खबरों में क्यों?
22 मई 2026 को विश्व स्वास्थ्य सभा (World Health Assembly - WHA) ने स्ट्रोक (stroke) पर अपना पहला संकल्प (resolution) अपनाया। संकल्प सदस्य राज्यों (Member States) से स्ट्रोक को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकता (public health priority) के रूप में पहचानने और रोकथाम, तीव्र उपचार (acute treatment) और पुनर्वास (rehabilitation) में नीतियों को मजबूत करने का आग्रह करता है।
पृष्ठभूमि
स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है। इस्केमिक स्ट्रोक (ischaemic stroke) में रक्त का थक्का एक धमनी (artery) को अवरुद्ध कर देता है, जबकि रक्तस्रावी स्ट्रोक (haemorrhagic stroke) में रक्त वाहिका फट जाती है और रक्तस्राव का कारण बनती है। एक क्षणिक इस्केमिक हमला (transient ischaemic attack - TIA) एक संक्षिप्त रुकावट है जो समान लक्षण पैदा करता है लेकिन कोई स्थायी नुकसान नहीं छोड़ता है। त्वरित उपचार के बिना, मस्तिष्क की कोशिकाएं मर जाती हैं, जिससे विकलांगता (disability) या मृत्यु हो जाती है। परिवर्तनीय जोखिम कारकों में उच्च रक्तचाप, धूम्रपान, उच्च एलडीएल (LDL) कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्त शर्करा, गुर्दे की बीमारी, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, अत्यधिक सोडियम का सेवन, वायु प्रदूषण और शराब का हानिकारक उपयोग शामिल हैं। गैर-परिवर्तनीय जोखिमों में उम्र, पिछला स्ट्रोक, एट्रियल फाइब्रिलेशन (atrial fibrillation) जैसी हृदय की स्थिति और क्रोनिक किडनी रोग शामिल हैं।
संकल्प के मुख्य संदेश
- व्यापक देखभाल (Comprehensive care): संकल्प देशों से स्ट्रोक देखभाल निरंतरता (care continuum) में नीतियों को मजबूत करने का आह्वान करता है - रोकथाम और जोखिम-कारक नियंत्रण से लेकर आपातकालीन उपचार, पुनर्वास और दीर्घकालिक समर्थन तक समय पर पहुंच तक।
- तकनीकी मार्गदर्शन (Technical guidance): यह विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) से प्रभावी, साक्ष्य-आधारित (evidence‑based) हस्तक्षेपों को लागू करने में देशों की मदद करने के लिए तकनीकी सहायता प्रदान करने का अनुरोध करता है।
- वैश्विक बोझ (Global burden): स्ट्रोक हर साल लगभग 12 मिलियन लोगों को प्रभावित करता है, यह दुनिया भर में मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है और लाखों लोगों को दीर्घकालिक विकलांगता (long‑term disabilities) के साथ छोड़ देता है। संकल्प स्वीकार करता है कि निम्न- और मध्यम-आय वाले देश (low‑ and middle‑income countries) सबसे अधिक बोझ वहन करते हैं और रोकथाम में निवेश से उच्च रिटर्न मिलता है।
महत्व
यह संकल्प राष्ट्रीय स्वास्थ्य रणनीतियों में स्ट्रोक की रोकथाम और देखभाल को एकीकृत करने के लिए एक वैश्विक जनादेश प्रदान करता है। यह प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल (primary healthcare) को मजबूत करने, लक्षणों (जैसे अचानक कमजोरी, भ्रम, दृष्टि की समस्याएं, चक्कर आना और गंभीर सिरदर्द) के बारे में जन जागरूकता में सुधार करने और पुनर्वास सेवाओं का विस्तार करने पर जोर देता है। समन्वित कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध होकर, देश स्ट्रोक से होने वाली समयपूर्व मृत्यु (premature deaths) और विकलांगताओं को कम कर सकते हैं और सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) को प्राप्त करने के करीब पहुंच सकते हैं।