चर्चा में क्यों?
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (Narcotics Control Bureau - NCB) ने घोषणा की कि उसने "टीम कल्कि (Team Kalki)" कोड नाम (code name) के तहत काम कर रहे एक अखिल भारतीय (pan-India) दवा वितरण नेटवर्क (drug distribution network) को नष्ट कर दिया है। ऑपरेशन (operation), जिसमें डार्कनेट मार्केटप्लेस (darknet marketplaces) की निगरानी करना और पार्सल को रोकना शामिल था, को ऑनलाइन ड्रग तस्करी (online drug trafficking) पर देश की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों (crackdowns) में से एक माना जाता है।
पृष्ठभूमि
अनाम ऑनलाइन प्लेटफार्मों (anonymous online platforms) के माध्यम से भारतीय ग्राहकों (Indian customers) को भारी मात्रा में सिंथेटिक दवाओं (synthetic drugs) की आपूर्ति किए जाने की रिपोर्ट के बाद एनसीबी (NCB) ने 2025 की शुरुआत में नेटवर्क को ट्रैक करना शुरू किया। संदिग्धों (suspects) ने एलएसडी (LSD), एमडीएमए (MDMA - Ecstasy), चरस (charas) और एम्फेटामाइन्स (amphetamines) का विज्ञापन करने और बेचने के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप (encrypted messaging apps) और डार्कनेट मंचों (darknet forums) का इस्तेमाल किया। क्रिप्टोक्यूरेंसी वॉलेट (cryptocurrency wallets) के माध्यम से भुगतान का शोधन (laundered) किया गया था।
ऑपरेशन का विवरण
- बरामदगी (Seizures): जांचकर्ताओं (Investigators) ने 13 घरेलू पार्सल और नीदरलैंड (Netherlands) से दो पार्सल को रोक दिया, जिसमें 2,300 से अधिक एलएसडी (LSD) ब्लॉट, 160 एमडीएमए (MDMA) टैबलेट, कई ग्राम एम्फेटामाइन (amphetamine) और लगभग 3.6 किलोग्राम तरल एमडीएमए (liquid MDMA) बरामद किया गया। जब्त की गई दवाओं (seized drugs) का अंतरराष्ट्रीय सड़क मूल्य (international street value) लगभग 5 करोड़ रुपये आंका गया था।
- काम करने का तरीका (Modus operandi): नेटवर्क ने ग्राहकों के साथ संवाद (communicate) करने के लिए डार्कनेट मार्केटप्लेस (darknet marketplaces) जैसे Dread और Session मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल किया। ऑर्डर के लिए भुगतान क्रिप्टोक्यूरेंसी (cryptocurrency) में किया गया था और इंडिया पोस्ट स्पीड पोस्ट (India Post Speed Post) या निजी कूरियर (private couriers) के माध्यम से वितरित किया गया था। कुछ मामलों में तस्करों ने "डेड-ड्रॉप (dead-drop)" तकनीकों का इस्तेमाल किया, संकुलों को सीधे सौंपने के बजाय पूर्व-व्यवस्थित स्थानों (pre-arranged locations) पर छोड़ दिया।
- स्केल और गिरफ्तारियां (Scale and arrests): अधिकारियों के अनुसार, टीम कल्कि पर जनवरी 2025 से 1,000 से अधिक खेप (consignments) भेजने का संदेह है। दो आदतन अपराधियों (habitual offenders), अनुराग ठाकुर (Anurag Thakur) और विकास राठी (Vikas Rathi) को गिरफ्तार (arrested) किया गया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों (Electronic devices) और एक क्रिप्टोक्यूरेंसी वॉलेट को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया।
- पिछले ऑपरेशन: एनसीबी (NCB) ने उल्लेख किया कि नवीनतम भंडाफोड़ (bust) ज़ंबाडा (Zambada - 2023) और केटामेलन (Ketamelon - 2025) नामक पहले के ऑपरेशनों का अनुसरण करता है, जो इसी तरह डार्कनेट-सक्षम दवा छल्ले (darknet-enabled drug rings) को लक्षित करते हैं।
निहितार्थ (Implications)
मामला बताता है कि नशीले पदार्थों के तस्कर (narcotics traffickers) कानून प्रवर्तन (law enforcement) से बचने के लिए अनाम ऑनलाइन प्लेटफार्मों, एन्क्रिप्टेड संचार (encrypted communications) और क्रिप्टोकरेंसी (cryptocurrencies) का तेजी से फायदा उठा रहे हैं। यह अंतर्राष्ट्रीय सहयोग (international cooperation) के महत्व को भी रेखांकित करता है, क्योंकि यूरोप (Europe) से कई खेप उत्पन्न हुई थीं। एनसीबी का उद्देश्य अन्य नेटवर्कों को बाधित करने और सिंथेटिक दवाओं से जुड़े जोखिमों (risks) के बारे में जन जागरूकता बढ़ाने के लिए इस सफलता (success) का निर्माण करना है।
स्रोत: The Tribune · News on Air