भूगोल

Tasgaon Lift Irrigation Scheme: सतारा सूखा राहत और विशेषताएँ

Tasgaon Lift Irrigation Scheme: सतारा सूखा राहत और विशेषताएँ

चर्चा में क्यों?

महाराष्ट्र कृष्णा घाटी विकास निगम (Maharashtra Krishna Valley Development Corporation) ने तासगाँव लिफ्ट सिंचाई योजना (Tasgaon Lift Irrigation Scheme) के निर्माण के लिए पटेल इंजीनियरिंग (Patel Engineering) के नेतृत्व वाले संयुक्त उद्यम (joint venture) को ₹126.37 करोड़ का अनुबंध दिया। इस परियोजना का उद्देश्य सतारा (Satara) जिले के सूखाग्रस्त छह गांवों को सुनिश्चित सिंचाई प्रदान करना है। इसमें हेडवर्क्स (headworks), पम्पिंग स्टेशन और एक बंद पाइप नेटवर्क (closed pipe network) शामिल है, और इसे अड़तालीस महीनों के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।

पृष्ठभूमि

पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले में अक्सर सूखा और असमान वर्षा होती है। किसान वर्षा आधारित खेती (rainfed farming) पर निर्भर हैं, जो फसल के विकल्प और पैदावार को सीमित करती है। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य ने कृष्णा घाटी परियोजना के तहत तासगाँव लिफ्ट सिंचाई योजना की परिकल्पना की। यह योजना पास के जलाशय से पानी लेगी, इसे ऊंची जमीन पर उठाएगी और इसे छह गांवों - तासगांव, वर्णे, करंदवाड़ी, देवकरवाड़ी, देगांव और निगाड़ी में 2,277 हेक्टेयर में वितरित करेगी। नहर सिंचाई प्रदान करने के पहले के प्रयास रिसाव और असमान भूभाग के कारण अप्रभावी साबित हुए थे; इसलिए एक बंद पाइपलाइन प्रणाली का प्रस्ताव रखा गया था।

मुख्य विशेषताएं और लाभ

  • उच्च क्षमता वाली पम्पिंग: दो पंप हाउस और उससे जुड़े स्विचयार्ड पानी को स्रोत से ऊंची भूमि पर स्थित खेतों तक उठाएंगे।
  • बंद पाइप नेटवर्क (Closed pipe network): वितरण प्रणाली (distribution system) खुली नहरों के बजाय दबाव वाले पाइपों (pressurised pipes) का उपयोग करेगी, जिससे वाष्पीकरण और रिसाव के नुकसान कम होंगे।
  • कमांड क्षेत्र (Command area): सिंचाई से छह गांवों के 2,277 हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया जाएगा, जिससे बागवानी (horticulture) और नकदी फसलों को समर्थन मिलेगा।
  • संयुक्त उद्यम निष्पादन: पटेल इंजीनियरिंग और उसके भागीदार पंप की स्थापना और पाइपलाइन बिछाने सहित सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल कार्यों को संभालेंगे।
  • समय-सीमा: यह परियोजना चार वर्षों के भीतर पूरी होने वाली है, जिसके बाद किसान सहकारी समितियां (farmer cooperatives) इसका संचालन संभालेंगी।

निष्कर्ष

तासगाँव लिफ्ट योजना यह प्रदर्शित करती है कि आधुनिक सिंचाई तकनीक पहाड़ी और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पानी की कमी से कैसे निपट सकती है। बंद पाइपलाइनों और कुशल पंपों का उपयोग करके, यह विश्वसनीय पानी प्रदान करेगा, फसल उत्पादकता में सुधार करेगा और अनियमित मानसून के प्रति किसानों की भेद्यता को कम करेगा। इसका सफल कार्यान्वयन अन्य अर्ध-शुष्क जिलों (semi-arid districts) के लिए एक मॉडल के रूप में काम कर सकता है।

स्रोत: BS
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