अंतर्राष्ट्रीय संबंध

White Phosphorus: HRW रिपोर्ट, इज़राइल और रासायनिक हथियार

White Phosphorus: HRW रिपोर्ट, इज़राइल और रासायनिक हथियार

चर्चा में क्यों?

ह्यूमन राइट्स वॉच (Human Rights Watch) ने हाल ही में इजरायली सेना (Israeli military) पर 3 मार्च 2026 को लेबनान के योहमोर (Yohmor) शहर में सफेद फास्फोरस (white-phosphorus) तोपखाने के गोले (artillery shells) का उपयोग करने का आरोप लगाया है। संगठन ने आवासीय क्षेत्रों (residential areas) में सफेद फास्फोरस को फैलाने वाले हवा-फट मुनिशन्स (air-burst munitions) को दिखाने का दावा करने वाली इमेजरी (imagery) जारी की और इजरायल (Israel) से इस तरह के हमलों को रोकने का आह्वान किया।

पृष्ठभूमि

सफेद फास्फोरस (White phosphorus) एक मोमी रसायन (waxy chemical) है जो ऑक्सीजन के संपर्क में आने पर प्रज्वलित (ignites) होता है, और 800 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान पर जलता है। इसका उपयोग आमतौर पर धुएं की स्क्रीन (smoke screens) बनाने, लक्ष्यों (targets) को चिह्नित करने या युद्ध के मैदानों (battlefields) को रोशन करने के लिए तोपखाने के गोले और बमों (bombs) में किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय कानून (international law) के तहत इसका उपयोग संकेत (signalling) या छिपाने (concealment) के लिए किया जा सकता है, लेकिन नागरिक आबादी (civilian populations) के खिलाफ इसके उपयोग पर प्रतिबंध है क्योंकि यह गंभीर जलन, श्वसन क्षति (respiratory damage) और बेकाबू आग का कारण बन सकता है।

ह्यूमन राइट्स वॉच के निष्कर्ष

  • साक्ष्य (Evidence): अधिकार समूह (rights group) ने योहमोर (Yohmor) के ऊपर तोपखाने के गोले फटने और घरों और खेतों में सफेद फास्फोरस छर्रों (pellets) को छोड़ने वाले वीडियो और तस्वीरों का विश्लेषण किया। निवासियों ने पदार्थ के गुणों के अनुरूप (consistent) आग और चोटों की सूचना दी।
  • कानूनी चिंताएं (Legal concerns): अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (International humanitarian law) आबादी वाले क्षेत्रों (populated areas) में आग लगाने वाले हथियारों (incendiary weapons) के उपयोग को प्रतिबंधित करता है। सफेद फास्फोरस त्वचा (skin) और कपड़ों से चिपक सकता है, जिससे गहरी रासायनिक जलन (chemical burns) हो सकती है जो पट्टियां हटाए जाने पर फिर से प्रज्वलित हो सकती है। धुएं (fumes) को अंदर लेने से फेफड़ों (lungs) और अंगों को नुकसान पहुंच सकता है।
  • पिछली घटनाएं (Past incidents): ह्यूमन राइट्स वॉच ने गाजा (Gaza) और लेबनान (Lebanon) में इजरायल द्वारा सफेद फास्फोरस के उपयोग के पिछले उदाहरणों का दस्तावेजीकरण (documented) किया है। इजरायल का कहना है कि इस पदार्थ का उपयोग धुएं की स्क्रीन (smoke screens) बनाने के लिए कानूनी रूप से किया जाता है, लेकिन आलोचकों (critics) का तर्क है कि आबादी वाले क्षेत्रों में इसकी तैनाती मानवीय मानदंडों (humanitarian norms) का उल्लंघन करती है।

निहितार्थ (Implications)

ये आरोप इज़राइल-लेबनान सीमा (Israel–Lebanon border) पर बढ़ती हिंसा (heightened violence) के बीच सामने आए हैं और जवाबदेही (accountability) और युद्ध के कानूनों (laws of war) का पालन करने के लिए नए सिरे से आह्वान किया है। अंतर्राष्ट्रीय दबाव (International pressure) जांच को प्रेरित कर सकता है, लेकिन संघर्ष क्षेत्रों (conflict zones) में इरादे (intent) को साबित करना और निवारण (redress) प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

स्रोत: The Hindu

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