household tap connections) प्रदान करना है। 2026 तक 15.8 करोड़ से अधिक ग्रामीण घरों में पाइप से पानी पहुंच गया था, लेकिन इन प्रणालियों की निगरानी और उन्हें बनाए रखना एक चुनौती बनी हुई थी। जेजेएम 2.0 (JJM 2.0) केवल बुनियादी ढांचे के निर्माण से हटकर दीर्घकालिक सेवा वितरण (long-term service delivery), स्थिरता (sustainability) और सामुदायिक प्रबंधन (community management) सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित करता है।
नया डिजिटल ढांचा, सुजलाम भारत, एक राष्ट्रीय संपत्ति रजिस्ट्री (national asset registry) बनाने के लिए भौगोलिक सूचना प्रणाली (Geographic Information System - GIS) उपकरणों का उपयोग करता है। प्रत्येक जल आपूर्ति योजना (water supply scheme) को एक सुजलाम भारत आईडी सौंपी जाती है, और इसके सेवा क्षेत्र को एक सुजल गाँव आईडी सौंपी जाती है। यह जुड़ाव जल स्रोतों, उपचार संयंत्रों (treatment plants), पाइपलाइनों और घरेलू कनेक्शनों की एंड-टू-एंड ट्रैकिंग को सक्षम बनाता है।
मुख्य विशेषताएं
- रियल-टाइम मैपिंग (Real-time mapping): गांवों को डिजिटल रूप से मैप किया जाता है, जिसमें स्रोत, भंडारण टैंक (storage tanks), उपचार सुविधाएं और वितरण पाइपलाइन (distribution pipelines) दिखाई जाती हैं। इससे योजनाकारों (planners) को कमियों की पहचान करने और उन्नयन (upgrades) को प्राथमिकता देने में मदद मिलती है।
- सत्यापन और अनुपालन (Validation and compliance): राज्यों को सुजलाम भारत रजिस्ट्री के खिलाफ योजनाओं को मान्य (validate) करना होगा और यह प्रमाणित करना होगा कि फंड जारी होने से पहले डिजाइन केंद्रीय सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण इंजीनियरिंग संगठन (CPHEEO) के मानदंडों का पालन करते हैं।
- सामुदायिक जुड़ाव (Community engagement): जल सेवा आकलन (Jal Seva Aankalan) सर्वेक्षण "मेरी पंचायत (Meri Panchayat)" ऐप के माध्यम से सेवा की गुणवत्ता पर नागरिकों की प्रतिक्रिया एकत्र करते हैं। ग्राम पंचायतें (Gram Panchayats) और ग्राम जल और स्वच्छता समितियां (Village Water and Sanitation Committees) जल अर्पण (Jal Arpan) प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं को चालू करने में भाग लेती हैं।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: रीयल-टाइम डैशबोर्ड (Real-time dashboards) जल आपूर्ति स्थिति की निगरानी को सक्षम करते हैं, समय पर रखरखाव की सुविधा प्रदान करते हैं और रिसाव (leakages) और भ्रष्टाचार को कम करते हैं।
महत्व
- बेहतर योजना: अद्वितीय आईडी परियोजना समन्वय में सुधार करते हुए, पीएम गति शक्ति (PM Gati Shakti) अवसंरचना मास्टर प्लान के साथ जल आपूर्ति डेटा को एकीकृत करने में मदद करती है।
- सेवा वितरण: दिसंबर 2028 तक जेजेएम का लक्ष्य सभी ग्राम पंचायतों को "हर घर जल" घोषित करना है, जिसका अर्थ है कि हर घर में विश्वसनीय नल का पानी हो। डिजिटल ट्रैकिंग स्थिरता (sustainability) सुनिश्चित करती है।
- पारदर्शिता: एक एकीकृत रजिस्ट्री योजनाओं के दोहराव को हतोत्साहित करती है और सरकारी कार्यक्रमों में जनता का विश्वास बढ़ाती है।
स्रोत: Press Information Bureau