चर्चा में क्यों?
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises - MoMSME) अपनी नई ट्रेड इनेबलमेंट एंड मार्केटिंग (Trade Enablement and Marketing - TEAM) पहल के तहत पांच लाख सूक्ष्म और लघु उद्यमों (micro and small enterprises) को 'ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (Open Network for Digital Commerce - ONDC)' से जोड़ने के लिए पूरे भारत में जिला-स्तरीय कार्यशालाएं (district‑level workshops) आयोजित कर रहा है। यह योजना जून 2024 में शुरू की गई थी और अब इसे सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है, जिसमें महिलाओं के स्वामित्व वाले व्यवसायों (women‑owned businesses) पर विशेष जोर दिया गया है।
पृष्ठभूमि
TEAM पहल 'रेज़िंग एंड एक्सिलरेटिंग MSME परफॉर्मेंस (Raising and Accelerating MSME Productivity - RAMP)' कार्यक्रम की एक उप-योजना (sub‑scheme) है। RAMP भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता (competitiveness) को बढ़ाने के उद्देश्य से विश्व बैंक (World Bank) समर्थित एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (central sector scheme) है। TEAM छोटे व्यवसायों को ONDC के माध्यम से अपने उत्पादों को ऑनलाइन (online) बेचने में मदद करके तेजी से बढ़ते डिजिटल कॉमर्स पारिस्थितिकी तंत्र (digital commerce ecosystem) का लाभ उठाना चाहता है। ONDC एक सरकार-समर्थित ओपन प्रोटोकॉल (open protocol) है जो विभिन्न प्लेटफार्मों पर खरीदारों (buyers) और विक्रेताओं (sellers) को जोड़ता है।
उद्देश्य और प्रमुख विशेषताएं (Objectives and key features)
- परिव्यय और अवधि (Outlay and duration): इस पहल का बजटीय परिव्यय (budgetary outlay) ₹277.35 करोड़ है और यह तीन साल (वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2026-27) तक चलती है।
- कार्यान्वयन एजेंसी (Implementing agency): राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (National Small Industries Corporation - NSIC) इस योजना को क्रियान्वित करने और राज्य सरकारों, उद्योग निकायों (industry bodies) और ONDC के साथ समन्वय (coordinating) करने के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसी (nodal agency) के रूप में कार्य करता है।
- लक्षित लाभार्थी (Target beneficiaries): इस योजना का उद्देश्य पांच लाख सूक्ष्म और लघु उद्यमों (micro and small enterprises) का समर्थन करना है, जिनमें से कम से कम आधे महिलाओं के स्वामित्व (women‑owned) वाले होने चाहिए। इसके लिए पूरे भारत में उद्यम-पंजीकृत (Udyam‑registered) विनिर्माण (manufacturing) और सेवा (service) उद्यम पात्र (Eligible) हैं।
- क्षमता निर्माण (Capacity building): NSIC ई-कॉमर्स (e‑commerce) के बारे में जागरूकता पैदा करने और उद्यमियों को कैटलॉग निर्माण (catalogue creation), डिजिटल मार्केटिंग (digital marketing), लॉजिस्टिक्स प्रबंधन (logistics management), ऑनलाइन विवाद समाधान (online dispute resolution) और डिजिटल भुगतान प्रणालियों (digital payment systems) के उपयोग में प्रशिक्षित करने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करता है - विशेष रूप से टियर-II और टियर-III शहरों और MSME क्लस्टर में।
- ऑनबोर्डिंग सहायता (Onboarding support): यह योजना ONDC पर सेलर नेटवर्क प्रतिभागियों (Seller Network Participants - SNPs) को MSMEs को ऑनबोर्ड करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन (financial incentives) प्रदान करती है। ONDC के अनुरूप डिजिटल कैटलॉग बनाने (₹2,500 प्रति उद्यम तक), खाता प्रबंधन (account management - ₹5,000 प्रति उद्यम तक), लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग के लिए सब्सिडी (Subsidies) उपलब्ध है।
- मांग सृजन (Demand generation): भाग लेने वाले MSMEs के लिए दृश्यता (visibility) बढ़ाने और ऑर्डर उत्पन्न करने के लिए डिजिटल मार्केटिंग अभियानों (digital marketing campaigns) और खरीदार-पक्ष के प्रोत्साहनों (buyer‑side incentives) का समर्थन करने के लिए धन अलग रखा गया है।
- भाषा और समावेशिता (Language and inclusivity): डिजिटल टूल और प्रशिक्षण सामग्री (training materials) कई भारतीय भाषाओं (Indian languages) में पेश की जाती है ताकि सीमित अंग्रेजी दक्षता (limited English proficiency) वाले उद्यमियों के लिए भी पहुंच सुनिश्चित हो सके।
महत्व (Significance)
- डिजिटल सशक्तिकरण (Digital empowerment): ई-कॉमर्स में प्रवेश की बाधाओं (barriers to entry) को कम करके, TEAM छोटे उद्यमों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों (global markets) में प्रवेश करने में मदद करता है, जिससे बिक्री और आय बढ़ती है।
- महिला उद्यमिता (Women’s entrepreneurship): महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों पर अनिवार्य 50 प्रतिशत ध्यान केंद्रित करने का उद्देश्य व्यापार में लैंगिक अंतर (gender gaps) को कम करना और समावेशी विकास (inclusive growth) को बढ़ावा देना है।
- स्थानीय अर्थव्यवस्थाओं के लिए समर्थन (Support for local economies): कार्यशालाएं और सब्सिडी छोटे शहरों के MSMEs को डिजिटल टूल अपनाने के लिए प्रोत्साहित करती हैं, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास (balanced regional development) को बढ़ावा मिलता है।
- डिजिटल बुनियादी ढांचे का लाभ उठाना (Leveraging digital infrastructure): यह पहल उद्यम पंजीकरण (Udyam registration), डिजिटल MSME योजना (Digital MSME scheme) और पीएम विश्वकर्मा (PM Vishwakarma) जैसे अन्य सरकारी कार्यक्रमों का पूरक है, जिससे MSME पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर तालमेल (synergies) बनता है।
निष्कर्ष
ट्रेड इनेबलमेंट एंड मार्केटिंग (TEAM) पहल इस बात का उदाहरण है कि कैसे सरकारी योजनाएं छोटे व्यवसायों के उत्थान के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (digital public infrastructure) का उपयोग कर सकती हैं। MSMEs को ई-कॉमर्स अपनाने में मदद करके, उनकी ब्रांडिंग और लॉजिस्टिक्स में सुधार करके और महिला उद्यमियों (women entrepreneurs) पर ध्यान केंद्रित करके, इस योजना का उद्देश्य आने वाले वर्षों में एक अधिक लचीला और समावेशी MSME क्षेत्र बनाना है।
स्रोत: पीआईबी (PIB)