अर्थव्यवस्था

TReDS RBI: MSME वित्तपोषण, कार्यशील पूंजी और बिल डिस्काउंटिंग

TReDS RBI: MSME वित्तपोषण, कार्यशील पूंजी और बिल डिस्काउंटिंग
Study next

Convert reading into recall

Read once, then use one quick app action while the topic is fresh. Links open in a new tab.

1 Start True/False practice 2-min recall check Open
Read for
Exam hook Prelims fact Mains angle
Other useful actions
N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs

चर्चा में क्यों?

भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India - RBI) ने नए विक्रेताओं पर उचित सावधानी (due diligence) बरतने के लिए बैंकों की आवश्यकता को हटाकर व्यापार प्राप्य छूट प्रणाली (Trade Receivables Discounting System - TReDS) प्लेटफार्मों पर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) के लिए ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया (onboarding process) को आसान बनाने का प्रस्ताव दिया है। अप्रैल 2026 की मौद्रिक नीति (monetary policy) की घोषणा के दौरान घोषित इस प्रस्ताव का उद्देश्य कार्यशील पूंजी (working capital) तक पहुंच को व्यापक बनाना है।

पृष्ठभूमि

TReDS 2017 में पेश किया गया एक इलेक्ट्रॉनिक मार्केटप्लेस है जो MSME आपूर्तिकर्ताओं (suppliers) को छूट (discount) पर फाइनेंसरों को अपने चालान (invoices) बेचने की अनुमति देता है। खरीदार—आमतौर पर बड़े कॉर्पोरेट्स (corporates), सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (public sector undertakings) या सरकारी विभाग (government departments)—अनुमोदित चालान अपलोड करते हैं। पंजीकृत फाइनेंसर (Registered financiers) फिर इन प्राप्य (receivables) को खरीदने के लिए बोली (bid) लगाते हैं, जिससे आपूर्तिकर्ताओं को जल्दी धन प्राप्त करने में मदद मिलती है। भारत में तीन लाइसेंस प्राप्त प्लेटफॉर्म—RXIL, Invoicemart और M1xchange—संचालित हैं और RBI द्वारा विनियमित हैं। पहले के दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को MSME विक्रेताओं के चालानों के वित्तपोषण (financing) से पहले 'नो-योर-कस्टमर' (know-your-customer - KYC) जांच करनी होती थी।

RBI के हालिया प्रस्ताव

  • सरल ऑनबोर्डिंग (Simplified onboarding): बैंकों और फाइनेंसरों को अब प्लेटफार्मों द्वारा पहले से किए जा रहे कार्यों से परे MSME पर अलग से उचित सावधानी (due diligence) बरतने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे कागजी कार्रवाई और लागत कम हो जाएगी।
  • सार्वजनिक परामर्श (Public consultation): संशोधित दिशानिर्देशों (amended guidelines) को अंतिम रूप देने से पहले RBI मसौदा निर्देश (draft directions) जारी करेगा और हितधारकों (stakeholders) से टिप्पणियां आमंत्रित करेगा।
  • पिछले सुधार (Previous reforms): 2023 में, बीमा कंपनियों को क्रेडिट बीमा (credit insurance) की पेशकश करने के लिए TReDS में भाग लेने की अनुमति दी गई উদ্যোগে थी, और मार्केटप्लेस को गहरा करने के लिए कॉर्पोरेट खरीदारों (corporate buyers) को प्लेटफॉर्म में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया था।

महत्व

  • MSME के लिए तरलता (Liquidity for MSMEs): चालान छूट (invoice discounting) को तेज करके, TReDS भुगतान में देरी को कम करता है और छोटे आपूर्तिकर्ताओं को कार्यशील पूंजी को अधिक कुशलता से प्रबंधित करने में मदद करता है।
  • डिजिटल पारदर्शिता (Digital transparency): यह प्लेटफॉर्म लेनदेन का एक डिजिटल ट्रेल (digital trail) प्रदान करता है, विवादों को कम करता है और खरीदारों और विक्रेताओं के बीच विश्वास बढ़ाता है।
  • वित्तीय समावेशन (Financial inclusion): आसान ऑनबोर्डिंग छोटे व्यवसायों के लिए औपचारिक वित्त (formal finance) तक पहुंचने की बाधाओं को कम करती है, जो MSME क्रेडिट गारंटी योजना (credit guarantee scheme) जैसी सरकारी पहलों की पूरक (complementing) है।

निष्कर्ष

उचित-सावधानी (due-diligence) आवश्यकताओं में प्रस्तावित छूट TReDS पर अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित कर सकती है और MSMEs के सामने आने वाली लगातार तरलता बाधाओं (persistent liquidity constraints) को दूर करने में मदद कर सकती है। हालांकि, मजबूत जोखिम प्रबंधन (robust risk management) और बड़े खरीदारों की निरंतर भागीदारी प्लेटफॉर्म की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बनी रहेगी।

स्रोत: द हिंदू (The Hindu)

Finished reading?

Do one recall action now

Practice first while the topic is fresh. Save the key points or use Shorts when you want a quick recap.

1 Start True/False practice 2-min recall check N Save key points Build a revision note S Watch related Shorts Quick visual recap App Open News in Web App Browse related current affairs
Home Current Affairs 📰 Daily News 🎬 Watch Shorts 📊 Economic Survey 2025-26 Subjects 📚 All Subjects ⚖️ Indian Polity 💹 Economy 🌍 Geography 🌿 Environment 📜 History Exam Info 📋 Syllabus 2026 📝 Prelims Syllabus ✍️ Mains Syllabus ✅ Eligibility Resources 📖 Booklist 📊 Exam Pattern 📄 Previous Year Papers ▶️ YouTube Channel
Sign In / Open Web App