खबरों में क्यों?
छत्तीसगढ़ में Udanti-Sitanadi Tiger Reserve (USTR) ने हाल के महीनों में अपने जंगलों के माध्यम से तीन बाघों की आवाजाही (movement) दर्ज की है, जो इसे पड़ोसी रिजर्व के साथ जोड़ने वाले वन्यजीव गलियारे (wildlife corridor) की बहाली के लिए धन्यवाद है। यह दृश्य (sightings) संकेत देते हैं कि संरक्षण प्रयास और सुरक्षा सुधार मध्य भारत में बड़ी बिल्लियों (big cats) के प्राकृतिक प्रसार (natural dispersal) को सुगम बना रहे हैं।
पृष्ठभूमि
USTR में रायपुर और धमतरी जिलों में उदंती (Udanti) और सीतानदी (Sitanadi) नदियों के नाम पर दो आसन्न अभयारण्य (adjoining sanctuaries) शामिल हैं। मध्य भारतीय उच्चभूमि (central Indian highlands) में स्थित, जंगलों में साल, सागौन (teak) और बांस (bamboo) का प्रभुत्व है और यह एक बड़े परिदृश्य (landscape) का हिस्सा है जिसमें महाराष्ट्र में Tadoba-Andhari Tiger Reserve और छत्तीसगढ़ में Indravati Tiger Reserve शामिल हैं। 2009 में दोनों अभयारण्यों को मुख्य रूप से लुप्तप्राय जंगली भैंसे (endangered wild buffalo) - छत्तीसगढ़ के राज्य पशु - की रक्षा के लिए टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। यह रिजर्व तेंदुओं (leopards), जंगली कुत्तों, चीतल, सांभर, चौसिंगा (four-horned antelope), भालू (sloth bears) और कई पक्षी प्रजातियों का भी समर्थन करता है।
हाल के घटनाक्रम
- बाघों की आवाजाही (Tiger movement): कैमरा ट्रैप और फील्ड स्टाफ ने नौ महीने में USTR से गुजरने वाले तीन अलग-अलग बाघों को रिकॉर्ड किया। मई 2025 में उदंती (Udanti) के पास पकड़े गए एक नर बाघ (male tiger) को बाद में Barnawapara Wildlife Sanctuary में देखा गया, जो लंबी दूरी के प्रसार (long-range dispersal) का प्रदर्शन करता है। एक अन्य बाघ तेलंगाना में Kawal Tiger Reserve से USTR और बाद में ओडिशा के Debrigarh की यात्रा कर चुका था।
- गलियारे की बहाली (Corridor restoration): अधिकारियों ने अतिक्रमणों (encroachments) को हटा दिया, शिकार विरोधी गश्त (anti-poaching patrols) को मजबूत किया और ताडोबा (Tadoba), इंद्रावती (Indravati), USTR और ओडिशा में Sunabeda Wildlife Sanctuary को जोड़ने वाले निवास स्थान गलियारे (habitat corridor) को बहाल करने के लिए सुरक्षा बलों के साथ समन्वय किया। इस 800 किलोमीटर के हिस्से को बहाल करने से बाघों और अन्य वन्यजीवों को संरक्षित क्षेत्रों के बीच स्थानांतरित होने की अनुमति मिलती है।
- भविष्य की योजनाएँ: छत्तीसगढ़ वन विभाग की योजना USTR में निवासी प्रजनन आबादी (resident breeding population) स्थापित करने के लिए मध्य प्रदेश से दो बाघिनों (tigresses) को स्थानांतरित (translocate) करने की है, जो National Tiger Conservation Authority से अनुमोदन के लिए लंबित है। जंगली भैंसों और हाथियों के समर्थन के लिए आवास सुधार (Habitat improvement) का काम भी चल रहा है।
चुनौतियाँ और महत्व
- मानव दबाव (Human pressures): रिजर्व लगभग 50 गांवों का घर है जिसमें हजारों निवासी और मवेशी (livestock) हैं। चराई (Grazing), जलाऊ लकड़ी का संग्रह, जंगल की आग और प्रस्तावित हीरा खनन परियोजनाएं (diamond mining projects) वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा करती हैं।
- संरक्षण मूल्य (Conservation value): USTR जंगली भैंसों की शुद्ध रेखा (pure line) को आश्रय देने वाले कुछ स्थलों में से एक है। गलियारों की रक्षा करना बाघों के बीच आनुवंशिक आदान-प्रदान (genetic exchange) सुनिश्चित करता है और इनब्रीडिंग (inbreeding) को रोकता है। यह क्षेत्र गिद्धों (vultures) और हरी मुनिया (green munia) जैसे लुप्तप्राय पक्षियों के लिए निवास स्थान भी प्रदान करता है।
- एकीकृत प्रबंधन (Integrated management): विकास के साथ संरक्षण को संतुलित करने और ग्रामीणों के रहने की स्थिति में सुधार के लिए वन अधिकारियों, स्थानीय समुदायों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
उदंती-सीतानदी (Udanti-Sitanadi) में बाघों की वापसी आवास बहाली (habitat restoration) और अवैध शिकार के खिलाफ सतर्कता की सफलता को दर्शाती है। गलियारों की सुरक्षा और मानव दबावों (human pressures) को संबोधित करके, छत्तीसगढ़ अपने प्रतिष्ठित वन्यजीवों के दीर्घकालिक अस्तित्व को सुनिश्चित कर सकता है और पूरे मध्य भारत में पारिस्थितिक संपर्क (ecological connectivity) बनाए रख सकता है。
स्रोत: Times of India, Key Biodiversity Area factsheet, Udanti‑Sitanadi Tiger Reserve – Wikipedia