International Relations (अंतर्राष्ट्रीय संबंध)

UNIFIL Peacekeepers: लेबनान सीमा, ब्लू लाइन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद

UNIFIL Peacekeepers: लेबनान सीमा, ब्लू लाइन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद

चर्चा में क्यों?

मार्च 2026 के अंत में दक्षिणी लेबनान के बानी हय्यान (Bani Hayyan) गांव के पास लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (United Nations Interim Force in Lebanon - UNIFIL) में सेवारत दो इंडोनेशियाई शांतिरक्षकों (peacekeepers) की गोलीबारी में मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। भारत के विदेश मंत्रालय ने 3 अप्रैल 2026 को इस हमले की निंदा की, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों की सुरक्षा (safety) और पवित्रता (inviolability) का आह्वान किया और इस बात पर जोर दिया कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 (UNSC Resolution 2589) के तहत जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

पृष्ठभूमि

1978 में लेबनान पर इज़राइल के आक्रमण के बाद UNIFIL की स्थापना की गई थी। इसका जनादेश (mandate) इज़राइली सेना की वापसी की पुष्टि करना, शांति और सुरक्षा बहाल करना और दक्षिण में अपने अधिकार क्षेत्र का विस्तार करने में लेबनानी सरकार की सहायता करना है। 2006 के लेबनान युद्ध के बाद, इसकी जिम्मेदारियों का विस्तार 'ब्लू लाइन (Blue Line)' के किनारे शत्रुता (hostilities) की समाप्ति की निगरानी करने और क्षेत्र में लेबनानी सशस्त्र बलों की तैनाती में मदद करने तक किया गया। आज इस मिशन में 45 से अधिक देशों के लगभग 10,500 सैन्य कर्मी शामिल हैं, जिन्हें नागरिक कर्मचारियों (civilian staff) का भी समर्थन प्राप्त है। भारत 1998 से इस मिशन में सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक रहा है और वर्तमान में इस मिशन में इसके लगभग 600 सैनिक तैनात हैं।

हाल की घटनाएँ और भारत की प्रतिक्रिया (Recent events and India’s response)

  • हमला (The attack): 27 मार्च 2026 को बानी हय्यान के पास इंडोनेशियाई शांति सैनिकों को ले जा रहे संयुक्त राष्ट्र के काफिले पर गोलियां चलाई गईं। इसमें दो सैनिकों की मौत हो गई और कम से कम दो अन्य घायल हो गए। यह वर्षों में लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों पर हुआ सबसे घातक हमला (deadliest assault) था।
  • भारत की निंदा (Indian condemnation): भारत के विदेश मामलों के प्रवक्ता ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और इस हमले को "अस्वीकार्य (unacceptable)" बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शांति सैनिक संयुक्त राष्ट्र के झंडे तले काम करते हैं और अंतर्राष्ट्रीय कानून (international law) के तहत उनकी रक्षा की जानी चाहिए।
  • जवाबदेही का आह्वान (Call for accountability): भारत ने लेबनानी अधिकारियों से जांच करने और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने का आग्रह किया। भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2589 (2021) की ओर भी इशारा किया, जो सदस्य देशों से संयुक्त राष्ट्र के कर्मियों की हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा चलाने का आग्रह करता है।
  • शांति स्थापना में योगदान (Contribution to peacekeeping): भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना (UN peacekeeping) के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। भारत ने बताया कि 1998 से अब तक 6,500 से अधिक भारतीय सैनिकों ने UNIFIL में सेवा दी है और भारतीय टुकड़ियां स्थानीय समुदायों को चिकित्सा सहायता (medical assistance) और शैक्षिक आउटरीच (educational outreach) भी प्रदान करती हैं।
  • अंतर्राष्ट्रीय प्रतिक्रिया (International reaction): एक सप्ताह बाद 63 देशों और यूरोपीय संघ द्वारा जारी एक संयुक्त बयान (joint statement) में भी इस हमले की निंदा की गई और संयुक्त राष्ट्र बलों के सम्मान का आह्वान किया गया। इस घटना ने इज़राइल-लेबनान सीमा पर बढ़ते तनाव (rising tensions) को रेखांकित किया।

UNIFIL के बारे में (About UNIFIL)

  • जनादेश (Mandate): इसका कार्य शत्रुता (hostilities) की समाप्ति की निगरानी करना, लेबनानी सशस्त्र बलों को यह सुनिश्चित करने में समर्थन देना कि क्षेत्र में अनधिकृत सशस्त्र कर्मी (unauthorised armed personnel) और हथियार न हों, मानवीय पहुंच (humanitarian access) को सुविधाजनक बनाना और विस्थापित व्यक्तियों (displaced persons) की सुरक्षित वापसी में सहायता करना है।
  • संचालन का क्षेत्र (Area of operations): UNIFIL का क्षेत्र दक्षिणी लेबनान में लगभग 1,060 वर्ग किलोमीटर को कवर करता है, जो लिटानी नदी (Litani River) से लेकर इज़राइल के साथ सीमा के किनारे 'ब्लू लाइन (Blue Line)' तक फैला हुआ है।
  • संरचना (Composition): इस मिशन में इन्फैंट्री बटालियन (infantry battalions), इंजीनियर, नौसेना इकाइयां और चिकित्सा दल शामिल हैं। इसकी समुद्री टास्क फोर्स (Maritime Task Force) हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए लेबनान के क्षेत्रीय जल (territorial waters) में गश्त (patrols) करती है।

महत्व (Significance)

  • स्थिरता बनाए रखना (Maintaining stability): UNIFIL इज़राइल और लेबनान के बीच एक बफर (buffer) के रूप में कार्य करता है और छिटपुट झड़पों (sporadic clashes) को पूर्ण पैमाने के संघर्ष में बदलने से रोकने में मदद करता है।
  • मानवीय सहायता (Humanitarian support): शांति सैनिक स्थानीय समुदायों के लिए चिकित्सा देखभाल, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और शैक्षिक कार्यक्रमों को प्रदान करते हैं, जिससे सद्भावना (goodwill) और स्थिरता को बढ़ावा मिलता है।
  • भारत की वैश्विक भूमिका (India’s global role): UNIFIL में भागीदारी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा में एक जिम्मेदार योगदानकर्ता के रूप में भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ाती है। यह बहुराष्ट्रीय अभियानों (multinational operations) में भारतीय सैनिकों को बहुमूल्य अनुभव प्रदान करता है।

निष्कर्ष

इंडोनेशियाई शांति सैनिकों पर हुआ हमला संघर्ष क्षेत्रों (conflict zones) में संयुक्त राष्ट्र के कर्मियों के सामने आने वाले खतरों को उजागर करता है और सभी पक्षों द्वारा उनकी तटस्थता (neutrality) का सम्मान करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। भारत की कड़ी प्रतिक्रिया अंतरराष्ट्रीय कानून और अपने स्वयं के शांति सैनिकों की सुरक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। क्षेत्रीय स्थिरता (regional stability) और बहुपक्षीय शांति स्थापना (multilateral peacekeeping) के लिए भारत के समर्थन को प्रदर्शित करने के लिए UNIFIL में निरंतर भागीदारी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

स्रोत: द हिंदू (The Hindu)

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