चर्चा में क्यों?
भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 18 मई 2026 को घोषणा की कि तीसरी पीढ़ी की मानव रहित हवाई वाहन-लॉन्च की गई सटीक-निर्देशित मिसाइल (Unmanned Aerial Vehicle-Launched Precision-Guided Missile - ULPGM-V3) के अंतिम विकास परीक्षण आंध्र प्रदेश के कुरनूल के पास सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। यह प्रणाली अब सशस्त्र बलों में शामिल करने (induction) के लिए तैयार है।
पृष्ठभूमि
ULPGM मैन-पोर्टेबल (man-portable), फायर-एंड-फॉरगेट एंटी-आर्मर मिसाइलों का एक परिवार है जिसे यूएवी या पैदल सेना (infantry) द्वारा लॉन्च करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। मेक-इन-इंडिया पहल के तहत विकसित, V3 संस्करण (variant) लंबी रेंज और बेहतर मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए पहले के संस्करणों पर आधारित है। हैदराबाद में रिसर्च सेंटर इमारत (Research Centre Imarat) ने अन्य DRDO प्रयोगशालाओं और उद्योग भागीदारों के योगदान के साथ परियोजना का नेतृत्व किया।
ULPGM-V3 की मुख्य विशेषताएं
- दोहरे चैनल वाला सीकर (Dual-channel seeker): मिसाइल एक उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाले दिन-रात इमेजिंग सीकर का उपयोग करती है, जो दृश्य और अवरक्त (infrared) बैंड दोनों में संचालन को सक्षम करती है।
- रेंज और गतिशीलता (Range and mobility): यह दिन के उजाले में 4 किमी और रात में लगभग 2.5 किमी तक के लक्ष्यों को भेद सकती है। लगभग 12.5 किलोग्राम वजनी, यह हथियार पैदल सेना (infantry) द्वारा ले जाने के लिए काफी हल्का है और इसे विभिन्न यूएवी पर भी लगाया जा सकता है।
- वॉरहेड विकल्प (Warhead options): मॉड्यूलर वॉरहेड्स में टैंडेम-चार्ज शेप्ड चार्ज (tandem-charge shaped charges) शामिल हैं जो प्रतिक्रियाशील कवच (reactive armour) के खिलाफ प्रभावी हैं और एंटी-पर्सनेल या एंटी-एयरक्राफ्ट भूमिकाओं के लिए पूर्व-खंडित विस्फोट (pre-fragmented blasts) हैं।
- फायर-एंड-फॉरगेट क्षमता (Fire-and-forget capability): एक बार लॉन्च होने के बाद, मिसाइल स्वायत्त रूप से लक्ष्य की ओर निर्देशित होती है, जिससे ऑपरेटरों या ड्रोनों को तुरंत अपनी स्थिति बदलने (reposition) की अनुमति मिलती है।
- स्वदेशी विकास (Indigenous development): मिसाइल और इसके ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को भारत में पूरी तरह से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) की महत्वपूर्ण भागीदारी के साथ विकसित किया गया था। उद्योग भागीदारों में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (Bharat Dynamics Limited) और अदानी डिफेंस सिस्टम (Adani Defence Systems) शामिल थे।
महत्व
- यह प्रणाली सैनिकों को खतरे में डाले बिना मानव रहित प्लेटफार्मों से बख्तरबंद खतरों (armoured threats) और कम ऊंचाई वाले हवाई लक्ष्यों को बेअसर करने की भारत की क्षमता को बढ़ाएगी।
- सफल परीक्षण सटीक-निर्देशित युद्ध सामग्री (precision-guided munitions) में आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रगति को प्रदर्शित करते हैं और आत्मनिर्भर भारत पहल (Aatmanirbhar Bharat initiative) के अनुरूप हैं।
- DRDO के अधिकारियों का कहना है कि मिसाइल बड़े पैमाने पर उत्पादन और कई यूएवी प्रकारों पर एकीकरण (integration) के लिए तैयार है, जो संयुक्त हथियारों के संचालन का समर्थन करती है।
निष्कर्ष
ULPGM-V3 भारत के शस्त्रागार में एक बहुमुखी और स्वदेशी सटीक-निर्देशित हथियार (precision-guided weapon) जोड़ती है। इसका हल्का डिजाइन, उन्नत सीकर और मॉड्यूलर वॉरहेड्स इसे मानव ऑपरेटरों के लिए जोखिम कम करते हुए आधुनिक बख्तरबंद लक्ष्यों को बेअसर करने के लिए उपयुक्त बनाते हैं।