समाचार में क्यों?
नवंबर 2025 में उष्णकटिबंधीय चक्रवात Senyar उत्तरी सुमात्रा (North Sumatra) से टकराया। भारी बारिश ने बटांग तोरू (Batang Toru) पारिस्थितिकी तंत्र में भूस्खलन को जन्म दिया, जो गंभीर रूप से लुप्तप्राय तपनौली ओरंगुटान (Tapanuli orangutan) का घर है। वैज्ञानिकों ने बताया कि लगभग 58 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई, जो पूरी प्रजाति का लगभग सात प्रतिशत है। इस आपदा ने मजबूत संरक्षण उपायों के लिए नए सिरे से आह्वान किया।
पृष्ठभूमि
तपनौली ओरंगुटान को 2017 में ही एक अलग प्रजाति के रूप में मान्यता दी गई थी। जंगल में 800 से भी कम जानवर बचे हैं, जो सभी सुमात्रा के ऊंचे इलाकों में बटांग तोरू जंगल तक ही सीमित हैं। लकड़ी काटने, खनन और बांधों से आवास के नुकसान ने पहले ही उनके अस्तित्व को खतरे में डाल दिया था। जब चक्रवात Senyar इस क्षेत्र में रुका तो इसने चार दिनों में 1 000 मिलीमीटर से अधिक बारिश की। भूस्खलन ने 8 300 हेक्टेयर जंगल को नष्ट कर दिया और ओरंगुटान को बहा ले गए।
मुख्य विवरण
- वैज्ञानिकों का अनुमान है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश की तीव्रता लगभग 50 प्रतिशत अधिक थी।
- ये मौतें प्रजातियों के सात प्रतिशत और स्थानीय आबादी के 11 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती हैं।
- संरक्षणकर्ता इंडोनेशियाई सरकार से बटांग तोरू में खनन, जलविद्युत और सड़क परियोजनाओं को रोकने का आग्रह करते हैं।
- एक प्रतिशत वार्षिक गिरावट भी प्रजातियों को विलुप्त होने की ओर धकेल सकती है।
निष्कर्ष
चक्रवात Senyar ने चरम मौसम और आवास विनाश के प्रति तपनौली ओरंगुटान की भेद्यता को उजागर किया। उनके जंगल की सख्त सुरक्षा और विकास पर अंकुश के बिना, ये प्राइमेट (primates) कुछ ही दशकों में गायब हो सकते हैं।
स्रोत: Times Of India