समाचार में क्यों?
अरुणाचल प्रदेश में प्रस्तावित Siang Upper Multipurpose Project (SUMP) पर बहस तब फिर से शुरू हो गई जब नागरिक समाज समूहों और स्वदेशी समुदायों (indigenous communities) ने इसके पर्यावरणीय और सामाजिक प्रभावों के बारे में चिंताएं व्यक्त कीं। इस परियोजना को यारलुंग त्सांगपो (Yarlung Tsangpo - ऊपरी ब्रह्मपुत्र) पर चीन के अपस्ट्रीम बांध निर्माण के खिलाफ भारत की रणनीति के हिस्से के रूप में भी देखा जाता है।
पृष्ठभूमि
सियांग नदी (Siang River) तिब्बत से अरुणाचल प्रदेश में बहती है और असम में ब्रह्मपुत्र बन जाती है। 2000 के दशक की शुरुआत में, नदी पर कई बड़े जलविद्युत बांध (hydroelectric dams) बनाने की योजनाएँ सामने आईं। Siang Upper Multipurpose Project का उद्देश्य पहले के दो प्रस्तावों को गेकू (Geku) गांव के पास एक ही 11,000 मेगावाट (MW) परियोजना में जोड़ना है। इससे 9 बिलियन m3 पानी जमा होने, बिजली पैदा करने, बाढ़ और बहाव (erosion) को कम करने तथा राज्य को मुफ्त बिजली मिलने की उम्मीद है। समर्थकों का तर्क है कि यह अपस्ट्रीम में चीन की जलविद्युत परियोजनाओं (hydropower projects) का मुकाबला करेगा।
मुख्य मुद्दे
- स्वदेशी अधिकार (Indigenous rights): यह क्षेत्र आदि (Adi) और गालो (Galo) जनजातियों का घर है जो अपनी आजीविका के लिए नदी और जंगलों पर निर्भर हैं। स्थानीय समूहों का दावा है कि परामर्श अपर्याप्त रहा है और विस्थापन तथा सांस्कृतिक स्थलों के नुकसान के बारे में चिंता है।
- जैव विविधता (Biodiversity): सियांग घाटी (Siang valley) जंगलों, दुर्लभ प्रजातियों और उच्च भूकंपीय संवेदनशीलता (seismic sensitivity) के साथ एक जैव विविधता हॉटस्पॉट है। बड़े बांध जंगलों को जलमग्न (submerge) कर सकते हैं और नदी के प्रवाह को बदल सकते हैं, जिससे मछलियां और वन्यजीव प्रभावित हो सकते हैं।
- रणनीतिक विचार (Strategic considerations): भारत इस परियोजना को यारलुंग त्सांगपो को मोड़ने (divert) की चीन की योजनाओं के खिलाफ एक उपाय के रूप में देखता है। भारतीय पक्ष में एक बड़ा जलाशय (reservoir) प्रवाह को नियंत्रित करने और डाउनस्ट्रीम अधिकारों (downstream rights) का दावा करने में मदद कर सकता है।
- आर्थिक लाभ और लागत: यह परियोजना पर्याप्त जलविद्युत (hydroelectric power) और बाढ़ नियंत्रण का वादा करती है। आलोचक लागत में वृद्धि, लंबी गर्भधारण अवधि (gestation periods) और भूकंप-प्रवण क्षेत्रों में मेगा-डैम (mega-dams) बनाने के जोखिमों की ओर इशारा करते हैं।
महत्व
SUMP बहस ऊर्जा सुरक्षा, पारिस्थितिक संरक्षण (ecological preservation) और स्वदेशी अधिकारों के बीच जटिल व्यापार-बंद (trade-offs) को दर्शाती है। जबकि जलविद्युत (hydropower) बिजली का एक स्वच्छ स्रोत है, इस परियोजना के विशाल पैमाने पर सावधानीपूर्वक मूल्यांकन (assessment) की आवश्यकता है। आगे बढ़ने से पहले समावेशी परामर्श और पारदर्शी पर्यावरणीय प्रभाव अध्ययन (environmental impact studies) आवश्यक हैं।
स्रोत: India Today