चर्चा में क्यों?
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय तटरक्षक (Indian Coast Guard) के लिए छह उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर (Advanced Light Helicopters - ALH) Mk-III (समुद्री भूमिका) और भारतीय नौसेना के लिए सतह से हवा में मार करने वाली वर्टिकल लॉन्च Shtil (VL-Shtil) मिसाइल प्राप्त करने के लिए 3 मार्च 2026 को ₹5,083 करोड़ के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। मिसाइलें अग्रिम पंक्ति के युद्धपोतों (frontline warships) की वायु-रक्षा क्षमताओं (air-defence capabilities) को बढ़ाएंगी।
पृष्ठभूमि
VL-Shtil प्रणाली रूस के अल्माज़-एंटे (Almaz-Antey) निगम द्वारा विकसित एक मध्यम दूरी की, जहाज-जनित (ship-borne) सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) है। यह Buk मिसाइल परिवार का एक वर्टिकल-लॉन्च (vertical-launch) संस्करण है और 9M317ME मिसाइल का उपयोग करता है। भारत की खरीद भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही रक्षा साझेदारी को दर्शाती है और इसका उद्देश्य भारतीय नौसैनिक प्लेटफार्मों पर स्तरित वायु-रक्षा वास्तुकला (layered air-defence architecture) को मजबूत करना है।
प्रमुख विशेषताएं
- मध्यम सीमा (Medium range): सिस्टम 5 मीटर से लगभग 15 किमी की ऊंचाई पर लगभग 3.5 किमी से 50 किमी दूर के लक्ष्यों को उलझा सकता है।
- बहु-लक्ष्य क्षमता (Multi-target capability): यह हेलीकॉप्टर, लड़ाकू विमान, जहाज-रोधी क्रूज मिसाइलों और ड्रोन सहित एक साथ 12 हवाई लक्ष्यों को ट्रैक और संलग्न कर सकता है।
- वर्टिकल लॉन्च: मिसाइलों को एक जहाज के डेक से लंबवत रूप से लॉन्च किया जाता है, जिससे जहाज को मोड़ने की आवश्यकता के बिना चौतरफा कवरेज (all-around coverage) की अनुमति मिलती है। लगभग 2-3 सेकंड का लॉन्च अंतराल (launch interval) तेजी से क्रमिक शॉट्स (successive shots) को सक्षम बनाता है।
- मार्गदर्शन (Guidance): 9M317ME मिसाइलें अर्ध-सक्रिय रडार होमिंग (semi-active radar homing) को नियोजित करती हैं; जहाज का 3D रडार लक्ष्य को रोशन करता है जबकि मिसाइल होमिंग करती है। यह सिस्टम लगभग 830 मीटर/सेकेंड की गति से चलने वाली वस्तुओं को लक्षित कर सकता है।
- स्वचालन (Automation): स्वचालन के उच्च स्तर प्रतिक्रिया समय और चालक दल के कार्यभार को कम करते हैं, जिससे विवादित वातावरण (contested environments) में उत्तरजीविता में सुधार होता है।
महत्व
- उन्नत नौसैनिक रक्षा: VL-Shtil प्रणाली भारतीय युद्धपोतों पर एक बहु-स्तरित रक्षात्मक नेटवर्क (multi-layered defensive network) का हिस्सा बनेगी, जो विविध हवाई खतरों का मुकाबला करने के लिए अन्य मिसाइलों और बंदूकों का पूरक होगी।
- साझेदारी को मजबूत करना: रूसी प्रणाली की खरीद रूस के साथ भारत के रणनीतिक रक्षा संबंधों को रेखांकित करती है, जबकि वर्टिकल लॉन्च शॉर्ट-रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (VL-SRSAM) जैसे स्वदेशी विकास के पूरक है।
- आर्थिक प्रभाव: व्यापक अनुबंध में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited) द्वारा निर्मित हेलीकॉप्टर शामिल हैं और इसमें 200 से अधिक MSME शामिल हैं, जो रोजगार पैदा करते हैं और मेक-इन-इंडिया पहल (Make-in-India initiative) के साथ संरेखित करते हैं।
निष्कर्ष
VL-Shtil मिसाइल खरीद भारतीय नौसेना की आधुनिक हवाई खतरों से अपने जहाजों की रक्षा करने की क्षमता का विस्तार करेगी। अन्य सेंसर और हथियारों के साथ एकीकृत, प्रणाली एक मजबूत समुद्री वायु-रक्षा ढाल (maritime air-defence shield) में योगदान देगी।
स्रोत: Press Information Bureau · Defense Mirror